POINT OF VIEW - 15 in Hindi Anything by ADRIL books and stories PDF | दृष्टिकोण - 15 - HOPE

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दृष्टिकोण - 15 - HOPE

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15 - HOPE

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जिंदगी में कभी कभी हम उम्मीद खो देते है
और कभी कभी हम उम्मीद के सहारे वक्त बर्बाद कर देते है,..
उम्मीद को बेलेंस करना बहोत जरुरी है,...

एक कहानी से समज़ते है,..

एक राजा था,..

एक दिन उनके दरबार में दो लोग अपने झग़डे का हल निकालने पहुँच गए,..

किसी वजह से वो राजा अपने दरबार में आए हुए झग़डे का हल नहीं निकाल पा रहा था,.. उसे समझ नहीं आ रहा था की दोषी किसे समझे और निर्दोष किसे समझे,..

उसने घोषणा की -
दोनों ही गलत है और दोनों को अगले दिन फांसी की सजा दी जाएगी,..
और कल तक दोनों को कैदी बना कर रख्खा जाएगा,..

दोनों ही घबरा रहे थे मगर ,..
एक को लगता था - की - आज जीने का आखिरी दिन है,..
जब की दुसरा सोच रहा था - की - अभी तो मरने में २४ घंटे बाकी है,..

जो सोच रहा था एक की २४ घंटे है वो एक hope के सहारे जी रहा था,.. एक उम्मीद थी उसे की कुछ हल निकल आएगा,.. उसका दिमाग गहरी सोच में पड़ा हुआ था,.. क्या हल निकाला जाए,..

और तब, अचानक उसने राजा को कहा, " में आपके घोड़े को उड़ना सीखा सकता हु अगर आप मुझे एक साल का वक़्त दे दे तो,... और मेरी फांसी एक साल के बाद लगाए तो,.. "

राजा ने खुश हो कर बात मान ली,..

उसी रात पहले कैदी ने दूसरे कैदी को पूछा,
"किसे बेवकूफ बना रहे हो ? राजा को ? या अपने आप को ? घोडा कभी उड़ता हुआ देखा है ? तेरा मरना तो तय है,.. आज नहीं तो एक साल के बाद भी मरना तो तुजे है ही,... फिर ये सब नाटक क्यों कर रहे हो ?"

तब दूसरे कैदी ने जवाब दिया,..
"मैने कोई नाटक नहीं किया,.. मैने मेरे ज़िंदा रहने की पांच उम्मीदों को गहरी बना दी है,.. "

"कोनसी उम्मीदे ?" - पहले कैदी ने पूछा

"१ - एक साल के अंदर हो सकता है में अपनी natural death से मर जाऊ
२ - हो सकता है मुझे सजा देने का दिन आए उस से पहेले राजा मर जाए,..
३ - हो सकता है इसी एक साल में ये घोड़ा ही मर जाए,..
४ - या फिर घोड़े को उड़ना सिखाने के मेरे बेहद परिश्रम को देख कर राजा पिघल जाए और मेरी सज़ा माफ़ कर दे,..
५ - या फिर इस एक साल के अंदर में खुद को मरने से बचाने के कुछ और तरीके निकाल लू,.. "

 

जिंदगी का कुछ ऐसा ही है,..
हम कुछ भी सुनकर डर जाते है,..
और उसी डर की वजह से हम सारी उम्मीदे खो देते है,..
" उम्मीद पर दुनिया कायम है " - हमने कई बार सुना है..
इसका मतलब ही यह है की हमें ज्यादा से ज्यादा समय मिल जाए
अगर हम ऐसा कुछ करते है तो हम मुसीबत को टालते नहीं है,.. बल्कि उस वक्त हम Time Buyout करते है,..

मगर कभी कभी हम बहोत बड़ी गलती ये करते है की उस मिले हुए वक्त को समझ लेते है की जिन्दा रहने का वक्त मिल गया,..

मगर सच में देखो तो वो जिन्दा रहने का वक्त नहीं मिला है आपको,...

आपको वक्त मिला है जो मसला आप के सिर पर तलवार की तरह मंडरा रहा है, उसे हमेशा के लिए ख़त्म करनेका,.. Permanent Solution लाने का,..

आखिरी वक्त तक उम्मीद नहीं खोनी है
लेकिन उम्मीद के सहारे बैठे नहीं रहना है,..

 

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