Shoharat ka Ghamand - 38 in Hindi Fiction Stories by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 38

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शोहरत का घमंड - 38

आर्यन अरूण से बोलता है कि मेने तुझे इसलिए बुलाया है ताकि में तुझे इन मैडम जी के बारे में बता सकू "।

तभी आलिया आर्यन की तरफ़ देखने लगती हैं। तब अरूण बोलता है, "क्या बताना है तुझे "।

तब आर्यन बोलता है, "कल जब मेने इन मैडम जी से कहा था की चलो मैं तुम्हे ट्रीट दूंगा वो भी ऑफिस की तरफ़ से क्योंकि तुमने अच्छा काम किया है, तो इन्होंने क्या बोला था कि मैं किसी भी लड़के के साथ नही जाती हू, और आज सुबह ही ये मैडम जी एक लडके के साथ बाईक पर आई है "।

तब अरूण बोलता है, "यार ये क्या बात हुई, ये उसकी पर्सनल लाइफ है वो किसी के साथ भी घूमे तुझे क्या "।

तब आर्यन बोलता है, "मै कोई डेट पर ले कर नही जा रहा था इसे, बस एक पार्टी ही तो दे रहा था मगर इन्होंने सीधा मना कर दिया"।

तब आलिया बोलती है, "आप कुछ गलत मत सोचिए वो मेरी फ्रेंड का भाई है"।

तब आर्यन बोलता है, "तो क्या लड़का नही है वो"।

तब आलिया बोलती है, "आपकी प्रोब्लम क्या है मै किसी के साथ भी आऊ या फिर जाऊ आपको क्या, आप मेरी लाइफ में इतना इंटरफेयर क्यो करते है"।

तब आर्यन बोलता है, "मुझे तुम में और तुम्हारी लाइफ में कोई भी इंटरस्ट नही है, मगर इस तरह का झूठ तो मत बोला करो जैसे की बोलती हो"।

तब अरूण बोलता है, "यार बस कर दे अब, चल घर चल तेरे लिए एक सरप्राइज हैं, और आलिया अब आप भी जाओ आपका टाईम भी ओवर हो चुका है "।

तब आलिया ऑफिस से निकल जाती हैं और उसके साथ साथ आर्यन और अरूण भी। जैसे ही आर्यन और अरूण बाहर आते हैं वैसे ही अंकुर बाइक लेके आलिया से बात कर रहा होता है तभी आर्यन अरुण को बोलता है, "देखो मैडम जी का सड़क छाप ब्वॉयफ्रेंड "।

आलिया को ये सब देख कर बड़ा ही गंदा लगता है और वो अंकुर को बोलती है, "आप यहा पर क्यो आए हैं "

तब अंकुर बोलता है, "आपको लेने "।

तब आलिया बोलती है, "सॉरी मैं बस से घर जाती हूं "।

तब अंकुर बोलता है, "कोई बात नहीं आज मेरे साथ चलो, वो मै यहीं पर ही काम के सिलसिले में आया था सोचा की तुम्हे भी ले चलूं "।

तब आलिया बोलती है, "नो थैंक्स मुझे इसकी जरुरत नहीं है मै खुद ही बस से चली जाऊंगी "।।
तभी आलिया वहा से चली जाती हैं।

उसके बाद आर्यन और अरूण भी चले जाते है।

आलिया घर पहुंच जाती हैं और आराम करती हैं। तब आलिया के पापा बोलते है, "लगता है आज मेरी बेटी ने कुछ ज्यादा ही काम कर लिया है तभी थक गई है "।

तब आलिया बोलती है, "नही पापा ऐसा नहीं है"।

तब ईशा बोलती है, "तो फिर इतना चुप चाप क्यो बैठी हो, दीदी एक बात पूछूं "।

तब आलिया बोलती है, "हा पूछो "।

तब ईशा बोलती है, "दीदी तुम्हारी सैलरी कब मिलेगी "।

तब आलिया बोलती है, "एक दो दिन में मिल जायेगी "।

तब ईशा बोलती है, "दीदी जब तुम्हे सैलरी मिल जाएगी तो मुझे कपड़े दिलवा दोगी क्योकी मेरे पास अच्छे कपड़े नही है "।

तभी आलिया की मम्मी बोलती है, "पागल हो क्या वो खुद के कपड़े लेगी या तुम्हे दिलवाएगी, एक तो रोज ऑफिस जाती हैं ये और इसके पास इतने कपड़े भी नही है, देखो खर्च के बाद जो भी पैसे बचेंगे उससे आलिया के कपड़े आयेंगे "।

तब आलिया बोलती है, "कोई बात नहीं मम्मा इन दोनो को दिलवा देना "।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "तुम चुप चाप चाय पियो ज्यादा बोलो मत"।

उधर आर्यन घर पहुंच जाता हैं और घर पहुंच कर देखता है कि माया उसके घर पर होती हैं वो उसे देख कर शॉक्ड हो जाता हैं...............