“रहनान ‘KD' - एक अधूरा वादा
भाग 1: पहली मुलाक़ात, जो इत्तेफ़ाक़ नहीं थी
बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेचैन थी।
जैसे आसमान भी किसी राज़ को ज्यादा दिन तक छुपा नहीं पा रहा हो।
दिल्ली की एक पुरानी, रॉयल-सी दिखने वाली लाइब्रेरी के बाहर खड़ी अनाया जैन अपने दुपट्टे को कसकर पकड़ती है। और सफ़ेद साड़ी में लिपटी उसकी आँखों में डर नहीं था बल्कि एक अजीब-सा खिंचाव था… जैसे जैसे कोई उसे अंदर बुला रहा हो।
वो यहाँ पहली बार नहीं आई थी,
लेकिन आज…
आज कुछ अलग था।
जैसे ही उसने लाइब्रेरी का भारी सब लकड़ी का दरवाज़ा खोला—
उसकी साँस अटक गई।
वो वहाँ था।
काले सूट में, हल्की दाढ़ी, आँखों में गहराई…
ऐसी गहराई, जिसमें डूबने का मन करे पर डर भी लगे।
रहनान।
लोग उसे सिर्फ़ एक नाम से जानते थे—
“KD”
कोई नहीं जानता था कि KD का मतलब क्या है।
कुछ कहते थे— Killer Destiny
कुछ— King of Darkness
पर अनाया जानती थी…
KD का मतलब था—
“किसी का दर्द”
नज़रों की टकराहट से
रहनान की निगाहें सीधे अनाया पर आकर रुक गईं।
वो मुस्कराया नहीं।
बस देखता रहा |
और उसी एक नज़र में—
अनाया को लगा जैसे उसकी पूरी ज़िंदगी पढ़ ली गई हो।
“आप लेट हो गईं,”
उसकी आवाज़… गहरी, शांत, लेकिन खतरनाक थी |
अनाया ने नज़रें झुका लीं।
“मैं… मुझे लगा ये सिर्फ़ एक मीटिंग है।”
रहनान हल्का-सा हँसा।
“मेरे साथ कुछ भी सिर्फ़ नहीं होता, मिस जैन।”
उसने पास आकर एक फ़ाइल टेबल पर रखी।
फ़ाइल के कवर पर लिखा था—
PROJECT KD
अनाया का दिल तेज़ धड़कने लगा।
“ये क्या है?”
रहनान की उँगली फ़ाइल पर रुक गई।
“ये तुम्हारी किस्मत है।”
अनाया जैन – जो दिखती है, वो नहीं
दुनिया अनाया को एक साधारण सी राइटर समझती थी।
Cute Romance लिखने वाली,
बेस्टसेलर कहानियों की क्वीन।
लेकिन कोई नहीं जानता था कि
उसकी कहानियों के पीछे छुपा दर्द…
उसकी अपनी ज़िंदगी से निकला था।
पाँच साल पहले—
एक प्यार,
एक धोखा,
और एक रात…
जिसके बाद अनाया ने किसी पर भरोसा करना छोड़ दिया।
और अब…
KD।
रहनान ‘KD’ – प्यार से डरने वाला आदमी
रहनान की ज़िंदगी में पैसा था,
पावर थी,
नाम था।
पर दिल?
वो कहीं बहुत पीछे मर चुका था।
उसके लिए प्यार एक कमजोरी था।
और कमजोरी…
वो बर्दाश्त नहीं करता।
पर जब उसने अनाया को देखा—
तो पहली बार
उसका कंट्रोल हिल गया।
डील, जो रिश्ते में बदल सकती थी
“मैं चाहता हूँ तुम मेरे लिए लिखो,”
रहनान बोला।
“क्या?”
अनाया चौंकी।
“मेरी ज़िंदगी।”
उसकी आँखें अँधेरी हो गईं।
“मेरे सच। मेरे झूठ। मेरे गुनाह।”
अनाया ने इनकार में सिर हिलाया।
“मैं रोमांस लिखती हूँ, क्राइम नहीं।”
रहनान पास झुका।
इतना पास कि उसकी साँस अनाया की गर्दन से टकराई।
“तो फिर मेरे साथ रहो…”
“और रोमांस महसूस करो।”
अनाया का दिल बेकाबू हो गया।
पहला स्पर्श
जब रहनान ने उसका हाथ पकड़ा—
तो अनाया ने खुद को छुड़ाया नहीं।
वो स्पर्श सख़्त था,
पर उसमें दर्द नहीं था।
“अगर तुम पीछे हटीं,”
रहनान ने धीमे कहा,
“तो ये कहानी यहीं ख़त्म।”
अनाया ने उसकी आँखों में देखा।
और पहली बार—
डर के साथ एक अजीब-सा अपनापन महसूस किया।
“और अगर मैं रुकी?”
उसने पूछा।
रहनान की आवाज़ में पहली बार सच्चाई थी—
“तो बर्बादी पक्की।”
भाग 1 का अंत…
उस रात अनाया ने घर लौटकर अपनी डायरी खोली।
और पहली लाइन लिखी—
“मैं एक ऐसे आदमी से मिली हूँ,
जो खुद से भी छुपा हुआ है…
और शायद वही मेरी सबसे ख़तरनाक कहानी बनेगा।”
दूर कहीं,
रहनान अपने अंधेरे कमरे में खड़ा
एक पुरानी फोटो जलाता है—
जिसमें एक लड़की थी…
और उसके नीचे लिखा था—
“Trust killed her.”
उसने बुदबुदाया—
“अनाया… तुम मेरी कमज़ोरी मत बनना।”