hindi Best Human Science Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Human Science in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • किताब - एक अनमोल खज़ाना

    पुस्तक या मोबाइल "मित्र! तुम दिन भर पढ़ते रहते हो! आज रविवार है। यहाँ सब लोग खेल...

  • अच्छे संस्कार

     अच्छे संस्कार एक बहुत ही बड़े उद्योगपति का पुत्र कॉलेज में अंतिम वर्ष की परीक्षा...

  • क से कुत्ते

    हर कुत्ते का दिन आता है, ये कहावत पुरानी है,हर कोई न्याय पाता है, ये सच्चाई जानी...

मंजिले - भाग 22 By Neeraj Sharma

            "   चमक "  कहानी सगरे की मार्मिक कहानी जो पेश हैं, जीवन की अचनाक बीती कुछ गतिविधि जो कभी सोचा भी नहीं था। मजदूर अब भीड़ से अकेला रहता हैं, पता कयो, आधुनिक जीवन ने उसका र...

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एक दृष्टि,, अनेक प्रश्न? By shivani singh

' हम कितना आत्म संवाद करते है ? हम क्या आत्म संवाद करते है? और हम कितना आत्मसंवाद सिर्फ खुद की आत्मा को संतुष्ट करने के लिए करते है?'आज की पीढ़ी क्या भूल रही वास्तविक आत्मस...

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लूकिज्म By S Sinha

                                                                      लूकिज्म  ( Lookism )    लूकिज्म ( lookism ) अंग्रेजी भाषा का एक नया शब्द है जिसका अर्थ हिंदी में एक शब्द में न...

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मौत और पुनः जिन्दा होने के बीच का अनुभव By S Sinha

                                                         मौत और पुनः जिन्दा होने के बीच का अनुभव     वैज्ञानिकों का कहना है कि कभी मृत्यु के बाद भी व्यक्ति को यह समझ होती है कि वह...

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किताब - एक अनमोल खज़ाना By DINESH KUMAR KEER

पुस्तक या मोबाइल "मित्र! तुम दिन भर पढ़ते रहते हो! आज रविवार है। यहाँ सब लोग खेलने आये हैं। एक ही दिन मिलता है खेलने को। हर दिन तो स्कूल जाना ही पड़ता है। किताबें पढ़नी ही पढ़ती है...

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अच्छे संस्कार By DINESH KUMAR KEER

 अच्छे संस्कार एक बहुत ही बड़े उद्योगपति का पुत्र कॉलेज में अंतिम वर्ष की परीक्षा की तैयारी में लगा था, उसके पिता उसकी परीक्षा के विषय में पूछते है तो वो जवाब में कहता है कि हो सकता...

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क से कुत्ते By R Mendiratta

हर कुत्ते का दिन आता है, ये कहावत पुरानी है,हर कोई न्याय पाता है, ये सच्चाई जानी है।कोई लाख करे मनमानियां, पर हार उसे भी मिलती है,वक्त का पहिया घूमता है, और जीत सच्चाई की होती है।ध...

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ब्रांडेड ख्वाहिशें जीने न दे By R Mendiratta

किसी सुहाने मंझर को देखता जा रहा थायह जंगल भी खूबसूरत होते हैं न?( आपको याद आ गया वो ज़ुल्फ़ों का जंगल?)आप हंस रहे हैं न?नहीं,उस जंगल की बात नहीं कर रहा मैंकिसी और तरह के जंगल से ग...

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य़ह पिछली बेंच वाले By R Mendiratta

य़ह जो बेठे है है पिछली बेंच पे, य़ह भी अच्छे होते हैं पढ़ाई मेंफर्क यहि है कि बस य़ह ओवर confident होते हैंमेरा अनुभव है कि य़ह विद्यार्थि अधिक सोचते हैंऔरों से य़ह zyada स्वतंत्र...

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मुझे भी वायरल होना है By Dr Mukesh Aseemit

  **मुझे भी वायरल होना है**   मैं परेशान, थका-हारा देवाधिदेव, पतिदेव, अभी बिस्तर पर उल्टे मुँह पड़ा ही था कि न जाने कहाँ से नींद ने मुझे आगोश में ले लिया और मुझे सपना भी आया। जी हा...

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जाको राखे साइया By S Sinha

                                                  जाको राखे साइयां  एक कहावत है - ‘ जाको राखे साइयां मार सके न कोई ‘ जो बिल्कुल  सही है . ऊपर वाले की मर्जी के बिना कोई मौत के मुंह...

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जब मुर्दे जी उठे By S Sinha

                                               जब मुर्दे जी उठे      कुछ ऐसी घटनाओं की चर्चा है जिनमें व्यक्ति अपनी मौत के बाद पुनः जीवित हो उठे  ….   दुर्भाग्यवश मृत्यु जीवन के अं...

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लोग मर के भी कैसे जिंदा हो जाते हैं By S Sinha

                                   लोग मर के भी कैसे जिंदा हो जाते हैं         किसी व्यक्ति को मृत दो कारणों से घोषित किया जा सकता है  .  क्लीनिकल डेथ - जब किसी व्यक्ति के  पल्स ,...

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घन्टा मन्दिर का नहीै आपका बज रहा है By R Mendiratta

कोई मन्दिर मे घण्टा बजाए और देश की समस्याएं को भूल जाएकोई मन्दिर मे घण्टा बजाए, और देवता से प्रार्थना करेकि देश की समस्याएं दूर हो जाएं, और शांति और खुशी बरसेकोई मन्दिर मे घण्टा बज...

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चोटिल चोटिल कहने से काम नहीं चलेगा भैया By R Mendiratta

हैलो effect का मतलब है किसी व्यक्ति या वस्तु के एक गुण के आधार पर उसके अन्य सभी गुणों का अनुमान लगाना⁵। यह एक प्रकार का संज्ञानात्मक पक्षपात है, जो हमारे प्रतिक्रिया, निर्णय और मूल...

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बियर चिकन की दुनिया.. वाह By R Mendiratta

( न बियर न चिकन वालों से क्षमा याचना करते हुए य़ह कविता पेश किया है, पर मैं मदिरा पान के खिलाफ हूं, य़ह शुद्ध मनोरंजन के लिए ही है बस) बियर, चिकन और आपकी कंपनी पर एक  कविता पेश है:...

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मस्त राम की कुकिंग डायरी By R Mendiratta

मस्त राम की किचन मे राम प्यारी की ट्रेनिंग "यह मस्त राम ,अजी वही जो सामने वाले फ्लैट में रहता है , अजीब मिट्टी का बना है। इसकी किचन से क्या क्या खुशबू निकलती है पर न तो बुलाता है म...

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यस सर से येस बट तक By R Mendiratta

यस सर से येस बट तक मैं एक काल्पनिक स्थिति का वर्णन करूंगा जिसमें एक कर्मचारी अपने बॉस के आदेशों का पालन करता है और कभी-कभी "नो सर" कहने की स्थिति में होता है।कर्मचारी जीवन में, बॉस...

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विवाह और उसके प्रकार... By Abhishek Chaturvedi

क्या आप जानते हैं कि हिन्दू विवाह ८ प्रकार के होते हैं ? ब्राह्मण विवाह से पिशाच विवाह - हिन्दू धर्म आठ मुख्य प्रकार के विवाहों को मान्यता देता है, जिनमें सबसे ऊंचा ब्राह्मण विवाह...

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संग विज्ञान का - रंग अध्यात्म का - 5 By Jitendra Patwari

5: मूलाधार चक्र – चक्र व्यवस्था का आधारस्तंभ   किसी भी प्रकार की साधना जाने-अनजाने में हो रही चक्रयात्रा ही है। तो चले इस यात्रा पर ... आरंभ करते हैं मूलाधार चक्र से। चक्रयात्रा का...

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बढ़ते तलाक और उसके दुष्परिणाम By S Sinha

                                                                  बढ़ते तलाक और उसके दुष्परिणाम                                          आजकल दुनिया में तलाक के मामले  बढ़ते जा रहे ...

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महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 102 By Captain Dharnidhar

शान्त बैठी महिला ने आगे कहा ..हम जैनियों में आत्म शुद्धि के लिए संथारा किया जाता है । संसार में रहने से कुछ पाप कलमष आत्मा पर चढ जाते हैं तो उनका निस्तारण संथारा से होजाता है । मनु...

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जादुई मन - 15 By Captain Dharnidhar

जैसे जाते हुए किसी व्यक्ति की गर्दन पर नजर जमाकर भावना करना कि वह पीछे मुड़कर देखे । ऐसा करते रहने से कुछ देर बाद वह पीछे मुड़कर देखने लग जाता है । ऐसे ही बैठे हुए को खड़े होने को...

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उसके आंसू By Sudhir Srivastava

संस्मरण उसके आँसू************ पिछले माह 07अप्रैल' 2024 को गोरखपुर के अपने ही एक अग्रज सरीखे साहित्यिक मित्र (जो अपने वादे के अनुसार गोरखपुर से बस्ती केवल मुझे साथ ले जाने के लि...

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गाँव की बात निराली By DINESH KUMAR KEER

गाँव की बात निरालीगाँव में सुबह - सुबह चार - पांच बजे ही चिडियों की चहचाहट, गाय - भैंसों के रमभाने की आवाज शुरू हो जाती है। घर के बड़े बुजुर्ग जाग कर कुल्ला - मंजन करके बिस्तर पर ब...

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नदी और लोकजीवन By ramgopal bhavuk

आलेख                                           नदी और लोक-जीवन                                                                 रामगोपाल भावुक                           नदियाँ केवल...

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मित्रता By संदीप सिंह (ईशू)

मित्रता "जो मित्र सुख-दुख की घड़ी में साथ रहता हो, वही सच्चा मित्र है। " चाणक्य कहते हैं कि सच्चे मित्र की पहचान संकट की घड़ी में होती है।जब बुरा वक्त आता है तो सबसे पहले स्वार्थी...

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शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु नवचिन्तन By संदीप सिंह (ईशू)

शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु नवचिन्तन अधिक उपयोगी शिक्षा का गुणात्मक ह्रास आज चिंता का विषय है । शिक्षा व्यक्ति , समाज एवं राष्ट्र के विकास में नही सिद्ध हो पा रही है । शिक्षा मन...

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 मेरी पहचान By bhagirath

 मेरी पहचान    मेरा नाम मेरी पहचान है। लोग मुझे मेरे नाम से पहचानते हैं। जो लोग मुझे आते-जाते देखते हैं और जो मेरा नाम नहीं जानते वे मुझे मेरे चेहरे से पहचानते हैं। चेहरा ही मेरी प...

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समता मूलक समाज की शिक्षा प्रणाली - 1 By संदीप सिंह (ईशू)

समता मूलक समाज की शिक्षा प्रणाली - 1 समतामूलक से तात्पर्य है कि जिसमें शोषण ना हो। भारत दुनिया का सबसे बड़ा जनतन्त्र है जनसंख्या की दृष्टि से भी विश्व में दूसरे स्थान पर है ।अरबों...

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सत्यनिष्ठा ईमानदारी समर्पण By संदीप सिंह (ईशू)

सत्यनिष्ठा ईमानदारी समर्पण डायरी के पन्नों से एक सामाजिक लेख कोरोना काल 1.0 के दौरान लिखे लेख को प्रतिलिपि पर प्रस्तुत करना चाहूँगा उत्तर प्रदेश में आए दिन वारदातों का सिलसला सा चल...

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मंजिले - भाग 22 By Neeraj Sharma

            "   चमक "  कहानी सगरे की मार्मिक कहानी जो पेश हैं, जीवन की अचनाक बीती कुछ गतिविधि जो कभी सोचा भी नहीं था। मजदूर अब भीड़ से अकेला रहता हैं, पता कयो, आधुनिक जीवन ने उसका र...

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एक दृष्टि,, अनेक प्रश्न? By shivani singh

' हम कितना आत्म संवाद करते है ? हम क्या आत्म संवाद करते है? और हम कितना आत्मसंवाद सिर्फ खुद की आत्मा को संतुष्ट करने के लिए करते है?'आज की पीढ़ी क्या भूल रही वास्तविक आत्मस...

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लूकिज्म By S Sinha

                                                                      लूकिज्म  ( Lookism )    लूकिज्म ( lookism ) अंग्रेजी भाषा का एक नया शब्द है जिसका अर्थ हिंदी में एक शब्द में न...

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मौत और पुनः जिन्दा होने के बीच का अनुभव By S Sinha

                                                         मौत और पुनः जिन्दा होने के बीच का अनुभव     वैज्ञानिकों का कहना है कि कभी मृत्यु के बाद भी व्यक्ति को यह समझ होती है कि वह...

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किताब - एक अनमोल खज़ाना By DINESH KUMAR KEER

पुस्तक या मोबाइल "मित्र! तुम दिन भर पढ़ते रहते हो! आज रविवार है। यहाँ सब लोग खेलने आये हैं। एक ही दिन मिलता है खेलने को। हर दिन तो स्कूल जाना ही पड़ता है। किताबें पढ़नी ही पढ़ती है...

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अच्छे संस्कार By DINESH KUMAR KEER

 अच्छे संस्कार एक बहुत ही बड़े उद्योगपति का पुत्र कॉलेज में अंतिम वर्ष की परीक्षा की तैयारी में लगा था, उसके पिता उसकी परीक्षा के विषय में पूछते है तो वो जवाब में कहता है कि हो सकता...

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क से कुत्ते By R Mendiratta

हर कुत्ते का दिन आता है, ये कहावत पुरानी है,हर कोई न्याय पाता है, ये सच्चाई जानी है।कोई लाख करे मनमानियां, पर हार उसे भी मिलती है,वक्त का पहिया घूमता है, और जीत सच्चाई की होती है।ध...

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ब्रांडेड ख्वाहिशें जीने न दे By R Mendiratta

किसी सुहाने मंझर को देखता जा रहा थायह जंगल भी खूबसूरत होते हैं न?( आपको याद आ गया वो ज़ुल्फ़ों का जंगल?)आप हंस रहे हैं न?नहीं,उस जंगल की बात नहीं कर रहा मैंकिसी और तरह के जंगल से ग...

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य़ह पिछली बेंच वाले By R Mendiratta

य़ह जो बेठे है है पिछली बेंच पे, य़ह भी अच्छे होते हैं पढ़ाई मेंफर्क यहि है कि बस य़ह ओवर confident होते हैंमेरा अनुभव है कि य़ह विद्यार्थि अधिक सोचते हैंऔरों से य़ह zyada स्वतंत्र...

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मुझे भी वायरल होना है By Dr Mukesh Aseemit

  **मुझे भी वायरल होना है**   मैं परेशान, थका-हारा देवाधिदेव, पतिदेव, अभी बिस्तर पर उल्टे मुँह पड़ा ही था कि न जाने कहाँ से नींद ने मुझे आगोश में ले लिया और मुझे सपना भी आया। जी हा...

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जाको राखे साइया By S Sinha

                                                  जाको राखे साइयां  एक कहावत है - ‘ जाको राखे साइयां मार सके न कोई ‘ जो बिल्कुल  सही है . ऊपर वाले की मर्जी के बिना कोई मौत के मुंह...

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जब मुर्दे जी उठे By S Sinha

                                               जब मुर्दे जी उठे      कुछ ऐसी घटनाओं की चर्चा है जिनमें व्यक्ति अपनी मौत के बाद पुनः जीवित हो उठे  ….   दुर्भाग्यवश मृत्यु जीवन के अं...

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लोग मर के भी कैसे जिंदा हो जाते हैं By S Sinha

                                   लोग मर के भी कैसे जिंदा हो जाते हैं         किसी व्यक्ति को मृत दो कारणों से घोषित किया जा सकता है  .  क्लीनिकल डेथ - जब किसी व्यक्ति के  पल्स ,...

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घन्टा मन्दिर का नहीै आपका बज रहा है By R Mendiratta

कोई मन्दिर मे घण्टा बजाए और देश की समस्याएं को भूल जाएकोई मन्दिर मे घण्टा बजाए, और देवता से प्रार्थना करेकि देश की समस्याएं दूर हो जाएं, और शांति और खुशी बरसेकोई मन्दिर मे घण्टा बज...

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चोटिल चोटिल कहने से काम नहीं चलेगा भैया By R Mendiratta

हैलो effect का मतलब है किसी व्यक्ति या वस्तु के एक गुण के आधार पर उसके अन्य सभी गुणों का अनुमान लगाना⁵। यह एक प्रकार का संज्ञानात्मक पक्षपात है, जो हमारे प्रतिक्रिया, निर्णय और मूल...

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बियर चिकन की दुनिया.. वाह By R Mendiratta

( न बियर न चिकन वालों से क्षमा याचना करते हुए य़ह कविता पेश किया है, पर मैं मदिरा पान के खिलाफ हूं, य़ह शुद्ध मनोरंजन के लिए ही है बस) बियर, चिकन और आपकी कंपनी पर एक  कविता पेश है:...

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मस्त राम की कुकिंग डायरी By R Mendiratta

मस्त राम की किचन मे राम प्यारी की ट्रेनिंग "यह मस्त राम ,अजी वही जो सामने वाले फ्लैट में रहता है , अजीब मिट्टी का बना है। इसकी किचन से क्या क्या खुशबू निकलती है पर न तो बुलाता है म...

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यस सर से येस बट तक By R Mendiratta

यस सर से येस बट तक मैं एक काल्पनिक स्थिति का वर्णन करूंगा जिसमें एक कर्मचारी अपने बॉस के आदेशों का पालन करता है और कभी-कभी "नो सर" कहने की स्थिति में होता है।कर्मचारी जीवन में, बॉस...

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विवाह और उसके प्रकार... By Abhishek Chaturvedi

क्या आप जानते हैं कि हिन्दू विवाह ८ प्रकार के होते हैं ? ब्राह्मण विवाह से पिशाच विवाह - हिन्दू धर्म आठ मुख्य प्रकार के विवाहों को मान्यता देता है, जिनमें सबसे ऊंचा ब्राह्मण विवाह...

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संग विज्ञान का - रंग अध्यात्म का - 5 By Jitendra Patwari

5: मूलाधार चक्र – चक्र व्यवस्था का आधारस्तंभ   किसी भी प्रकार की साधना जाने-अनजाने में हो रही चक्रयात्रा ही है। तो चले इस यात्रा पर ... आरंभ करते हैं मूलाधार चक्र से। चक्रयात्रा का...

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बढ़ते तलाक और उसके दुष्परिणाम By S Sinha

                                                                  बढ़ते तलाक और उसके दुष्परिणाम                                          आजकल दुनिया में तलाक के मामले  बढ़ते जा रहे ...

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महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 102 By Captain Dharnidhar

शान्त बैठी महिला ने आगे कहा ..हम जैनियों में आत्म शुद्धि के लिए संथारा किया जाता है । संसार में रहने से कुछ पाप कलमष आत्मा पर चढ जाते हैं तो उनका निस्तारण संथारा से होजाता है । मनु...

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जादुई मन - 15 By Captain Dharnidhar

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उसके आंसू By Sudhir Srivastava

संस्मरण उसके आँसू************ पिछले माह 07अप्रैल' 2024 को गोरखपुर के अपने ही एक अग्रज सरीखे साहित्यिक मित्र (जो अपने वादे के अनुसार गोरखपुर से बस्ती केवल मुझे साथ ले जाने के लि...

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गाँव की बात निराली By DINESH KUMAR KEER

गाँव की बात निरालीगाँव में सुबह - सुबह चार - पांच बजे ही चिडियों की चहचाहट, गाय - भैंसों के रमभाने की आवाज शुरू हो जाती है। घर के बड़े बुजुर्ग जाग कर कुल्ला - मंजन करके बिस्तर पर ब...

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नदी और लोकजीवन By ramgopal bhavuk

आलेख                                           नदी और लोक-जीवन                                                                 रामगोपाल भावुक                           नदियाँ केवल...

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मित्रता By संदीप सिंह (ईशू)

मित्रता "जो मित्र सुख-दुख की घड़ी में साथ रहता हो, वही सच्चा मित्र है। " चाणक्य कहते हैं कि सच्चे मित्र की पहचान संकट की घड़ी में होती है।जब बुरा वक्त आता है तो सबसे पहले स्वार्थी...

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शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु नवचिन्तन By संदीप सिंह (ईशू)

शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु नवचिन्तन अधिक उपयोगी शिक्षा का गुणात्मक ह्रास आज चिंता का विषय है । शिक्षा व्यक्ति , समाज एवं राष्ट्र के विकास में नही सिद्ध हो पा रही है । शिक्षा मन...

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 मेरी पहचान By bhagirath

 मेरी पहचान    मेरा नाम मेरी पहचान है। लोग मुझे मेरे नाम से पहचानते हैं। जो लोग मुझे आते-जाते देखते हैं और जो मेरा नाम नहीं जानते वे मुझे मेरे चेहरे से पहचानते हैं। चेहरा ही मेरी प...

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समता मूलक समाज की शिक्षा प्रणाली - 1 By संदीप सिंह (ईशू)

समता मूलक समाज की शिक्षा प्रणाली - 1 समतामूलक से तात्पर्य है कि जिसमें शोषण ना हो। भारत दुनिया का सबसे बड़ा जनतन्त्र है जनसंख्या की दृष्टि से भी विश्व में दूसरे स्थान पर है ।अरबों...

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सत्यनिष्ठा ईमानदारी समर्पण By संदीप सिंह (ईशू)

सत्यनिष्ठा ईमानदारी समर्पण डायरी के पन्नों से एक सामाजिक लेख कोरोना काल 1.0 के दौरान लिखे लेख को प्रतिलिपि पर प्रस्तुत करना चाहूँगा उत्तर प्रदेश में आए दिन वारदातों का सिलसला सा चल...

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