Shoharat ka Ghamand - 30 in Hindi Fiction Stories by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 30

Featured Books
  • Mujh se Miliye

    कहानी मेरी है… मैं एक पेन हूँ…  जी हाँ, आपने सही पढ़ा है…  ...

  • The Subscriber

    The subscriberरात के ठीक बारह बजे थे।मोबाइल की स्क्रीन पर सि...

  • नेहरू फाइल्स - भूल-98-99

    भूल-98 ‘लोकतंत्र’ नेहरू की देन?—असत्य है आपको यदा-कदा ही ऐसे...

  • वो शहर, वो लड़की

    की वो भागती-दौड़ती शामें।ट्रैफिक की लंबी कतारें, हॉर्न की आव...

  • समर्पण से आंगे - 7

    ‎‎भाग – 7‎जब बदनामी ने दरवाज़ा खटखटाया‎समाज जब हारने लगता है...

Categories
Share

शोहरत का घमंड - 30

आर्यन आलिया को थैंक्स बोलता है और उसे पार्टी में जाने के लिए बोलता है मगर आलिया मना कर देती है। ये सुन कर दोनो चोक जाते हैं और आर्यन को तो गुस्सा भी आ जाता हैं और वो बोलता है, "तुम समझती क्या हो अपने आप को एक तो मे तुम्हे थैंक्स बोल रहा हूं और पार्टी में इनवाइट कर रहा हुं और तुम मुझे एटीट्यूड दिखा रही हो"।

तब आलिया बोलती है, "मेने आपको कोई एटीट्यूड नही दिखाया है मेने बस मना किया है क्योंकि मैं किसी भी पार्टी मे जाती नही हू"।

तब आर्यन बोलता है, "मुझे तो समझ में नही आता है कि आखिर तुम्हारे पास ऐसा क्या है जिसका तुम्हे इतना घमंड है, मेरे पास तो पैसे है नाम है शोहरत है, इसलिए मेरे पास शोहरत का घमंड है"।

तब अरुण बोलता है, "यार क्या हो गया है तुझे तू ये किस तरह से बात कर रहा है"।

तब आर्यन बोलता है, "यार तुझे पता नहीं है इसके बारे में सच में जिस दिन से आई है दिमाग खराब कर रखा है, कुछ भी बोलो बस एटीट्यूड ही दिखाती है, नखरे तो ऐसे है जैसे की ये मेरी नही इनकी कंपनी हो"।

तब अरूण बोलता है, "तू इतना गुस्सा क्यों हो रहा है उसने तो कुछ बोला ही नहीं है उसने तो बस पार्टी के लिए ही मना है, और हर किसी की अपनी अपनी पर्सनल चॉइस होती है "।

तब आर्यन बोलता है, "तुझे नही पता है इसका, इसलिए बीच में मत बोल "।

आलिया को समझ में नही आता है कि वो क्या करे। तब आलिया बोलती है, "मेने किसी घमंड की वजह से मना नही किया है, देखिए मे किसी लड़के के साथ बाहर नही जाती हू और मेरी फैमिली मे ये सब नही चलता है "।

तब आर्यन बोलता है, "मैं क्या तुम्हे डेट पर ले कर जा रहा हूं, या फिर परपोज करने ले जा रहा हूं, और तुम्हे क्या लगता है की मै तुम जैसी लङकी के साथ डेट पर जाऊंगा, अभी इतने बुरे दिन भी नहीं आए हैं मेरे "।

तब अरूण बोलता है, "यार तू पागल हो क्या है क्या किस तरह की बाते करता है, देख भाई अभी भी कुछ फैमिली में इसे अच्छा नही माना जाता हैं कि ल़डका और लड़की एक साथ बाहर जाए "।

तब आर्यन बोलता है, "अगर इतने ही संस्कारी और अच्छे लोग हैं इसके घर वाले तो फिर इसे जॉब पर ही क्यों भेजते है घर में क्यो नही रखते छुपा कर"।

तब आलिया बोलती है, "काम करने में और घूमने में बहुत ही फर्क होता है पर शायद आपको इसके बारे में बताया नही गया है"।

तब आर्यन बोलता है, "अच्छा तो अब तुम मुझे सिखाओगी की क्या सही है और क्या गलत"।

तब आलिया बोलती है, "सिखाया उसको जाता हैं जो सिखने के लायक हो"।

तब आर्यन बोलता है, "ओह really अब तुम मुझे बताओगी की मै किस टाईप का हू"।

तब आलिया बोलती है, "मुझे फालतू की बातो का कोई शोक नही है और हा मेरा टाईम खत्म हो चुका है और अब मैं जा रही हूं"।

तभी आलिया चली जाती हैं। उसके जाने के बाद अरुण आर्यन से बोलता है, "तू पागल हो गया है क्या जो इस तरह से बात कर रहा था उससे"।

तब आर्यन बोलता है, "तुझे पता नहीं है उसके बारे में वो उसी के लायक है, सारा मूड खराब कर दिया मेरा, बट कोई बात नहीं फिर भी मैं तुझे पार्टी दूंगा , चल क्लब चलते हैं"।

उधर आलिया आर्यन की बातों से काफी हर्ट हो जाती हैं और वो एक जगह बैठ कर रोने लगती है .............