Shoharat ka Ghamand - 103 in Hindi Women Focused by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 103

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शोहरत का घमंड - 103

घर खाली देख कर आलिया बहुत ही परेशान हो जाती हैं। वो आस पास के लोगों से पूछती हैं, मगर किसी को कुछ भी पता नहीं होता है।

तभी वो कामवाली जो आलिया की मम्मी को कमरा दिलवाती है, वो आलिया के पास आती हैं और बोलती है, "मेम आप किसको ढूंढ रही हो ??????

तब आलिया बोलती है, "वो लोग जो इस कमरे में रहते थे, कहा गए हैं, आपको कुछ पता है उनके बारे मे "।

तब वो कामवाली बोलती है, "अरे मैने ही तो उन्हें कमरा दिलवाया है अपने यहां पर "।

तब आलिया बोलती है, "आपने उन्हें कहा पर कमरा दिलवाया है "।

उसके बाद वो कामवाली आलिया को वहां का एड्रेस देती हैं।

उधर आर्यन के घर में सभी नाश्ता कर रहे होते हैं।tab आर्यन के डैड बोलते हैं, "आर्यन तुम कब सुधरोगे"।

तब आर्यन बोलता है, "अब क्या किया है मैने डैड ?????

तब आर्यन के डैड बोलते हैं, "तुमने कल क्या किया था उस लड़की के साथ "।

तब आर्यन बोलता है, "डैड वो आपका प्रॉब्लम नहीं है"।

तब आर्यन के डैड चिल्ला कर बोलते हैं, "बकवास बंद करो अपनी, अगर उस लड़की को कुछ हो गया तो फिर क्या होगा..... कुछ सोचा है तुमने"।

तब आर्यन बोलता है, "डैड उसे कुछ भी नहीं होगा आप परेशान मत हो, बस कुछ ही दिनों की बात है "।

तब आर्यन के डैड बोलते हैं, "तुम उसे उसके घर क्यों नहीं छोड़ कर आ जाते हो "।

तब आर्यन बोलता है, "डैड बस कुछ ही दिनों की तो बात है "।

तब आर्यन के डैड गुस्से में बोलते हैं, "मुझे वो लड़की एक दिन के लिए भी नहीं चाहिए इस घर में, जहां से उसे ले कर आए हो, उसे वही पर ले जा कर छोड़ दो" ।

आर्यन कुछ भी नहीं बोलता है, बस चुप चाप नाश्ता कर रहा होता है।

उधर आलिया एड्रेस पूछते पूछते घर तक पहुंच जाती हैं। और दरवाजा बजाती है। तभी अंदर से मीनू आती है। मीनू को देख कर आलिया बहुत ही खुश हो जाती हैं। मीनू भी आलिया को देख कर बहुत ही खुश हो जाती हैं और बोलती है, "दीदी.......

तभी उसके पापा बोलते हैं, "कौन आया है बेटा "।

तभी आलिया अंदर जाती हैं। उसे देख कर उसके पापा बहुत ही गुस्सा होते है और बोलते हैं, "तुम यहां पर क्या करने आई हो अब"।

ये सुनते ही आलिया की आंखों में आंसू आ जाते हैं और वो बोलती है, "पापा मैं आप से मिलने आई हूं"।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "मत कहो तुम मुझे पापा, मैं तुम्हारा कोई नहीं हु, तुमने तो मुझे उसी दिन मार दिया था"।

तब आलिया बोलती है, "पापा ऐसा मत बोलिए "।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "तुम क्यों आई हो यहां पर, इतना कुछ करने के बाद भी तुम्हे चैन नहीं मिला, जो दोबारा आ गई हो यहां पर, तुम क्या देखने आई हो कि मैं मरा हू या नहीं अभी तक"।

तब आलिया रोते हुए बोलती है, "पापा आप ऐसा क्यों बोल रहे हैं, पापा आप तो मुझ से बहुत प्यार करते हैं न, तो फिर मुझे माफ कर दीजिए, गलती तो सब से होती हैं, मुझ से भी हो गई "।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "मुझे तुम से कोई नहीं करनी है तुम जाओ यहां से और आइंदा यहाँ पर वापस मत आना "।

तब मीनू बोलती है, "दीदी पापा बहुत गुस्से में हैं, आप प्लीज यहां से चली जाओ, वरना इनकी तबियत खराब हो जाएगी, और मम्मी भी घर पर नहीं है मैं अकेली क्या करूंगी "। 

मीनू की ये बाते सुन कर आलिया उसकी तरफ देखने लगती है और बोलती है, "तुम भी मुझे जाने के लिए बोल रही हो "।

तब मीनू बोलती है, "मैं क्या करु दीदी, मैं मजबूर हूं, आपको ये सब पहले सोचना चाहिए था न, कि आपकी इस चोरी चुपके की शादी से मम्मी पापा पर क्या गुजरेगी"।

मीनू की बाते सुन कर आलिया के पास बोलने के लिए कोई शब्द ही नहीं होता है इसलिए वो वहां से चुप चाप आ जाती हैं................