Yeh Kaha Aa Gaye Hum - 1 in Hindi Thriller by Shristi Tiwari books and stories PDF | ये कहाँ आ गए हम - 1

Featured Books
Categories
Share

ये कहाँ आ गए हम - 1

रात का समय था , मुम्बई के हॉस्पिटल के एक वार्ड में एक खून से सनी हुई एक औरत को लाया गया जो कि दिखने में करीब  बाईस - तेईस साल की लग रही थी । उसने एक लाल शादी का जोड़ा पहना हुआ था । उसका चेहरा एक लाश की तरह सफेद पड़ गया था । किसीने उस औरत को पेट में चाकू मारने की कोशिश की थी और उसके सिर पर भी चोट लगी थी। वॉर्ड का दरवाजा खुलता है और थोड़ी ही देर बाद एक नर्स हाथ में एक नवजात बच्चे को लेकर बाहर आती है। वॉर्ड के बहार बैठे एक पैंतालीस वर्ष के शख्स को देख कर वो नर्स बोलती है “Congrats! लड़की हुईं है लेकिन unfortunatly खून ज़ादा बह जाने के कारण , माँ अभी भी बेहोश है । वह तो अच्छा हुआ कि आप उन्हें टाइम पर हॉस्पिटल ले आए वरना अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो उन्हें बचा पाना बहुत मुश्किल होता । और क्योंकि ये एक Attempt to Murder का केस है , तो हमें पुलिस को बुलाना होगा और FIR दर्ज करनी होगी ।” यह कह कर वो नर्स बच्ची को लेकर वहाँ से चली जाती है । कुछ घंटों बाद वहाँ  पर पुलिस आती है और उस आदमी और doctors से पूछ ताछ करने लगती है । एक  पुलिस ऑफिसर उस आदमी से पूछता है “तो आपके अकॉर्डिंग यह लड़की आपको घायल हालत में पुराने highway के पास मिली थी । क्या मैं जान सकता हूं कि आप उस Highway पर आखिर क्या कर रहे थें? ” वह आदमी रिप्लाई देते हुए कहता है “जी मैं एक बिजनेसमैन हूँ। ये रहा मेरा कार्ड ” और यह बोलते हुए वो अपना कार्ड आगे बढ़ा देता है , और आगे बताता है “मैं एक मीटिंग खत्म करके , अपने घर के लिए रवाना हुआ था । जब मैं पुराने highway के थोड़े सुन - सान  रास्ते पर पहुँचा तब मैने नोटिस किया कि सड़क के बीच में कोई जख्मी हालत में पड़ा हुआ था । तब मुझे ये लड़की मिली और मैं जल्द से जल्द इन्हे हॉस्पिटल ले आया।"   उस आदमी की बातें सुन कर वो पुलिस ऑफिसर अपना सिर हिलाते हुए कहता है “जी ठीक है , हमने आपका बयान दर्ज कर लिया है । लेकिन जब तक हम लड़की के होश में आने के बाद , लड़की का बयान दर्ज नहीं कर लेते , तब तक आप इस शहर को छोड़ कर नहीं जा सकते ” यह बोल कर वो पुलिस वाला वहाँ से चला जाता है ।

तीन दिन बाद : उस लड़की की आँखें खुलती हैं। अपने आप को हॉस्पिटल में मशीनों से घिरा पा कर वो लड़की एकदम shocked रह जाती है । उसकी आँखें खुलते ही डॉक्टर्स और नर्सेज उसकी तबियत के बारे में जानकारी हासिल करने पहुँच जाते हैं। कुछ टेस्ट्स और बातें करने के बाद डॉक्टर उस लड़की के हाथों में उसकी नवजात बेटी को थमाते हुए कहती है “यह रही आपकी नन्हीं सी गुड़िया। हमने पुलिस को इनफॉर्म कर दिया है, वो लोग आपका बयान दर्ज करने आते ही होंगे ।" पुलिस का नाम सुन कर उस लड़की का चेहरा एकदम से सफेद पड़ जाता है । अपने चेहरे पे आ रहे भावों को छुपाते हुए उस लड़की ने अपनी बेटी को गोदी में लिया और अपनी बेटी के मुस्कुराते हुए चेहरे को देख कर उस लड़की के भी चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कान तौर गई जैसे मानो की उसके साथ कभी कोई दर्दनाक हादसा हुआ ही नहीं था। लेकिन अचानक से उस लड़की के चेहरे के भाव मायूसी में बदल गए और उसकी आँखों से एक आसूँ की बूंद उसकी ठोड़ी से होते हुए चादर पर जा गिरी ।

कुछ देर बाद पुलिस उस लड़की का बयान दर्ज करने के लिए पहुंचती है । एक ऑफिसर उस लड़की से पूछता है “जी आपका नाम , कॉन्टैक्ट इन्फॉर्मेशन और उम्र बताइए?”

“जी मेरा नाम मोना है और मेरी उम्र तेईस साल है। ” ये बोल कर वो लड़की अचानक से गुम सम हो गई और उसके चेहरे पर उदासी छा गई ।”

“जी आपके पति नाम और एड्रेस बताइए।”अपने चेहरे पर उदासी के साथ मोना बोली “मेरे पति नहीं है और मेरा कोई घर भी नहीं है।”

यह सुन कर उस पुलिस ऑफिसर की भौहें तन गई। देखने पर तो वह लड़की अच्छे घर की लग रही थी । आखिर कोई बेघर ऐसा कैसे दिख सकता था। पुलिस ऑफिसर ने अपनी पूछ-ताछ जारी रखते हुए पूछा “तो आपका कोई तो होगा , कोई भी फैमिली मेंमबर, दोस्त या रिश्तेदार? ”उस लड़की ने ना में अपना सिर हिला दिया और अपनी नजरें नीचे कर ली।”

“जी तो क्या आपको यह याद है कि आखिर आपके साथ उस रात  हुआ क्या था? किसने आपको जान से मारने की कोशिश की थीं? क्या आप उन लोगों को पहचान सकतीं हैं? ”पुलिस ऑफिसर का सवाल सुन कर मोना के चेहरे पर दहशत सी फ़ैल गई। उसने अपने कंधे उचकाते हुए कहा “जी मैं नहीं जानती कि वे लोग कौन थें ? उनके चेहरे काले कपड़ों से ढके हुए थें? ”

यह बोल कर मोना के पूरे बदन में एक सिहरन सी दौड़ गई और उसकी आँखों के सामने उस रात का भयानक मंजर छा गया ।

फ्लैशबैक :

दुल्हन के जोड़े में मोना शादी के मंडप पर किसी का इंतजार कर रही थी तभी वहाँ हरि शर्ट और काली जीन्स पहने एक लड़की कुछ  हट्टे कट्टे मुशदंडों आईं। उस लड़की को देख कर मोना हक्की बक्की रह गई। “तुम! आखिर तुम यहाँ क्या कर रही हो ? और अरमान जी कहाँ हैं ? ” मोना ने आवाज ऊंची करते उस लड़की से पूछा।  “हां हां हा…!” तभी वो लड़की मुँह पर हाथ रख कर हस्ते हुए बोली “तुझे क्या लगता है कि तुझ जैसी सड़क -छाप लड़की से अरमान भाई जैसा आदमी शादी कर लेगा? इसीलिए कहते है लोगों को सपने भी औकात देख कर देखने चाहिए। ”  यह बोल कर वो लड़की ताली बजा -बजा कर जोर -जोर से हसने लगती है । उस लड़की की कड़वी बातें सुन कर मोना का खून खैलने लगता है और मोना मुठ्ठी बिछ लेती है। “चटाक!” तभी शादी के मंडप में चांटे कि ज़ोरदार आवाज गुंज उठती है। “रूही ! अपनी हद में रहो, अगर अरमान जी को पता चला कि मुझे तुमने क्या बोला है तो वह तुम्हारा क्या हाल करेंगे तुम सोच भी नहीं सकती।” मोना आग बबूला हो कर बोलती है। थप्पड़ की वजह से रूही का चेहरा दुसरी तरफ घुम गया , उसके होंठों के कोने से खून की एक बूंद गिरी और उसका गाल पूरी तरह लाल हो गया। मोना की पाँचों उंगलियों के निशान रूही के चेहरे पर छप चुके थें।

अपने हाथों से अपने गाल को सहलाते हुए रूही ने अपना चेहरा उठाया और अपनी होठों के कोने पे लगे हुए खून को पोंछ कर उसे एक नजर देखा फिर अचानक से उसने मोना के बल्लों को पकड़ के नोचना शुरू कर दिया । “आह! आह!...!!” मोना दर्द में कस मसा रही थी । “अबे कमिनी! अरमान भाई ने तुझे सिर पर चढ़ा क्या लिया, तू तो अपनी औकात ही भूल गईं, साली हरामजादी! ” “आह!आह!” रूही ने मोना के बालों को और मजबूती से खींचते हुए आगे कहा “कमिनी, मेरी बात ध्यान से सुन , अरमान भाई कल ही स्विट्जरलैंड जा रहे हैं , और अब उन्हें तुझ जैसी लड़की से शादी करने में कोई इंट्रेस्ट नहीं है । वह स्विट्ज़रलैंड जा कर चाचा जी की पसंद की लड़की सी ही शादी करेंगे ” रूही ने मोना की ठोड़ी को दबाते हुए बोला।

“नहीं! ये नहीं हो सकता। मेरे अरमान जी मुझे छोड़ कर किसी और से शादी कर ही नहीं सकते। ” मोना में रूही के पेठ पर अपनी कोहनी से वार करते हुए अपने आप को छुड़ाया ।

रूही एक शैतानी हसी के साथ बोली “अगर तुझे  विश्वास नहीं हो रहा तो तू अरमान भाई को भी फोन करके पूछ सकती है । ”

मोना हड़बड़ाते हुए अरमान को फोन लगाती है । तीन बार तो कॉल कट हो जाता है लेकिन चौथी बार दूसरी तरफ से एक भारी मर्दानी आवाज आती है “मुझे बार बार फोन करके  परेशान करना बंद करो! रूही ने तो तुम्हे सब कुछ बता ही दिया होगा। मैं तुमसे शादी नहीं करने वाला । ” इससे पहले मोना कुछ और बोल पाती या रिएक्ट कर पाती दूसरी तरफ से फोन कट जाता है ।

रूही के चेहरे पर एक शैतानी मुस्कान उभर आई । मोना अभी भी shock में थी उसे यह विश्वास नहीं हो रहा था कि अरमान ऐसा कुछ कर सकता है। मोना अरमान की आवाज पहचानने में कभी गलती नहीं कर सकती थी । यह आवाज और किसी की नहीं बल्कि अरमान की ही थी । अरमान की आवाज सुनकर मानों उसके पैरों तले जमीन ही घिसक गईं । इससे पहले कि वह कुछ और सोच समझ पाती उसे अपने पेट पर एक तेज दर्द महसूज हुआ और उसके पेठ से खून गिरने लगा और वह धड़ाम से जमीन पर गिर गई जिससे उसके सिर पर भी चोट लग गई। रूही ने मोना पर चाकू से वार किया था। “हां! हां! हां! ये सब मैंने अरमान भाई के कहने पर किया, और अगर तु  बच भी गई तो पुलिस तो अपनी जेब में है , तु हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पागी।”

मोना की आँखों के सामने अंधेरा सा छाने लगा और वह बेहोश हो गई ।

Back To The Present:

मोना पुलिस को अपनी मनगढ़द कहानी सुनाती है जबकि असल में उसे यह भी पता नहीं था कि वो उस highway पर पहुंची कैसे क्योंकि वह तो पहले ही बेहोश हो गई थी । …………………………………………………

आखिर कौन थी मोना? क्या संच में अरमान ने मोना के पीठ में चाकू घोंपा था? आखिर क्या रिश्ता था रूही का अरमान और मोना के साथ?आखिर मोना ने पुलिस से सच क्यूँ छिपाया?

जानने के लिए पढ़ते रहे “ये कहाँ आ गए हम”