hindi Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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शाकुनपाॅंखी - 42 - मनुष्य की प्रतिष्ठा दाँव पर लगी है By Dr. Suryapal Singh

62. मनुष्य की प्रतिष्ठा दाँव पर लगी है कच्चे बाबा के आश्रम में कुछ नागरिक प्रश्नाकुल बैठे हैं। बाबा और पारिजात रोगी को औषधि देने गए हैं। अभी लौट नहीं पाए। 'जजिया कर लगा दिया गय...

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विस्थापन By bhagirath

    25 विस्थापन   (बेताल कथा 1)      रास्ता लंबा था। रास्ते को रोमांचक बनाने के लिए बेताल ने राजा विक्रम को एक कहानी सुनाई।    एक बार की बात है राजतन्त्र ने इतनी उन्नति कर ली कि रा...

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कलयुग के श्रवण कुमार - 1 - जीवन भर की बचत By संदीप सिंह (ईशू)

अभी अभी बेटे से फोन पर बात हुई थी। फोन कट चुका था। लगभग 40 वर्ष की उषा और ऐसे ही 42-43 रही होगी माधव की उम्र। बेटे से बात कर बहुत प्रसन्न थे, होठों की मुस्कान स्पष्ट कह रही थी कि क...

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काली बिल्ली By संदीप सिंह (ईशू)

आज सुबह ही वह जल्दी उठ कर तैयार हो रहा था। पर दिमाग दो राहे पर खड़ा था।उसका रिज्यूम एक बड़ी कंपनी मे चयनित हो गया था और आज सुबह 10 बजे उसका साक्षात्कार (इन्टरव्यू) था। वह चयनित होग...

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पाजेब By Bharati babbar

उसके बाहर आने तक मोबाइल चार बार बज चुका था।सुबह-सुबह कौन इतना बेताब है... लगभग झींकते हुए,आधा गीला बदन लिये वह बाथरूम से तौलिया लपेटते-लपेटते बाहर आया।चारों मिस्डकॉल अमृतसर में उनक...

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बंधन प्यार का - 2 By Kishanlal Sharma

ओ केहिना चली गयी थी।।और नरेश सन्डे का बेसब्री से इंतजार करने लगा।हिना की मोहक छवि उसके दिल मे ऐसी अंकित हो चुकी थी कि रात हो या दिन वह मोहक छवि उसकी आँखों के सामने घूमती रहती।उसने...

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जीने का हक By Dr. Pradeep Kumar Sharma

जीने का हकरात को सबके सो जाने के बाद मालती ने अपने पति जयंत के कान में धीरे से फुसफुसाया, ‘‘अजी सो गए क्या ?’’‘‘नहीं, क्या बात है मालती ? मैं देख रहा हूँ कि तुम पिछले कुछ दिनों से...

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उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

उजाले की ओर - - - संस्मरण  =================== मित्रो !  स्नेहिल नमस्कार      म...

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रक अदद औरत - 2 By Kishanlal Sharma

इसलिये वह बात बात पर ताने मारती और कोसती,"खुद तो मर गए लेकिन मेरी जान को इसे छोड़ गए।"चाची के घर मे कमला नौकरानी की तरह दिन रात पिसती रहती।सुबह अंधेरे ही चाची उसे आकर झिंझोड़ती,"उठना...

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जलसतह By Bharati babbar

उसके स्टेशन पहुँचते ही बूँदाबाँदी शुरू हो गयी।मॉनसून के साथ ही शहर का मूड जैसे बदल गया।सबके चेहरे खिले हुए लगे।एक मॉनसून ही तो बदलता है मुंबई शहर को, अन्यथा दो ही मौसम हैं यहाँ,गर्...

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सरला लौट आई By Wajid Husain

वाजिद हुसैन की कहानी -मार्मिक सरला का प्रभाव कुछ ऐसा था कि लोग उसे सर्वगुण संपन्न लड़की मानते थे‌। उसकी सम्मोहक आंखों का जादू चल जाता तो कोई शायर शायरी लिखने लगता‌। उसके पापा के पा...

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मछरगन्धा... By Saroj Verma

"क्या हुआ पुरोहित जी! ऐसे उदास क्यों बैठें हैं"? राममूरत ने बूढ़े पुरोहित जी से पूछा.... "बहुत बुरा हुआ बेटा उसके साथ,ऐसा नहीं होना चाहिए था,उसके कर्मों की इतनी बुरी सजा उसे नहीं मि...

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दिखता नहीं क्या By vinayak sharma

दशरथ पढ़ा लिखा वहीं तक था, जहाँ तक कि कुछ लिखा पढ़ सके। दशरथ का बचपन बहुत हिंज्यादा गरीबी में बीता था। गरीबी इतनी ज्यादा थी कि बहुत ही मुश्किल से परिवार का पेट भर पाता था। किसी दिन ए...

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बीते दिनों का करवा चौथ By Sudhir Srivastava

संस्मरणबीते दिनों में करवा चौथ"""""""""""""""""""""""""******* करवा चौथ का पर्व आते ही मुझे अपने बचपन के दिनों की याद आ जाती है, जब घर के आंगन में हफ्तों पहले से ही बड़ी मां दादी क...

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सानिध्या By Lakhan Nagar

अंततया , अंतिम रूप से रेलवे की परीक्षा में चयन के बाद आज देहरादून से दिल्ली जा रहा हूँ  । सारा सामान पैक कर लिया हैं । घर-परिवार स्टेशन तक छोड़कर चला गया हैं । स्टेशन पर पहुँचते ही...

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मैं ग़लत था - भाग - 11 (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

विवाह के दो दिन बाद पग फेरे के लिए जब छोटे लाल छुटकी और भले राम को अपने घर ले गया तब उसने अपने माँ-बाप की आपस में बात सुनी। उसकी माँ ने कहा, "छोटे के बाबूजी एक परात में पानी रख लेत...

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शाकुनपाॅंखी - 42 - मनुष्य की प्रतिष्ठा दाँव पर लगी है By Dr. Suryapal Singh

62. मनुष्य की प्रतिष्ठा दाँव पर लगी है कच्चे बाबा के आश्रम में कुछ नागरिक प्रश्नाकुल बैठे हैं। बाबा और पारिजात रोगी को औषधि देने गए हैं। अभी लौट नहीं पाए। 'जजिया कर लगा दिया गय...

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विस्थापन By bhagirath

    25 विस्थापन   (बेताल कथा 1)      रास्ता लंबा था। रास्ते को रोमांचक बनाने के लिए बेताल ने राजा विक्रम को एक कहानी सुनाई।    एक बार की बात है राजतन्त्र ने इतनी उन्नति कर ली कि रा...

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कलयुग के श्रवण कुमार - 1 - जीवन भर की बचत By संदीप सिंह (ईशू)

अभी अभी बेटे से फोन पर बात हुई थी। फोन कट चुका था। लगभग 40 वर्ष की उषा और ऐसे ही 42-43 रही होगी माधव की उम्र। बेटे से बात कर बहुत प्रसन्न थे, होठों की मुस्कान स्पष्ट कह रही थी कि क...

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काली बिल्ली By संदीप सिंह (ईशू)

आज सुबह ही वह जल्दी उठ कर तैयार हो रहा था। पर दिमाग दो राहे पर खड़ा था।उसका रिज्यूम एक बड़ी कंपनी मे चयनित हो गया था और आज सुबह 10 बजे उसका साक्षात्कार (इन्टरव्यू) था। वह चयनित होग...

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पाजेब By Bharati babbar

उसके बाहर आने तक मोबाइल चार बार बज चुका था।सुबह-सुबह कौन इतना बेताब है... लगभग झींकते हुए,आधा गीला बदन लिये वह बाथरूम से तौलिया लपेटते-लपेटते बाहर आया।चारों मिस्डकॉल अमृतसर में उनक...

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बंधन प्यार का - 2 By Kishanlal Sharma

ओ केहिना चली गयी थी।।और नरेश सन्डे का बेसब्री से इंतजार करने लगा।हिना की मोहक छवि उसके दिल मे ऐसी अंकित हो चुकी थी कि रात हो या दिन वह मोहक छवि उसकी आँखों के सामने घूमती रहती।उसने...

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उजाले की ओर - - - संस्मरण  =================== मित्रो !  स्नेहिल नमस्कार      म...

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"क्या हुआ पुरोहित जी! ऐसे उदास क्यों बैठें हैं"? राममूरत ने बूढ़े पुरोहित जी से पूछा.... "बहुत बुरा हुआ बेटा उसके साथ,ऐसा नहीं होना चाहिए था,उसके कर्मों की इतनी बुरी सजा उसे नहीं मि...

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मैं ग़लत था - भाग - 11 (अंतिम भाग) By Ratna Pandey

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