siyol ki barf me likha naam in Hindi Love Stories by ziya books and stories PDF | सियोल की बर्फ में लिखा नाम

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सियोल की बर्फ में लिखा नाम


सियोल की सर्द रातों में बर्फ़ गिरती है — बिल्कुल वैसे ही जैसे कुछ लोग चुपचाप दिलों पर गिरते हैं, बिना आवाज़ किए, और फिर ज़िंदगी बदल देते हैं।

हान नदी के किनारे खड़ी कांग हाना अपनी उंगलियों से कोट की जेब मसल रही थी। हवा में ठंड थी, लेकिन उससे ज़्यादा ठंड उसके भीतर थी।

आज उसकी माँ की पुण्यतिथि थी। और आज ही उसे पता चला था कि जिस आर्किटेक्चर फर्म में वह पाँच साल से काम कर रही थी, वहाँ अब उसकी ज़रूरत नहीं।

“तुम बहुत ज़्यादा भावुक हो,” बॉस ने कहा था।

हाना मुस्कुरा दी थी, लेकिन अंदर कुछ टूट गया था।

वह अक्सर सोचती थी —

क्या प्यार भी नौकरी की तरह होता है?

जब मन भर जाए, तो निकाल दिया जाता है?

उसी रात, बर्फ़ के बीच, वह पहली बार ली मिन-जून से टकराई।

टकराई… सच में।

कॉफी उसके कोट पर गिर चुकी थी, और हाना घबराकर बोली,

“आई एम सॉरी—”

लेकिन सामने खड़ा लड़का चुप था। लंबा, शांत चेहरा, आँखों में अजीब-सी उदासी।

उसने धीरे से कहा,

“इट्स ओके। कॉफी से ज़्यादा गर्म कुछ था, जो गिर गया।”

हाना समझ नहीं पाई।

वह मुस्कुरा दिया।

“आपका दिल।”

उस पल, सियोल की बर्फ़ रुक-सी गई।

मिन-जून एक म्यूज़िक कंपोज़र था। कभी बहुत मशहूर, लेकिन अब…

अब वह सिर्फ़ रातों में संगीत लिखता था, उन गानों के लिए जो कभी रिलीज़ नहीं होते।

उसकी मंगेतर तीन साल पहले एक एक्सीडेंट में मर चुकी थी।

उस दिन के बाद, उसने लोगों से कम और यादों से ज़्यादा बात करना शुरू कर दिया था।

हाना और मिन-जून की मुलाक़ातें इत्तेफ़ाक़ लगती थीं, लेकिन कोरिया में कहते हैं —

इत्तेफ़ाक़ भी किस्मत की भाषा होती है।

वही कैफ़े।

वही खिड़की।

वही बर्फ़।

धीरे-धीरे बातें शुरू हुईं।

काम, सपने, डर… और वो बातें जो हम किसी को नहीं बताते।

एक रात, हाना ने पूछा,

“आप प्यार से डरते हैं?”

मिन-जून ने जवाब नहीं दिया।

उसने सिर्फ़ पियानो पर एक धुन बजाई।

हाना की आँखों से आँसू बहने लगे।

“ये… ये तो दर्द है।”

मिन-जून बोला,

“हाँ। यही मेरा प्यार है।”

हाना को पता था —

वह किसी टूटे हुए इंसान से प्यार कर रही है।

लेकिन कोरियन कहावत है —

अगर कोई टूटे हुए हाथ से भी तुम्हें थाम ले, तो उसे छोड़ना मत।

वे दोनों साथ चलने लगे।

म्यूज़िक स्टूडियो, सियोल की गलियाँ, स्ट्रीट फूड, देर रात की बातें।

लेकिन प्यार हमेशा आसान नहीं होता।

एक दिन, मिन-जून को अमेरिका से ऑफ़र मिला —

एक बड़ा प्रोजेक्ट।

वही सपना, जिसे उसने सालों पहले छोड़ दिया था।

हाना खुश दिखी।

लेकिन रात में उसने चुपचाप रोते हुए लिखा:

“अगर तुम चले गए,

तो मैं तुम्हें रोकूँगी नहीं…

क्योंकि प्यार बाँधता नहीं,

आज़ाद करता है।”

मिन-जून ने वह डायरी पढ़ ली।

उसने पहली बार चिल्लाकर कहा,

“तुम क्यों इतनी मज़बूत बनने की कोशिश करती हो?

क्या तुम्हें दर्द नहीं होता?!”

हाना ने कांपती आवाज़ में कहा,

“होता है…

लेकिन मैं तुम्हारी तरह प्यार से भाग नहीं सकती।”

वह चला गया।

सियोल में बर्फ़ फिर गिरी।

हाना ने नई नौकरी शुरू की।

ज़िंदगी आगे बढ़ी… जैसे सबकी बढ़ती है।

लेकिन कुछ प्यार समय नहीं मानते।

तीन साल बाद…

एक कॉन्सर्ट हॉल।

लाइट्स बुझीं।

पियानो की पहली धुन बजी।

हाना की साँस रुक गई।

वही धुन।

वही दर्द।

वही प्यार।

स्टेज पर ली मिन-जून था।

कॉन्सर्ट के अंत में, उसने माइक लिया।

“ये गाना उस लड़की के लिए है,

जिसने मुझे सिखाया कि प्यार छोड़ने का नाम नहीं,

लौट आने का साहस है।”

हाना रोती हुई खड़ी थी।

कॉन्सर्ट के बाद, वह बाहर बर्फ़ में खड़ी थी।

मिन-जून पीछे से आया।

“मैं देर से लौटा,” उसने कहा।

“लेकिन इस बार…

अगर तुम चाहो, तो हमेशा के लिए।”

हाना ने उसकी ओर देखा।

उसकी आँखों में अब डर नहीं था।

उसने बस इतना कहा,

“इस बार… भागना मत।”

मिन-जून ने उसका हाथ थाम लिया।

सियोल की बर्फ़ फिर गिरने लगी।

लेकिन अब… ठंड नहीं थी।

अंतिम पंक्तियाँ

कुछ प्यार

कहानियों में पूरे नहीं होते…

ज़िंदगी में पूरे होते हैं।

और यह कहानी

यहीं ख़त्म नहीं होती —

यह यहीं से शुरू होती है। ❄️❤️