Vishwash - 31 in Hindi Human Science by सीमा बी. books and stories PDF | विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 31

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विश्वास - कहानी दो दोस्तों की - 31

विश्वास (भाग -31)

"कोई बात आप ट्राई तो करो, जो आज तक नहीं किया वो शुरूआत मुझसे करो"। कहते हुए टीना उसको एक वेस्टर्न ड्रैसेज की शॉप में ले गयी तो भुवन उसे ये कह कर बाहर ले आया कि "शादी में ये नहीं पहनने"।

वो टीना को फिर से फैब इंडिया ले गया। वहाँ उसने एक सिल्क का फिरोजी रंग की कुरती निकाल कर दी, टीना ने अपने साइज का निकलवा कर ट्राई किया, सबको पसंद आने पर उसके साथ सलवार और दुपट्टा मैच करके पूरा सेट बना दिया।

"भुवन बहुत अच्छी पसंद है आपकी"। "अब चल शेरनी इसके मैंचिग फुटवियर और जो कुछ चाहिए होता है, वो भी लेते हैं", भुवन ने कहा तो टीना बोली," मेरे पास फुटवियर हैं और ज्यूलरी मैं नहीं पहनती"।

नरेन बोला, "कमाल की लड़की हो, फैशन नहीं पसंद"। हाँ मुझे नहीं पसंद और मैं ऐसे सलवार सूट भी पहली बार पहनने वाली हूँ।
मेरे घर में तो सब खुश हो जाँएगें।

भुवन बोला," हाँ शेरनी पता है तुझे लड़कियोॆ जैसे बन ठन कर रहना नही आता तभी तो तुझे ये ले कर दिया है"।

टीना उनको 5 मिनट रूकने को बोलकर चली गयी। भुवन उसको अकेले नहीं जाने देना चाह रहा था, वो उसके पीछे जाने लगा तो रवि बोला, "भैया आप सब लोग पार्किंग मे चलो मैं उसको ले कर आता हूँ"।
रवि टीना के पीछे गया तो उसने फिर से उसे फैब इंडिया में जाते देखा। अपने पीछे रवि को आया दे ख कर टीना मुस्करा दी।

"टीना क्या हुआ ? चेंज करने आयी हो ये ड्रैस"। रूको बताती हूँ। उसने एक पैकेट ले कर पेमंट कर दिया। उसके बाद वो बाटा पर गयी वहाँ से भी एक पैकेट ले कर पैमेंट दे कर आ गयी। "तुम लोगो का सामान तो भुवन के साथ ही जाने वाला है न"? "हाँ हम अपने साथ अभी ले जा कर क्या करेंगे"? रवि ने टीना की बात का जवाब देते हुए कहा।

मैंने अँकल जी के लिए ड्रैस और फुटवियर्स तभी ले लिए थे, जब तुम सब लोग ट्राई कर रहे थे। अभी मत बताना किसी को, यह तो मैं ही दूँगी। टीना की बातें सुन कर रवि मुस्करा दिया। "अगर हमारी कोई बहन होती तो शायद वो भी ऐसे ही करती, हम लड़कों को कहाँ ये सब आता है, थैंक्स टीना, यू आर रियली बेस्ट गर्ल "!! टीना बोली, "वो सब तो ठीक है पर मुझसे ये एक्सपेक्ट मत करना कि मैं बोलूँगी कि आज से मुझे ही बहन समझो"।

रवि बोला," ड्रामे बंद करो भैया लोग पार्किॆग में वेट कर रहे हैं हमारा, और चिंता मत करो हम बहन नहीं बनने को कहेंगे"। दोनो फटाफट लिफ्ट में घुस गए। टीना ने रवि को इतना खुल कर हँसते हुए पहली बार देखा था, वैसे भी वो उसको खास जानती भी कहाँ थी, पर नरेन दोनो भाई से अलग है।शायद अपने पापा पर गया है।

"टीना क्या करने लग गयी थी"? "भैया ये वेस्टर्न ड्रैस हमारे साथ नहीॆ ले पायी तो वही खरीद रही थी हमारी मैडम जी"। टीना की जगह रवि ने भुवन के सवाल का जवाब दिया। "ठीक है, टीना ड्राइवर से पूछो उसने गाडी कहाँ पार्क की है"? "भुवन कॉल कर दिया है वो मुझे बाहर वाले गेट पर मिलेगा"।

"आगे बैठो बाहर हम छोड़ देते हैं"। भुवन ने टीना को उसकी गाडी तक छुडवाया और पहुँच कर फोन करने को कह कर एक डिब्बा उसकी तरफ बढा दिया, "ये पेस्ट्रीज बच्चों के लिए ली हैं, मेरी तरफ से सबको दे देना"।

"घर के बाहर पहुँचते ही उसने भुवन को फोन कर दिया"। टीना डिनर से फ्री हो कर बात करते हैं। घर आ कर उसने बच्चो को पेस्ट्री दी तो सब बच्चे खुश हो गए। भुवन का दिलवाया सूट सबको बहुत सुंदर लगा।