hindi Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • उजाले की ओर –संस्मरण

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  • गाँव का जीवन

    गाँव का जीवनहाँ, मैंने गांव को इतने करीब से जिया है, खेतों में पीले सरसों के फूल...

  • संवेदना

    बड़े दुःख की बात है कि रमाकांत पांडेजी की पत्नी नहीं रही। वे करीब पैंसठ वर्ष की थ...

उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

================== स्नेहिल नमस्कार मित्रों   लाली मेरे लाल की जीत देखूं तित लाल,  लाली देखन मैं चल...

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गाँव का जीवन By DINESH KUMAR KEER

गाँव का जीवनहाँ, मैंने गांव को इतने करीब से जिया है, खेतों में पीले सरसों के फूलों को सौंधी खुशबु के साथ खिलते देखा, सर्दी मे कोहरे की सफेद चादर की धुंध से लोगों की छिपत हुए देखा,ह...

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बन्धन प्यार का - 16 By Kishanlal Sharma

पत्थर लगते ही हिना के सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर गयी"हिना हिना क्या हुआ।उठो।आंखे खोलोनरेश ने बहुत कोशिश की लेकिन वह बेहोश हो गयी थी।तब नरेश ने उसे गोद मे उठाया और पथ...

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मुझसे शादी कर लो - 11 By Kishanlal Sharma

वे चारो माया को श्वेता समझकर उठा ले गये थे।राघव ने उनकी गाड़ी का नम्बर नोट कर लिया था"वह कौन थी और उसे गुंडे क्यो उठा ले गए"वह माया है,"राघव ने स्वेता को माया के बारे में सब कुछ बता...

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दिनू की कहानी By DINESH KUMAR KEER

दिनू की कहानीएक समय की बात है । खेड़ा नामक एक गांँव में एक अमीर साहूकार हेमा रहता था । वह बहुत ही धनवान था । गाँव के लोग उसका बहुत सम्मान करते थे । इस वजह से साहूकार घमण्डी और अहंक...

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संवेदना By bhagirath

बड़े दुःख की बात है कि रमाकांत पांडेजी की पत्नी नहीं रही। वे करीब पैंसठ वर्ष की थी। अचानक ही चक्कर आया और उन्हें एम्बुलेंस से हॉस्पिटल लाना पड़ा। पांडेजी के दोस्त पंकज श्रीवास्तव भाग...

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प्रभु श्रीराम का उपहार By Wajid Husain

वाजिद हुसैन की कहानी आज उसका जन्मदिन था‌। उसकी बगिया में सूरज की धूप चमक रही थी। नालिनी के फूल अपनी लंबी डंडियों पर संतरियों की तरह सीधे खड़े थे। वे नीचे घास में उगे गुलाबो की तरफ...

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जगत का जंजाल-संसृति By Shivraj Anand

         (मनुष्यों को अपने हृदय की सु बुद्धि से दीपशिखा जलाने चाहिए।उन्हे इक दुसरे के मध्य भेदभाव डालकर मौजमस्ती नही करनी चाहिए।मौजमस्ती दो पल की भूल है उनके कुबुद्धि का फल शूल है)...

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वो श्याम सलोनी - 1 By Anshika

वो एकटक बगीचे के फूलों को निहार रही थी रंग रूप पर उसने कभी खुद से ध्यान ही नहीं दिया था क्योंकि उसने हमेशा अपने पापा से यही सुना था की बच्चे इंसान का मन साफ होना चाहिए रंग और खुबसू...

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दद्दा By Bharati babbar

दद्दा का सामान वापस आ गया।सामान यानि एक सूटकेस, वी आय पी का सबसे पुराना मॉडल,कत्थई रंग का और बहुत बार घसीटे जाने के कारण जगह-जगह सफ़ेद खरोंचों से भरा हुआ।अंदर का सामान भी गिनाचुना,...

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जीने की सोच By DINESH KUMAR KEER

*ये कहानी आपके जीने की सोच बदल देगी!*एक दिन एक किसान का बैल कुएँ में गिर गया।वह बैल घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिए और क्या...

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प्यार का इम्तेहान By Dr. Pradeep Kumar Sharma

प्यार का इम्तेहानहमारी कॉलोनी की गणपति महोत्सव की धूम पूरे शहर में मशहूर है। इस अवसर पर लगातार दस दिनों तक यहाँ मेले की तरह धूम रहती है। बच्चे, जवान, बुजुर्ग, स्त्री-पुरूष सभी लोग...

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अंतिम विकल्प By Dr. Pradeep Kumar Sharma

अंतिम विकल्प'टिंग टाँग', 'टिंग टाँग'डोरबेल की आवाज सुनकर किचन से ही पिंकी की मम्मी रागिनी अपने पति राकेश से बोली, "पिंकी के पापा, देखिए जरा, कोई आया है।"दरवाजा खोलत...

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राष्ट्रप्रेम By Dr. Pradeep Kumar Sharma

राष्ट्रप्रेमदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। दुकानदार लगभग हर चीज में मिलावट कर बेच रहे थे। सभी दफ्तरों में सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की मनमानी चल रही थी। महिलाओं और बच्चों क...

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मुसद्दी - एक प्रेम कथा - 3 By संदीप सिंह (ईशू)

3️⃣ मुसद्दी के ठेले पर भी विकास दिखा... अब तरबूज के साथ साथ फलो के राजा आम और नारियल (हरा) भी आ गया था । पर ठेला अब भी नीम की शीतल छांव मे रुकता। पड़ोसी आनंदित की निठल्ला सुधर गया औ...

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मान न मान मैं तेरा मेहमान By Sudhir Srivastava

आलेख मान न मान मैं तेरा मेहमान************************* यूँ तो हम सभी जानते ही नहीं मानते भी हैं कि एक प्रसिद्ध मुहावरे "मान न मान‌ मै तेरा मेहमान" मुहावरे का अर्थ ही होता है.. "जब...

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कलयुग के श्रवण कुमार - 7 - मन की शीतलता By संदीप सिंह (ईशू)

मन की शीतलता (सामाजिक कहानी) गर्मी अपने चरम पर थी, महीना जरूर अप्रैल था किंतु गर्मी बाप रे.. अभी से 38°C - 40°C पहुंच रहा था। अनुराग क्रूड रिफाइनरी प्लांट गेट के बाहर आया। अनुराग ए...

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अपकर्म By नंदलाल मणि त्रिपाठी

शीर्षक - अपकर्म भारत के महत्पूर्ण नगरी काशी वाराणसी बनारस कि सांस्कृतिक शैक्षिक प्रवृति से विधिवत परिचित हूं अपने पंद्रह वर्षों के प्रवास में बहुत से मित्र एवं शत्रुओं को बनाया सिर...

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बॉडीगार्ड - 1 By MR. JAYANT

यह कहानी है एक ऐसे इंसान की, जिसने अपनी जिंदगी इंसानियत के और स्त्री रक्षा पर न्यौछावर कर दी। कहते है की , सदियों से इस धरती पर भगवान ने अवतार लिया है। जिन्हे आज के दौर मे एंजल (फर...

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फोटो वाली लड़की By Kishanlal Sharma

राजन कालेज के बाहर एक पेड़ के नीचे आकर खड़ा हो गया।उसने जेब से फोटो निकालकर देखा।यह फोटो उसे कानपुर वाली मौसी ने भेजा था।राजन के एम सी ए करते ही उसकी नौकरी लग गयी और वह आगरा आ गया था...

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झिलमिल सपने की धुंधली चादर By संदीप सिंह (ईशू)

झिलमिल सपने की धुंधली चादर बस जैसे ही स्टाप पर रुकी। चढ़ने उतरने वालो की भीड़ का रेला सा दिखा। चढ़ने वालो के काफिले मे अस्त व्यस्त परेशान सा एक बैग सम्हालते मैं भी थी। खैर, सीट मिल...

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एक अदद औरत - 4 By Kishanlal Sharma

उसने फिर से एक बार किराए पर मकान ले लिया था।अब एक बार फिर उसकी दिनचर्या में एक बार फिर परिवर्तन आया था।पहले वह स्टेशन पर ही रहता था।लेकिन मकान लेने के बाद वह रात को ट्राली को नौकर...

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शाकुनपाॅंखी - 43 - सवाल अहम है By Dr. Suryapal Singh

63. सवाल अहम है कच्चे बाबा का आश्रम। बरगद के पेड़ के नीचे बाबा, सूफी फकीर और पं पारिजात शर्मा बैठे हैं। उनके सामने आश्रम के विद्यार्थी । कान्यकुब्ज कुछ ही कोस की दूरी पर है। उसके प...

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उजाले की ओर –संस्मरण By Pranava Bharti

================== स्नेहिल नमस्कार मित्रों   लाली मेरे लाल की जीत देखूं तित लाल,  लाली देखन मैं चल...

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गाँव का जीवन By DINESH KUMAR KEER

गाँव का जीवनहाँ, मैंने गांव को इतने करीब से जिया है, खेतों में पीले सरसों के फूलों को सौंधी खुशबु के साथ खिलते देखा, सर्दी मे कोहरे की सफेद चादर की धुंध से लोगों की छिपत हुए देखा,ह...

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बन्धन प्यार का - 16 By Kishanlal Sharma

पत्थर लगते ही हिना के सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर गयी"हिना हिना क्या हुआ।उठो।आंखे खोलोनरेश ने बहुत कोशिश की लेकिन वह बेहोश हो गयी थी।तब नरेश ने उसे गोद मे उठाया और पथ...

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मुझसे शादी कर लो - 11 By Kishanlal Sharma

वे चारो माया को श्वेता समझकर उठा ले गये थे।राघव ने उनकी गाड़ी का नम्बर नोट कर लिया था"वह कौन थी और उसे गुंडे क्यो उठा ले गए"वह माया है,"राघव ने स्वेता को माया के बारे में सब कुछ बता...

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दिनू की कहानी By DINESH KUMAR KEER

दिनू की कहानीएक समय की बात है । खेड़ा नामक एक गांँव में एक अमीर साहूकार हेमा रहता था । वह बहुत ही धनवान था । गाँव के लोग उसका बहुत सम्मान करते थे । इस वजह से साहूकार घमण्डी और अहंक...

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संवेदना By bhagirath

बड़े दुःख की बात है कि रमाकांत पांडेजी की पत्नी नहीं रही। वे करीब पैंसठ वर्ष की थी। अचानक ही चक्कर आया और उन्हें एम्बुलेंस से हॉस्पिटल लाना पड़ा। पांडेजी के दोस्त पंकज श्रीवास्तव भाग...

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प्रभु श्रीराम का उपहार By Wajid Husain

वाजिद हुसैन की कहानी आज उसका जन्मदिन था‌। उसकी बगिया में सूरज की धूप चमक रही थी। नालिनी के फूल अपनी लंबी डंडियों पर संतरियों की तरह सीधे खड़े थे। वे नीचे घास में उगे गुलाबो की तरफ...

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जगत का जंजाल-संसृति By Shivraj Anand

         (मनुष्यों को अपने हृदय की सु बुद्धि से दीपशिखा जलाने चाहिए।उन्हे इक दुसरे के मध्य भेदभाव डालकर मौजमस्ती नही करनी चाहिए।मौजमस्ती दो पल की भूल है उनके कुबुद्धि का फल शूल है)...

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वो श्याम सलोनी - 1 By Anshika

वो एकटक बगीचे के फूलों को निहार रही थी रंग रूप पर उसने कभी खुद से ध्यान ही नहीं दिया था क्योंकि उसने हमेशा अपने पापा से यही सुना था की बच्चे इंसान का मन साफ होना चाहिए रंग और खुबसू...

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दद्दा By Bharati babbar

दद्दा का सामान वापस आ गया।सामान यानि एक सूटकेस, वी आय पी का सबसे पुराना मॉडल,कत्थई रंग का और बहुत बार घसीटे जाने के कारण जगह-जगह सफ़ेद खरोंचों से भरा हुआ।अंदर का सामान भी गिनाचुना,...

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जीने की सोच By DINESH KUMAR KEER

*ये कहानी आपके जीने की सोच बदल देगी!*एक दिन एक किसान का बैल कुएँ में गिर गया।वह बैल घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिए और क्या...

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प्यार का इम्तेहान By Dr. Pradeep Kumar Sharma

प्यार का इम्तेहानहमारी कॉलोनी की गणपति महोत्सव की धूम पूरे शहर में मशहूर है। इस अवसर पर लगातार दस दिनों तक यहाँ मेले की तरह धूम रहती है। बच्चे, जवान, बुजुर्ग, स्त्री-पुरूष सभी लोग...

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अंतिम विकल्प By Dr. Pradeep Kumar Sharma

अंतिम विकल्प'टिंग टाँग', 'टिंग टाँग'डोरबेल की आवाज सुनकर किचन से ही पिंकी की मम्मी रागिनी अपने पति राकेश से बोली, "पिंकी के पापा, देखिए जरा, कोई आया है।"दरवाजा खोलत...

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राष्ट्रप्रेम By Dr. Pradeep Kumar Sharma

राष्ट्रप्रेमदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर था। दुकानदार लगभग हर चीज में मिलावट कर बेच रहे थे। सभी दफ्तरों में सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की मनमानी चल रही थी। महिलाओं और बच्चों क...

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मुसद्दी - एक प्रेम कथा - 3 By संदीप सिंह (ईशू)

3️⃣ मुसद्दी के ठेले पर भी विकास दिखा... अब तरबूज के साथ साथ फलो के राजा आम और नारियल (हरा) भी आ गया था । पर ठेला अब भी नीम की शीतल छांव मे रुकता। पड़ोसी आनंदित की निठल्ला सुधर गया औ...

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मान न मान मैं तेरा मेहमान By Sudhir Srivastava

आलेख मान न मान मैं तेरा मेहमान************************* यूँ तो हम सभी जानते ही नहीं मानते भी हैं कि एक प्रसिद्ध मुहावरे "मान न मान‌ मै तेरा मेहमान" मुहावरे का अर्थ ही होता है.. "जब...

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कलयुग के श्रवण कुमार - 7 - मन की शीतलता By संदीप सिंह (ईशू)

मन की शीतलता (सामाजिक कहानी) गर्मी अपने चरम पर थी, महीना जरूर अप्रैल था किंतु गर्मी बाप रे.. अभी से 38°C - 40°C पहुंच रहा था। अनुराग क्रूड रिफाइनरी प्लांट गेट के बाहर आया। अनुराग ए...

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अपकर्म By नंदलाल मणि त्रिपाठी

शीर्षक - अपकर्म भारत के महत्पूर्ण नगरी काशी वाराणसी बनारस कि सांस्कृतिक शैक्षिक प्रवृति से विधिवत परिचित हूं अपने पंद्रह वर्षों के प्रवास में बहुत से मित्र एवं शत्रुओं को बनाया सिर...

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बॉडीगार्ड - 1 By MR. JAYANT

यह कहानी है एक ऐसे इंसान की, जिसने अपनी जिंदगी इंसानियत के और स्त्री रक्षा पर न्यौछावर कर दी। कहते है की , सदियों से इस धरती पर भगवान ने अवतार लिया है। जिन्हे आज के दौर मे एंजल (फर...

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फोटो वाली लड़की By Kishanlal Sharma

राजन कालेज के बाहर एक पेड़ के नीचे आकर खड़ा हो गया।उसने जेब से फोटो निकालकर देखा।यह फोटो उसे कानपुर वाली मौसी ने भेजा था।राजन के एम सी ए करते ही उसकी नौकरी लग गयी और वह आगरा आ गया था...

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झिलमिल सपने की धुंधली चादर By संदीप सिंह (ईशू)

झिलमिल सपने की धुंधली चादर बस जैसे ही स्टाप पर रुकी। चढ़ने उतरने वालो की भीड़ का रेला सा दिखा। चढ़ने वालो के काफिले मे अस्त व्यस्त परेशान सा एक बैग सम्हालते मैं भी थी। खैर, सीट मिल...

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एक अदद औरत - 4 By Kishanlal Sharma

उसने फिर से एक बार किराए पर मकान ले लिया था।अब एक बार फिर उसकी दिनचर्या में एक बार फिर परिवर्तन आया था।पहले वह स्टेशन पर ही रहता था।लेकिन मकान लेने के बाद वह रात को ट्राली को नौकर...

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शाकुनपाॅंखी - 43 - सवाल अहम है By Dr. Suryapal Singh

63. सवाल अहम है कच्चे बाबा का आश्रम। बरगद के पेड़ के नीचे बाबा, सूफी फकीर और पं पारिजात शर्मा बैठे हैं। उनके सामने आश्रम के विद्यार्थी । कान्यकुब्ज कुछ ही कोस की दूरी पर है। उसके प...

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