hindi Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • सत्य

    कहानी: "सच्चाई कबूल करने की हिम्मत"(सच्ची घटना: गांधी जी के बचपन की)जब मोहनदास ग...

  • उजाले की ओर –संस्मरण

    मेरे प्रिय साथियों स्नेहिल नमस्कार कई मित्रों को लगता है कि यदि वे सामने वालों क...

  • इमानदार दोस्त पर कहानी

    एक छोटे से शहर में दो दोस्त रहते थे, रोहन और अर्जुन। वे बचपन से ही दोस्त थे और ए...

श्रीकृष्ण जन्म की कथा By Raju kumar Chaudhary

श्रीकृष्ण जन्म की कथा बहुत समय पहले, मथुरा नगरी में अत्याचारी राजा कंस का राज चलता था। कंस अपनी बहन देवकी से बहुत प्रेम करता था, लेकिन जब उसकी शादी वसुदेव जी से हुई और विदाई के समय...

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सत्य By Vibhama

कहानी: "सच्चाई कबूल करने की हिम्मत"(सच्ची घटना: गांधी जी के बचपन की)जब मोहनदास गांधी (बचपन में गांधी जी का नाम) छोटे थे, तो वे बहुत सीधे-सादे और विनम्र स्वभाव के थे। एक बार उन्होंन...

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Commerce Wale Dost - 1 By chotti writer

यह कहानी पाँच दोस्तों की है – शिवी, शिलु, सालु, परी और मोना की।इस कहानी का सबसे अहम किरदार एक टीचर भी है, जिसके बारे में आपको आगे पता चलेगा।शिवी का घर और उसकी जिदकाफी दिनों से शिवी...

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बड़बोलापन। By Dr. R. B. Bhandarkar

व्यंग्य - 
    *  बडबोलापन *
बडबोलापन! यह वस्तुत: बढ़ा-चढ़ाकर बातें करने की क्रिया है।इसे शेखी बघारना; डींग हांकना,अपने बारे में बढ़ा चढ़ा कर बोलना भी कहा जाता है।

बडबोलापन यानी अ...

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उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

मेरे प्रिय साथियों स्नेहिल नमस्कार कई मित्रों को लगता है कि यदि वे सामने वालों के अपमानजनक व्यवहार का उत्तर उससे भी अधिक धाँसू ज़ोरदार व्यवहार में नहीं लौटाएंगे तो वे सामने वाले के...

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इंटरनेट की दुनिया - भाग 5 By Ashish Kumar Trivedi

ऑनलाइन शिकारीनलिनी कुछ देर पहले ही बैंक से लौटी थी। आज‌ बैंक में दिनभर बहुत काम रहा था। वह बैंक मैनेजर के पद पर थी और उसकी ज़िम्मेदारियां बहुत थीं। घर लौटकर वह सोफे पर लेट गई थी। थ...

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चिंता व्यर्थ है By dinesh pal

होगा वही जो ईश्वर चाहेगा हाँ दोस्तों हमारी यह कहानी आज उन लोगों के लिए हैं जो लोग सोचते हैं कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरे परिवार का क्या होगा मेरे बच्चों का क्या होगा...? चलो बिना...

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इमानदार दोस्त पर कहानी By Mrs Nishu Thakur

एक छोटे से शहर में दो दोस्त रहते थे, रोहन और अर्जुन। वे बचपन से ही दोस्त थे और एक दूसरे के साथ बड़े हुए थे। वे एक दूसरे के साथ हर पल बिताते थे और एक दूसरे के लिए हमेशा तैयार रहते थ...

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पंचमी व्रत कथा By Raju kumar Chaudhary

 पंचमी व्रत कथा:परिचयभाद्रपद मास की शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी व्रत कहा जाता है। यह व्रत मुख्यतः महिलाएँ करती हैं। इसका महत्व पाप-निवारण और जीवन में शुद्धि प्राप्त करने हेतु माना गया...

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इश्क़अधूरा _ एक और गुनाह का देवता - 2 By archana

---एपिसोड ३ — “एक मुलाक़ात और मंज़ूरी”"कभी-कभी दो अनजाने लोग एक ही कमरे में बैठते हैं… और बिना ज़्यादा शब्द कहे, ज़िंदगी का सबसे बड़ा फ़ैसला कर लेते हैं।"---घर में हलचल थी, जैसे को...

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बादल पानी कहां से लाते हैं By Dr. R. B. Bhandarkar

डायरी - 
06 अगस्त 2025                    
  * बादल पानी कहां से लाते हैं *

एक बालक के लिए बचपन में सर्वस्व मां ही होती हैं। चोट लग गई,तो मां ने चोट पर फूंक मार दी,हो गया सबसे बड...

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मृत्यु क्यों आवश्यक है? By Arkan

*मृत्यु क्यों आवश्यक है?*🩷 *हर कोई मृत्यु से डरता है,* लेकिन जन्म और मृत्यु सृष्टि के नियम हैं... यह ब्रह्मांड के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसके बिना, मनुष्य एक-दूसरे पर हावी हो जात...

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आख़िरी रफ़्तार का सबक़ By Wow Mission successful

अमन, 22 साल का लड़का, अपने छोटे से कस्बे का हीरो माना जाता था। कॉलेज में पढ़ता था, दोस्त उसके आसपास रहना पसंद करते थे क्योंकि उसकी पर्सनैलिटी में एक अजीब सा कॉन्फिडेंस और जोश था। ल...

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सिंगल बॉय By Bikash parajuli

1. बचपन की परछाइयाँराहुल का जन्म एक छोटे कस्बे में हुआ। पिता साधारण नौकरी करते थे और माँ गृहिणी थीं। बचपन से ही राहुल थोड़ा शांत और अकेला रहने वाला बच्चा था। जब बाकी बच्चे गली में...

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माँ की चप्पल By Wow Mission successful

रवि एक साधारण लड़का था, मध्यमवर्गीय परिवार से। उसके पापा का देहांत तब हो गया था जब वह छोटा ही था। घर की सारी ज़िम्मेदारी उसकी माँ के कंधों पर आ गई थी। माँ ने कभी थकान का नाम तक नही...

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तुम बेफिक्र रहो... By Shiva Sharma

नमस्ते साहब, मेरा नाम चमन है। मुझे राजेश साहब ने भेजा है। क्या यह संजीव साहब का मकान है?ओह चमन, आओ आओ। तुम बिल्कुल ठीक जगह पर पहुंचे हो, यह संजीव का ही मकान है और वो संजीव मैं ही ह...

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गरीब बॉयफ्रेंड निकला 1000 करोड़ का मालिक By Bikash parajuli

पहला भाग – प्यार की शुरुआतभोपाल शहर का रहने वाला राहुल एक साधारण लड़का था। उसके पापा एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे। घर की हालत बहुत खराब थी, लेकिन राहुल पढ़ाई में होशियार था।...

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सच्चाई और अपमान By Ritik Sandilya

गरीबी को हराने के बाद हर परिवार चाहता है कि उसके सदस्य एक अच्छी जिंदगी जिएं। परिवार का मुखिया वह सब जद्दोजहद करता है ताकि उसके बच्चे अच्छी शिक्षा, अच्छा भोजन और जीवन की हर वह सुविध...

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सात भाई और उनकी बहन की दुखद कथा By Raju kumar Chaudhary

सात भाई और उनकी बहन की दुखद कथाभाग 1: गाँव और परिवार का परिचयबहुत समय पहले, एक घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे गाँव में सात भाई और उनकी प्यारी बहन रहते थे। गाँव का नाम था सुमंगलपुर...

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आज़ादी का असली मतलब By mood Writer

गाँव के एक छोटे से स्कूल में कक्षा 5 का छात्र आरव हर साल 15 अगस्त का बेसब्री से इंतज़ार करता था।उसके लिए 15 अगस्त का मतलब था – झंडा फहराना, देशभक्ति के गाने सुनना, और अंत में मिठाई...

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समीक्षा - कहानी नशा मुंशी प्रेमचंद By नंदलाल मणि त्रिपाठी

 सम्राट मुन्सी प्रेम चंद्र जी कीकहानियों की समीक्षा करना किसी भी साधारण साहित्यकार के लिये कदाचित संभव नहीं है ।मात्र यही गौरव की बात हो सकती है की महान कथाकार के जन्म दिवस पर उन्ह...

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कफ़न प्रेमचंद By mood Writer

झोंपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीवी बुधिया प्रसव-वेदना से पछाड़ खा रही थी। रह-रह कर उसके मुँह से ऐसी दिल...

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रक्षा बन्धन By Raju kumar Chaudhary

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पवित्र और भावनात्मक पर्व है, जो भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइय...

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बरसात के बाद की धूप By Anju Gupta

अहमदाबाद की बारिश जैसे शहर को नहीं, रागिनी के भीतर के सूनेपन को भिगो रही थी। खिड़की के बाहर रुक-रुक कर गिरती बूँदें, बहती सड़कें और बिजली के टूटे हुए प्रतिबिंब—सब कुछ किसी धीमे और...

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मजाकिया By mukesh more

गाँव का नाम था बड़गाँव और उस गाँव की सबसे हल्की चीज़ थी वहाँ की हवा… और सबसे भारी चीज़ मज़ाकिया की बातें। मज़ाकिया, यानी गोवर्धन,नाम तो गोवर्धन रखा गया था, लेकिन किसी ने वो नाम कभी...

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एक नाबालिग की आख़िरी चीख By Luqman Gangohi

ये कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं...ये उन तमाम मौन की चीख है, जिसे हमने “मामला संवेदनशील है” कहकर दबा दिया।ये उस माँ की आंख है जो रोते-रोते सूख गई, और उस मिट्टी की शर्म है जिसने एक न...

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चाय के किस्से - 2 By Rohan Beniwal

           कटिंग चाय और कटे हुए नंबर राजेंद्र नगर की एक संकरी गली में, जहाँ सुबह की पहली किरणें अभी ठीक से पहुँची भी नहीं थीं, "आदित्य टी स्टॉल" सुबह 6 बजे ही अपने छोटे से चूल्हे औ...

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आवारा लड़के By Anurag mandlik_मृत्युंजय

थका हुआ गौरव जब शाम को अपने रूम में आया,आज उसकी आँखें फिर से लाल थी। सारे मोहल्ले वाले और पड़ोसियों में वही हमेशा की तरह कानाफूसी शुरू हो चुकी थी,, जाने क्या करते हैं ये लड़के? मुझे...

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एक थाली खाना By kajal Thakur

गाँव का नाम था — सूरजपुर। वहाँ एक बूढ़ी माँ रहती थी, नाम था सावित्री देवी। उनके तीन बेटे थे – राजेश, सुरेश और महेश। तीनों शादीशुदा थे और अलग-अलग रहते थे। माँ पहले सबके साथ रहती थीं...

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अंधेरी कोठरी का रहस्य - भाग 5 By Pawan

अब तक......एरियल को जंगल में वो रहस्यमयी साधु मिला, जिसने उसे बताया कि उसका पतन एक सज़ा नहीं बल्कि चुनाव था। लेकिन जैसे-जैसे एरियल सवाल पूछता गया, साधु की आंखों में कुछ छिपा हुआ डर...

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घर वापसी By Rajesh Maheshwari

घर वापसी कई वर्ष पूर्व जब जमींदारी प्रथा विद्यमान थी। एक नगर के पास नर्मदा नदी के किनारे एक गांव था जिसमें एक जमींदार बहादुर सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे और खेती किसानी करके अपन...

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जिंदगी के रंग - 1 By Raman

आज इस शोर भरे मेट्रो में भी मुझे अकेला पन लग रहा था , मेरे चारों तरफ कितने लोग थे जो इस समय  अपने काम से वापस घर  जा रहे थे । कुछ फोन पर बातें कर रहे थे तो कुछ फोन देख रहे थे। कुछ...

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सौंदर्य एक अभिशाप! - पार्ट 12 By Kaushik Dave

"सौंदर्य एक अभिशाप !"(भाग-१२)राजकुमारी चित्रा अपने बगीचे में सूरज सिंह से मिलती है। सूरज सिंह अपने दोस्त से मिलने आया हुआ है।राजकुमारी चित्रा सूरज सिंह को अपना प्यार जताती है।चित्र...

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रुह... - भाग 8 By Komal Talati

                                     ८.बस थोड़ी दूर जाकर एक बस स्टॉप पर रुकती है। पायल खिड़की वाली सीट पर बैठी बाहर लोगों को देख रही थी। तभी उसकी नजर एक परिवार पर टिक गई थी। करीब द...

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कोई मेरा नहीं By Sharovan

कोई मेरा नहीं. . .शरोवन / कहानी*** 'मैं किसका हूँ?''पता नहीं.''कौन मेरा है?''है ही नहीं.'किसी शायर के समान उपरोक्त पंक्तियों की दिल पर चोट मारने वाल...

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श्रीकृष्ण जन्म की कथा By Raju kumar Chaudhary

श्रीकृष्ण जन्म की कथा बहुत समय पहले, मथुरा नगरी में अत्याचारी राजा कंस का राज चलता था। कंस अपनी बहन देवकी से बहुत प्रेम करता था, लेकिन जब उसकी शादी वसुदेव जी से हुई और विदाई के समय...

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सत्य By Vibhama

कहानी: "सच्चाई कबूल करने की हिम्मत"(सच्ची घटना: गांधी जी के बचपन की)जब मोहनदास गांधी (बचपन में गांधी जी का नाम) छोटे थे, तो वे बहुत सीधे-सादे और विनम्र स्वभाव के थे। एक बार उन्होंन...

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Commerce Wale Dost - 1 By chotti writer

यह कहानी पाँच दोस्तों की है – शिवी, शिलु, सालु, परी और मोना की।इस कहानी का सबसे अहम किरदार एक टीचर भी है, जिसके बारे में आपको आगे पता चलेगा।शिवी का घर और उसकी जिदकाफी दिनों से शिवी...

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बड़बोलापन। By Dr. R. B. Bhandarkar

व्यंग्य - 
    *  बडबोलापन *
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बडबोलापन यानी अ...

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उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

मेरे प्रिय साथियों स्नेहिल नमस्कार कई मित्रों को लगता है कि यदि वे सामने वालों के अपमानजनक व्यवहार का उत्तर उससे भी अधिक धाँसू ज़ोरदार व्यवहार में नहीं लौटाएंगे तो वे सामने वाले के...

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इंटरनेट की दुनिया - भाग 5 By Ashish Kumar Trivedi

ऑनलाइन शिकारीनलिनी कुछ देर पहले ही बैंक से लौटी थी। आज‌ बैंक में दिनभर बहुत काम रहा था। वह बैंक मैनेजर के पद पर थी और उसकी ज़िम्मेदारियां बहुत थीं। घर लौटकर वह सोफे पर लेट गई थी। थ...

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चिंता व्यर्थ है By dinesh pal

होगा वही जो ईश्वर चाहेगा हाँ दोस्तों हमारी यह कहानी आज उन लोगों के लिए हैं जो लोग सोचते हैं कि अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरे परिवार का क्या होगा मेरे बच्चों का क्या होगा...? चलो बिना...

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इमानदार दोस्त पर कहानी By Mrs Nishu Thakur

एक छोटे से शहर में दो दोस्त रहते थे, रोहन और अर्जुन। वे बचपन से ही दोस्त थे और एक दूसरे के साथ बड़े हुए थे। वे एक दूसरे के साथ हर पल बिताते थे और एक दूसरे के लिए हमेशा तैयार रहते थ...

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पंचमी व्रत कथा By Raju kumar Chaudhary

 पंचमी व्रत कथा:परिचयभाद्रपद मास की शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी व्रत कहा जाता है। यह व्रत मुख्यतः महिलाएँ करती हैं। इसका महत्व पाप-निवारण और जीवन में शुद्धि प्राप्त करने हेतु माना गया...

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इश्क़अधूरा _ एक और गुनाह का देवता - 2 By archana

---एपिसोड ३ — “एक मुलाक़ात और मंज़ूरी”"कभी-कभी दो अनजाने लोग एक ही कमरे में बैठते हैं… और बिना ज़्यादा शब्द कहे, ज़िंदगी का सबसे बड़ा फ़ैसला कर लेते हैं।"---घर में हलचल थी, जैसे को...

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बादल पानी कहां से लाते हैं By Dr. R. B. Bhandarkar

डायरी - 
06 अगस्त 2025                    
  * बादल पानी कहां से लाते हैं *

एक बालक के लिए बचपन में सर्वस्व मां ही होती हैं। चोट लग गई,तो मां ने चोट पर फूंक मार दी,हो गया सबसे बड...

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मृत्यु क्यों आवश्यक है? By Arkan

*मृत्यु क्यों आवश्यक है?*🩷 *हर कोई मृत्यु से डरता है,* लेकिन जन्म और मृत्यु सृष्टि के नियम हैं... यह ब्रह्मांड के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसके बिना, मनुष्य एक-दूसरे पर हावी हो जात...

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आख़िरी रफ़्तार का सबक़ By Wow Mission successful

अमन, 22 साल का लड़का, अपने छोटे से कस्बे का हीरो माना जाता था। कॉलेज में पढ़ता था, दोस्त उसके आसपास रहना पसंद करते थे क्योंकि उसकी पर्सनैलिटी में एक अजीब सा कॉन्फिडेंस और जोश था। ल...

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सिंगल बॉय By Bikash parajuli

1. बचपन की परछाइयाँराहुल का जन्म एक छोटे कस्बे में हुआ। पिता साधारण नौकरी करते थे और माँ गृहिणी थीं। बचपन से ही राहुल थोड़ा शांत और अकेला रहने वाला बच्चा था। जब बाकी बच्चे गली में...

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माँ की चप्पल By Wow Mission successful

रवि एक साधारण लड़का था, मध्यमवर्गीय परिवार से। उसके पापा का देहांत तब हो गया था जब वह छोटा ही था। घर की सारी ज़िम्मेदारी उसकी माँ के कंधों पर आ गई थी। माँ ने कभी थकान का नाम तक नही...

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तुम बेफिक्र रहो... By Shiva Sharma

नमस्ते साहब, मेरा नाम चमन है। मुझे राजेश साहब ने भेजा है। क्या यह संजीव साहब का मकान है?ओह चमन, आओ आओ। तुम बिल्कुल ठीक जगह पर पहुंचे हो, यह संजीव का ही मकान है और वो संजीव मैं ही ह...

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गरीब बॉयफ्रेंड निकला 1000 करोड़ का मालिक By Bikash parajuli

पहला भाग – प्यार की शुरुआतभोपाल शहर का रहने वाला राहुल एक साधारण लड़का था। उसके पापा एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे। घर की हालत बहुत खराब थी, लेकिन राहुल पढ़ाई में होशियार था।...

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सच्चाई और अपमान By Ritik Sandilya

गरीबी को हराने के बाद हर परिवार चाहता है कि उसके सदस्य एक अच्छी जिंदगी जिएं। परिवार का मुखिया वह सब जद्दोजहद करता है ताकि उसके बच्चे अच्छी शिक्षा, अच्छा भोजन और जीवन की हर वह सुविध...

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सात भाई और उनकी बहन की दुखद कथा By Raju kumar Chaudhary

सात भाई और उनकी बहन की दुखद कथाभाग 1: गाँव और परिवार का परिचयबहुत समय पहले, एक घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे गाँव में सात भाई और उनकी प्यारी बहन रहते थे। गाँव का नाम था सुमंगलपुर...

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आज़ादी का असली मतलब By mood Writer

गाँव के एक छोटे से स्कूल में कक्षा 5 का छात्र आरव हर साल 15 अगस्त का बेसब्री से इंतज़ार करता था।उसके लिए 15 अगस्त का मतलब था – झंडा फहराना, देशभक्ति के गाने सुनना, और अंत में मिठाई...

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समीक्षा - कहानी नशा मुंशी प्रेमचंद By नंदलाल मणि त्रिपाठी

 सम्राट मुन्सी प्रेम चंद्र जी कीकहानियों की समीक्षा करना किसी भी साधारण साहित्यकार के लिये कदाचित संभव नहीं है ।मात्र यही गौरव की बात हो सकती है की महान कथाकार के जन्म दिवस पर उन्ह...

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कफ़न प्रेमचंद By mood Writer

झोंपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीवी बुधिया प्रसव-वेदना से पछाड़ खा रही थी। रह-रह कर उसके मुँह से ऐसी दिल...

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रक्षा बन्धन By Raju kumar Chaudhary

रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पवित्र और भावनात्मक पर्व है, जो भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और अटूट रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइय...

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बरसात के बाद की धूप By Anju Gupta

अहमदाबाद की बारिश जैसे शहर को नहीं, रागिनी के भीतर के सूनेपन को भिगो रही थी। खिड़की के बाहर रुक-रुक कर गिरती बूँदें, बहती सड़कें और बिजली के टूटे हुए प्रतिबिंब—सब कुछ किसी धीमे और...

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मजाकिया By mukesh more

गाँव का नाम था बड़गाँव और उस गाँव की सबसे हल्की चीज़ थी वहाँ की हवा… और सबसे भारी चीज़ मज़ाकिया की बातें। मज़ाकिया, यानी गोवर्धन,नाम तो गोवर्धन रखा गया था, लेकिन किसी ने वो नाम कभी...

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एक नाबालिग की आख़िरी चीख By Luqman Gangohi

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चाय के किस्से - 2 By Rohan Beniwal

           कटिंग चाय और कटे हुए नंबर राजेंद्र नगर की एक संकरी गली में, जहाँ सुबह की पहली किरणें अभी ठीक से पहुँची भी नहीं थीं, "आदित्य टी स्टॉल" सुबह 6 बजे ही अपने छोटे से चूल्हे औ...

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आवारा लड़के By Anurag mandlik_मृत्युंजय

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एक थाली खाना By kajal Thakur

गाँव का नाम था — सूरजपुर। वहाँ एक बूढ़ी माँ रहती थी, नाम था सावित्री देवी। उनके तीन बेटे थे – राजेश, सुरेश और महेश। तीनों शादीशुदा थे और अलग-अलग रहते थे। माँ पहले सबके साथ रहती थीं...

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अंधेरी कोठरी का रहस्य - भाग 5 By Pawan

अब तक......एरियल को जंगल में वो रहस्यमयी साधु मिला, जिसने उसे बताया कि उसका पतन एक सज़ा नहीं बल्कि चुनाव था। लेकिन जैसे-जैसे एरियल सवाल पूछता गया, साधु की आंखों में कुछ छिपा हुआ डर...

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घर वापसी By Rajesh Maheshwari

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जिंदगी के रंग - 1 By Raman

आज इस शोर भरे मेट्रो में भी मुझे अकेला पन लग रहा था , मेरे चारों तरफ कितने लोग थे जो इस समय  अपने काम से वापस घर  जा रहे थे । कुछ फोन पर बातें कर रहे थे तो कुछ फोन देख रहे थे। कुछ...

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सौंदर्य एक अभिशाप! - पार्ट 12 By Kaushik Dave

"सौंदर्य एक अभिशाप !"(भाग-१२)राजकुमारी चित्रा अपने बगीचे में सूरज सिंह से मिलती है। सूरज सिंह अपने दोस्त से मिलने आया हुआ है।राजकुमारी चित्रा सूरज सिंह को अपना प्यार जताती है।चित्र...

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रुह... - भाग 8 By Komal Talati

                                     ८.बस थोड़ी दूर जाकर एक बस स्टॉप पर रुकती है। पायल खिड़की वाली सीट पर बैठी बाहर लोगों को देख रही थी। तभी उसकी नजर एक परिवार पर टिक गई थी। करीब द...

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कोई मेरा नहीं By Sharovan

कोई मेरा नहीं. . .शरोवन / कहानी*** 'मैं किसका हूँ?''पता नहीं.''कौन मेरा है?''है ही नहीं.'किसी शायर के समान उपरोक्त पंक्तियों की दिल पर चोट मारने वाल...

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