Shoharat ka Ghamand - 57 in Hindi Fiction Stories by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 57

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शोहरत का घमंड - 57

आर्यन ये सुनते ही खुश हो जाता हैं और जल्दी से तैयार होने के लिए चला जाता हैं।

उधर आलिया अबीर के साथ जा रही होती हैं। तभी अबीर की कार बीच में ही रुक जाती है और सब परेशान हो जाते हैं।

तब अबीर बोलता है, "परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है मै देखता हूं अभी इसे"।

उसके बाद अबीर कार को ठीक करने लगता है।

उधर आर्यन भी जल्दी से तैयार हो जाता हैं। और वो सब भी जल्दी से निकल जाते है।

अबीर की कार भी ठीक हो जाती हैं और सब खुश हो जाते हैं।

उधर आलिया की मम्मी आलिया के पापा से बोलती है, "मुझे तो बड़ा ही अजीब सा लग रहा है और बड़ी ही घबरहाट हो रही है, मेरी तीनो बच्ची अकेली गई है"।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "घबराओ मत, नरेश के घर ही गई कही किसी अजनबी के घर नही गई है"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "दीदी भी बार बार कॉल कर रही है"।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "करने दो उन्हे कॉल, तुम उठाना मत, मेरी बेटियां मेरी आन बान और शान है ये मेरे ऊपर कोई बोझ नहीं है, हा अभी मैं थोड़ा लाचार ज़रूर हू, मगर मैं अपनी लाचारी का फायदा किसी को उठाने नही दूंगा"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "दीदी हमारे बारे में पूरे खानदान में कैसी कैसी बाते कर रही है आप जानते भी है"।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "क्या बोल रही है"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "वो सबको ये बोल रही है कि, अब हम अपनी बेटि की शादी नही करेंगे क्योंकि अब आलिया कमाने जो लगी है, और हमारे अंदर लालच पैदा हो गया है और हम अब अपनी बेटी की कमाई खायेंगे इसलिए हम उसकी शादी नही कर रहे हैं "।

तब आलिया के पापा बोलते हैं, "थोड़ी सी मुसीबत क्या आई है मुझ पर, इन सब ने तो मेरा मजाक बनाना शुरु कर दिया है, मगर मैं भी इतना कमजोर नही हु, मैं किसी की भी बातो में नही आऊंगा और अपनी बेटियो को जबरदस्ती किसी भी राह चलते से शादी नही कर दूंगा "।


उधर आलिया नरेश अंकल के घर पहुंच जाती है। तभी आर्यन भी वहा पर पहुच जाता हैं।

आर्यन फिर से आलिया को अबीर के साथ देख लेता है, मगर वो इस बार कुछ भी नही बोलता है क्योंकि उसके मॉम और डैड साथ में होते है।

आलिया अंदर चली जाती है और उसके बाद आर्यन भी"।

ईशा और मीनू दुल्हन के पास जा कर बैठ जाते है और आलिया नरेश अंकल और इनकी बीवी की मदद करने लगती हैं।

आर्यन अपने मॉम और डैड के साथ आराम से बैठा रहता है। तभी आर्यन की मॉम आलिया को देख कर बोलती है, "ये लड़की कोन है, मैं कब से देख रही हूं इसे, ये काम करने में लगी हुई है और कितनी प्यारी भी है"।

तब आर्यन के डैड बोलते हैं, "मेने आपको बताया नही था इसके बारे में ये वही है आलिया"।

तब आर्यन की मॉम बोलती है, "ये है आलिया, आपने जितना इसके बारे में बताया था ये तो उससे भी ज्यादा मुझे अच्छी लग रही है, मै मिलना चाहती हूं इससे"।

तब आर्यन के डैड बोलते हैं, "अच्छा ठीक है मैं अभी बुलाता हूं इसे"।

उसके बाद आर्यन के डैड नरेश अंकल को बोलते हैं और वो आलिया को भेज देते हैं।

आलिया वहा पर आ कर, आर्यन के मॉम और डैड को नमस्ते बोलती है।

आलिया को देख कर आर्यन की मॉम बहुत ही खुश होती है और बोलती है, "बेटा तुम कितनी प्यारी हो और कितना मीठा बोलती हो, तुम अकेली ही आओ हो तुम्हारे घर वाले नही आए"।

तब आलिया बोलती है, "जी मै अपनी बहनों के साथ आई हू और पापा तो आ नही सकते हैं और मम्मी उनके पास ही है, उनकी देखभाल के लिए"।

तब आर्यन की मॉम बोलती है, "अच्छा ठीक है जाओ बेटा, अपना काम कर लो"।

उसके बाद आलिया चली जाती है। तब आर्यन की मॉम बोलती है, "कितनी प्यारी बच्ची है ये, मुझे अपने आर्यन के लिए ऐसी ही कोई प्यारी सी लड़की चाहीए"।

ये सुनते ही आर्यन अपनी मॉम की तरफ देखने लगता है...............