Gemstone - 2 in Hindi Fiction Stories by mayur dagade books and stories PDF | जेमस्टोन - भाग 2

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जेमस्टोन - भाग 2

Page 12 

अमन: अमर, ये सब क्या हो रहा है? ये लोग कौन हैं? और ये पत्थर जैसी चीज़ हमारे सीने से कैसे चिपक गई है? 

अमर: मुझे भी उतना ही पता है जितना तुम्हें। हाँ, इतना कह सकता हूँ कि ये कोई जादू जैसी चीज़ लग रही है... जो हमारे आने का इंतज़ार कर रही थी।

(तभी जॉन और सारा उनके पास आते हैं।)

जॉन: ये कोई जादू नहीं है, ये एक साइंस है। ये स्टोन ऐसे एलिमेंट से बना है जो तुम्हारे भीतर के अच्छे गुणों को पहचानकर अपनी ताकत देता है। 

सारा: आसान भाषा में कहें, तो जो जितना अच्छा होता है — वो उतना ही ताकतवर बनता है। 

जॉन: ये पत्थर तुम्हारे अच्छे इमोशन्स को पहचानकर उसके बदले तुम्हें ताकत देता है — ऐसी ताकत जो तुम्हें एक आम इंसान से कई गुना बेहतर और शक्तिशाली बना देती है।

अमन: क्या मज़ाक है! तुम्हें लगता है हम तुम्हारी बातों पर यकीन करेंगे? 

अमर: तुम्हारी चाल-ढाल तो ठीक है, वरना तुम्हारी बातें किसी पागल से कम नहीं लगतीं।

जॉन: हमारा विश्वास करो लड़कों, हम तुम्हारी दुनिया के नहीं हैं। 

सारा: हमारे कई साथी और परिवारवाले इस स्टोन की वजह से मारे गए हैं।

अमन: तो तुम एलियन हो? यानी टीवी पर जो दिखा रहे थे, वो सच था? 

अमर: लेकिन एलियन तो थोड़े अलग होते हैं — तुम तो बिल्कुल इंसान लग रहे हो।

(तभी जॉन अपना असली रूप दिखाता है — एक पानी जैसा गाढ़ा हरा द्रव, जिसका कोई ठोस आकार नहीं था और फिर वापस अपने मानव रूप में आ जाता है।)

 

Page 13 

(तभी डेविल ने शागदी को इशारा किया। शागिर्द अमन और अमर की ओर बढ़ता है।)

शागिर्द: ये जेमस्टोन हमारे हवाले कर दो लड़कों, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा। 

जॉन: नहीं! ये जेमस्टोन इनके हाथों में मत पड़ने देना, वरना सब खत्म हो जाएगा। 

शागिर्द: अब लड़ाई के लिए तैयार हो जाओ!

(इतना कहकर शागिर्द अपने दोनों हाथों से ऊर्जा उत्पन्न करता है और अमन व अमर की ओर बढ़ता है। जैसे ही वो हमला करता है, दोनों बचने के लिए एक तरफ कूदते हैं।)

(अमन बिना सोचे-समझे शागिर्द पर हमला कर देता है। शागदी और अमन के बीच मुक्कों और लातों की लड़ाई शुरू हो जाती है। अमन कोई पेशेवर फाइटर नहीं था, फिर भी वह शागिर्द के हर वार को रोक भी रहा था और पलटवार भी कर रहा था।)

(यह देखकर अमर सोच में पड़ जाता है कि बिना ट्रेनिंग के भी अमन इतनी अच्छी लड़ाई कैसे कर पा रहा है। उसे महसूस होता है कि जेमस्टोन जो अमन के सीने से चिपका है, वही उसकी मदद कर रहा है।)

(अमर, जॉन और सारा से बात करता है:)

अमर: क्या तुम सच कह रहे हो — कि ये स्टोन किसी को भी ताकतवर बना सकता है? 

जॉन: ये स्टोन किसी को भी ताकतवर नहीं बनाता, ये सिर्फ़ चुने हुए लोगों को ही ताकतवर बनाता है — जैसे कि तुम दोनों। 

अमर: लेकिन हम ही क्यों? 

सारा: इसका जवाब हमारे पास भी नहीं है। लेकिन अब तुम दोनों ही हो जो इन्हें रोक सकते हो।

अमर: इस स्टोन की ताकत क्या है, और इसे कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है? 

जॉन: फोकस करो।

(तभी डेविल अमर की ओर बढ़ता है। उसे देखकर अमर स्टोन पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करता है। हल्की-सी ऊर्जा स्टोन से होती हुई अमर के हाथों तक आती है और तुरंत गायब हो जाती है। ये देखकर डेविल रुक जाता है।)


Page 14 


जॉन: इतने से काम नहीं चलेगा, और ध्यान लगाओ!


(यह सुनकर अमन और अमर दोनों जेमस्टोन पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

धीरे-धीरे ऊर्जा दोनों के स्टोन से होती हुई उनके हाथों तक आती है।

यह देखकर जॉन चिल्लाता है —)


जॉन: वार करो!


(दोनों एक साथ अपने हाथों से ऊर्जा डेविल और शागिर्द पर फेंकते हैं, जिससे दोनों दूर जाकर गिरते हैं।)


डेविल: बस हुआ ये बच्चों का खेल?

ये स्टोन चुपचाप दे दो वरना असली लड़ाई के लिए तैयार हो जाओ।


अमन: लड़ने का इतना ही शौक है तो आ जाओ, यूँ ही हवा में बातें मत बनाओ।

डेविल: मुझे मत ललकारो लड़के! मैं तुम्हें मिट्टी में मिला दूंगा।


(और अमन और डेविल की लड़ाई शुरू होती है।

दोनों एक-दूसरे की ओर बढ़ते हैं।

उधर अमर और शागिर्द एक-दूसरे को हराने के लिए तैयार खड़े हैं।)


(जैसे ही डेविल वार करता है, अमन उसे रोक देता है।

और जैसे ही अमन वार करता है, डेविल उसे रोक देता है।)


(इसके बाद गुस्से में आकर डेविल अपना खंजर निकालता है और उससे तेज़ ऊर्जा निकालकर अमन को कोसों दूर फेंक देता है।

ये देखकर अमर उसकी ओर दौड़ता है, लेकिन डेविल बीच में उसे रोकता है और उस पर खंजर चला देता है।)


(जैसे ही अमर ज़ख्मी होता है, उसकी ताकत डेविल के शरीर में जाने लगती है और वह कमज़ोर पड़ने लगता है।

फिर डेविल अमर को उठाकर शागिर्द को इशारा करता है और दोनों अमर को लेकर वहाँ से चले जाते हैं।

अमन उठने की नाकाम कोशिश करता है, लेकिन गिर जाता है।)

 

Page 15 

अगले दिन – अस्पताल में

(अमन अस्पताल के बेड पर घायल हालत में लेटा हुआ है। जॉन और सारा पास में बैठे हैं।)

सारा: ये सब हमारी वजह से हुआ है। अगर हम जेमस्टोन धरती पर नहीं लाते, तो ये बच्चे इस खतरे में न पड़ते। 

जॉन: इसके लिए खुद को दोष मत दो, सारा। ये तो इनकी किस्मत में लिखा हुआ था।

सारा: हम अपने साथियों के साथ कई बार पृथ्वी पर आ चुके हैं, लेकिन डेविल ने इस जगह को कैसे ढूंढ निकाला — ये समझ से परे है। 

जॉन: वो सब बाद में पता लग जाएगा। पहले इसका होश में आना ज़रूरी है।

(तभी अमन होश में आता है।)

सारा: देखो जॉन, ये होश में आ गया है। अब तुम्हें कैसा लग रहा है? 

अमन: बहुत ही बुरा सपना देखा मैंने। 

जॉन: सपना? वो कोई सपना नहीं था, बच्चे — वो सचमुच की लड़ाई थी। 

अमन (घबरा कर): क्या तुम सच कह रहे हो? इसका मतलब अमर की जान को खतरा है! मुझे उसे जल्दी ढूंढना होगा!

जॉन: जल्दबाज़ी मत करो। हमें सोच-समझकर प्लान करना चाहिए। 

अमन (गुस्से में): आप मुझे मत सिखाइए कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं। आपकी वजह से मेरा भाई मुसीबत में है। अगर उसे कुछ हुआ तो मैं आप दोनों को नहीं छोड़ूंगा!

जॉन: देखो, जितनी मुश्किल में तुम हो, उतने ही परेशान हम भी हैं। और डेविल तुम्हारा नहीं — सबसे पहले हमारा दुश्मन है। इसलिए तुमसे ज़्यादा जल्दी हमें है उसे ढूंढने की।

सारा: क्यों ना हम मिलकर काम करें, ताकि तुम अपने भाई तक पहुँच सको और हम जेमस्टोन तक।


Page 16 

अमन: सारे फसाद की जड़ ये पत्थर है... तो मैं इसे ही खत्म कर देता हूँ! 

जॉन: ये खत्म होने वाला नहीं है। ये एक बेहद ताकतवर हथियार है जिसकी मदद से तुम कुछ भी कर सकते हो। और याद रखो — इसने तुम्हें चुना है। 

अमन: मुझे कुछ नहीं पता! बस इतना बता दो कि मेरा भाई अमर कहाँ है। या फिर ये बताओ कि वो दोनों बदमाश कहाँ मिलेंगे — मुझे उन्हें सबक सिखाना है।

सारा: तुम्हें सब पता चल जाएगा, बस अपने गुस्से पर काबू रखो। 

जॉन: सारा, इसे थोड़ी ट्रेनिंग देनी होगी। 

अमन: ट्रेनिंग? किस बात की ट्रेनिंग? मेरे पास उतना समय नहीं है। जल्दी बताओ वो कहाँ मिलेंगे! 

जॉन: मेरी बात सुनो — ये ऐसे काम नहीं करेगा। जब तक तुम अपना पूरा ध्यान इस पत्थर पर नहीं लगाओगे, ये तुम्हारी कोई मदद नहीं करेगा — न अपने भाई को ढूंढने में, और न ही डेविल व शागदी को हराने में।

सारा: और घबराना मत। जब तक जेमस्टोन का एक हिस्सा तुम्हारे पास है, वो तुम्हारे भाई को कुछ नहीं होने देगा। 

अमन: पर मैं तुम्हारा यकीन क्यों करूँ? 

जॉन: क्योंकि हम ही तुम्हें यहाँ तक लाए हैं। और हाँ — तुम्हारे पास और कोई रास्ता भी नहीं है। 

अमन: ठीक है, बताओ — क्या करना है? 

जॉन: तुम्हें और कुछ नहीं करना, बस ध्यान लगाना है इस जेमस्टोन पर और इसे ऑर्डर देनी है। 

अमन: पहले यहाँ से चलो, फिर देखते हैं।

(सभी अस्पताल से बाहर निकल जाते हैं।)


Page 17 (सुधारित)

(उधर डेविल और शागिर्द एक सुनसान इलाके में अपने स्पेसशिप में हैं। अमर एक बेहद मजबूत जादुई बॉक्स में कैद है। उसे यातना दी जा रही है — कभी जहरीली गैस छोड़ी जा रही है, तो कभी बिजली का झटका दिया जा रहा है।)

डेविल: इसे इतना तड़पाओ कि ये खुद अपने हाथों से जेमस्टोन हमें दे दे। (शागिर्द अमर के बॉक्स में जहरीली गैस छोड़ता है। अमर अपनी पूरी ताकत खो चुका है।)

डेविल: इसे और तड़पाओ, ताकि दोबारा कोई हमारे खिलाफ जाने की हिम्मत ना करे। ( शागिर्द उसे बिजली का झटका देता है और अमर बेहोश हो जाता है। उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है — वो अपनी आँखें तक नहीं खोल पा रहा, लेकिन उसकी साँसे अब भी चल रही थीं।)

डेविल: इसका काम तो खत्म हो गया, अब दूसरे की बारी। शागिर्द ध्यान रखना होगा कि जॉन और सारा हमें ढूंढ न सकें। तब तक मैं इसके जेमस्टोन को निकालने की तरकीब सोचता हूँ।

(डेविल की नजर काले पत्थर पर जाती है।)


Page 18 

(यहाँ जॉन और सारा, अमन को ध्यान लगाना सिखा रहे होते हैं। अमन एक सुनसान जगह पर जेमस्टोन पर ध्यान लगाकर निशाना साधने की कोशिश करता है, लेकिन निशाना चूक जाता है।)

सारा: तुम्हें और ज़्यादा ध्यान लगाना पड़ेगा, अमन। इसके बिना तुम डेविल को हरा नहीं पाओगे। 

जॉन: बस यूँ समझो कि तुम्हारा सीना एक हथियार जैसा है, और उसकी मदद से तुम निशाना लगा रहे हो — जैसे बंदूक से लगाते हैं।

अमन: मैं कोशिश कर रहा हूँ... लेकिन मेरे दिमाग़ में तरह-तरह के ख्याल आ रहे हैं। 

सारा: कैसे ख्याल, अमन? 

अमन: मैं अमर के बारे में सोच रहा हूँ। न जाने किस हाल में होगा... या उस दरिंदे ने उसके साथ...

(इतना कहकर अमन चुप हो जाता है। जॉन उसके करीब आता है, उसके कंधे पर हाथ रखकर हौसला देता है।)

जॉन: देखो अमन, तुम्हारे भाई को कुछ नहीं होगा। जब तक जेमस्टोन उसके पास है — डेविल क्या, कोई भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

अमन: क्या तुम मुझे अभी इसी वक्त उसके पास नहीं ले जा सकते?

जॉन: हमने कोशिश की थी काले पत्थर को ढूंढने की, लेकिन शायद डेविल नहीं चाहता कि हम उसके पास पहुँच सकें। सारा: पर वो ऐसा ज़्यादा दिन तक नहीं कर पाएगा। कभी न कभी उसकी ताकतें कमजोर पड़ेंगी — और हम उसे ढूंढ लेंगे। अमन: क्या तुम यकीन से कह सकते हो कि जेमस्टोन अमर की हिफ़ाज़त करेगा? और उसे किसी भी तरह की तकलीफ़ नहीं होगी? 

जॉन: हमारा विश्वास करो — उसे कुछ नहीं होगा।

Page 19

यहाँ डेविल काले पत्थर के साथ कुछ छेड़छाड़ कर रहा था। उसने काले पत्थर को अपने खंजर से निकलने वाली ऊर्जा से गोल बना दिया।

डेविल: अब आएगा मज़ा। शागदी, ज़रा इसे पिंजरे से बाहर निकालो। शागदी: जी आका, अभी निकालता हूँ।

शागदी अमर को एक जादुई बॉक्स से बाहर निकालता है। अमर में इतनी ताकत नहीं बची कि वह ठीक से खड़ा भी हो पाए। वह शागदी के सहारे ही खड़ा था।

शागदी ने उसे लिटाया और डेविल उसके सिर के पास कुछ प्रयोग करने लगा।

शागदी: काले पत्थर से क्या होगा, आका? डेविल: ये काला पत्थर अब इसे हर बार गलत राह चुनने को मजबूर करेगा। भले ही हम जेमस्टोन को खत्म न कर सकें, लेकिन उसके दो टुकड़ों को आपस में लड़वाकर उसकी ताकत को बेकार बना देंगे।

शागदी: मतलब अब ये दोनों भाई आपस में ही लड़कर एक-दूसरे को खत्म कर देंगे? डेविल: अभी नहीं। अभी एक काम बाकी है। बस जैसे ही ये होश में आएगा, इसके मन में इसके भाई के बारे में शंका भरनी होगी।

डेविल: इसे ज़रा होश में लाओ... फिर देखना मेरे दिमाग का खेल।

शागदी अमर को होश में लाता है। अमर होश में आता है।

Page 20

डेविल: हमें लगा था तुम्हारा भाई तुम्हें बचाने ज़रूर आएगा, लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी वो तुम्हें ढूंढने नहीं आया। अमर: वो आएगा... ज़रूर आएगा... और मुझे यहाँ से छुड़ाएगा। डेविल: कहीं ऐसा तो नहीं कि वो तुम्हारे साथ चीज़ें बाँटना नहीं चाहता, और उसने तुम्हें यहाँ मरने के लिए छोड़ दिया है? अमर: नहीं! वो ऐसा नहीं कर सकता! वो मेरा भाई है। वो मेरे लिए कुछ भी कर सकता है। डेविल: अगर ऐसा है तो उसे अब तक आ जाना चाहिए था। जॉन और सारा को तो पता है कि काले पत्थर को कैसे ढूंढा जाता है — फिर अब तक क्यों नहीं पहुँचे?

शागदी: ये भाई-भाई कुछ नहीं होता! मेरा भी एक भाई था जो मुझसे बेहद प्यार करता था, पर न जाने क्यों उसकी नीयत में खोट आ गई और वो मुझसे अलग हो गया। शायद किसी लड़की की वजह से या माँ-बाप के प्यार को न बाँटना पड़े इसलिए।

डेविल: कहीं ऐसा तो नहीं कि तुम्हारा भाई भी तुमसे पीछा छुड़ाना चाहता हो? इसलिए तुम्हें बचाने नहीं आया?

अमर: तुम दोनों अपनी बकवास बंद करो! तुम हमारे प्यार को नहीं समझते! वो किसी भी वक्त यहाँ आ सकता है!

शागदी: प्यार को नफरत में बदलते देर नहीं लगती। देखना, एक दिन तुम्हारा भी प्यार नफरत में बदल जाएगा।

डेविल: छोड़ो शागदी, इसमें इस बेचारे की क्या गलती? ये तो भोला है। इसके पीछे समय बर्बाद करने से अच्छा है हम खुद जाकर उन्हें ढूंढें और खत्म कर दें।

(दोनों वहाँ से चले जाते हैं।)