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****यदि मिल जाए ज़िन्दगी में सब कुछ, हर दुआ कबूल हो जाए, तो फिर ज़िन्दगी जीने का मज़ा कैसा? यदि मिल जाए हर ख़्वाहिश का फल पल भर में, तो फिर इंतज़ार की मिठास कैसी? मैं चाहूँ अगर हर सपने का मुकम्मल होना, तो ज़िन्दगी में अंधेरों से लड़कर उजाले तक पहुँचने का मज़ा कैसा?**** **** ---- by rakshita
आ...... गया....... है ➡👻🖤 काल गढ़ की तारा - 4 दुल्हन जैसा सजा आँगन, बारातियों की जगह मौत का साया! रुद्र दूल्हा बना है दिल का इंतजार तारा या दुल्हन🧟♀️🧛♀️? दीयों से सजा है आँगन, पर छाया है घोर अंधेरा, दूल्हा बन बैठा रुद्र, ये कैसा मौत का फेरा। गेंदा फूल महक रहे, पर हवा में खौफ बसा है, हज़ार दीयों की लौ में, कोई राज़ छिपा हंसा है। तारा चले जिस डगर, वो डगर नहीं आसान, काल गढ़ की दीवारों में कैद है उसकी जान। अब देखो तारा बनेगी तारा, या बुझेगी बन शमशान।
सुबह उठते ही ज्ञान बाँटने लगे, व्हाट्सऐप पर उपदेश छाँटने लगे। किताब को तकिए के नीचे सुलाया, गूगल बाबा को गुरु बनाया। पढ़ा एक पन्ना, बने विद्वान भारी, कहें व्यंग्य में बात बड़ी प्यारी, पर सच ये है दुनिया की रीत पुरानी, कोई फॉलो नहीं करता, बस हँस देता है ज्ञानी? 😁 **--- by rakshita
मेहनत से लिखी तकदीर और ईमानदारी से खिंची लकीर को, खुद भगवान भी तराजू पर तौलता है। *********राज-मुकुट : वो राजा जिसके पैर में चप्पल नहीं थी********* 1920 में एक अंग्रेज ने कहा - 'अनपढ़'! वो शब्द उसके दिल में तीर की तरह चुभ गया। मंगलूरु स्टेशन, सिर पर संतरे की टोकरी, पैरों में चप्पल तक नहीं, पर आँखों में एक सपना। 23 साल बाद, उसी 'अनपढ़' को लेने राष्ट्रपति भवन से गाड़ी आई। संतरे बेचकर जिसने स्कूल खरीद लिया, वो नंगे पैर वाला राजा था - हरेकला हजाब्बा। ये कहानी पढ़ो, और बताऔ कैसा लगा सच्चा सफर🔥✨ #rajmukut
आ...... गया है......👻🖤 काल गढ़ की तारा - 3 : दर्पण में तीसरी औरत👻🖤 चेतावनी: कमजोर दिल वाले इस कहानी से दूर रहें! ये कहानी रात में अकेले न पढ़ें। शादी की पहली रस्म... और महल के शाही कक्ष में लगा 100 साल पुराना विशाल, श्रापित दर्पण... एक डरावनी चीख के साथ 100 टुकड़ों में बिखर गया! भूषण सिंह का माथा ठनका, उन्होंने तुरंत बात दबा दी। दासियों से कहलवा दिया - "कह दो, बिल्ली ने तोड़ दिया।" पर तारा जानती थी... उसने अपनी आँखों से देखा था... टूटने से ठीक एक पल पहले उस दर्पण में दो नहीं, तीन औरतें थीं! तीसरी औरत... जिसके लंबे काले बाल चेहरे को ढके थे, जिसकी सफेद साड़ी खून से सनी थी, और जो मुस्कुरा कर सीधा तारा को ही देख रही थी! अब वो हर रात लौटती है। हर टूटे हुए कांच के टुकड़े में। हर परछाई में। वो दर्पण से बाहर आना चाहती है... और उसे चाहिए... तारा का शरीर! आ गया है काल गढ़ की तारा का सबसे डरावना EPISODE 3 - क्या आपमें है इसे अंत तक पढ़ने की हिम्मत? क्या है इस दर्पण का 100 साल पुराना काला राज... आगे के लिए 🔥 follow💗🖤 #horror #love #badla #mystery #thriller #kalgadhkitara #daravanikahani
*****नयी राह पर चलने से डर लगता है, नयी राह दिखाओगे क्या? कभी हाथ पकड़ कर संभाल पाओगे क्या? जैसे मेरी माँ मेरी तकलीफ की हर वजह जान जाती है, तुम जान पाओगे क्या? जैसे करती हूँ खुद से, वैसा भरोसा करा पाओगे क्या?**** *** --- by rakshita
अगर सुबह हमेशा साथ होती, तो कहाँ होता पंछियों का राग? अगर सुबह हमेशा साथ होती, तो कहाँ होता आग सा जलता सूरज? अगर सुबह हमेशा साथ होती, तो जीवन में मधुर गान कहाँ होता? ना आती कभी जीवन में शाम, तो बेहद हसीन नज़ारे कहाँ होते? अगर सुबह हमेशा साथ होती, तो पहाड़ियों का थकान भरा सुकून कैसा होता? और कैसे बहती ये अविरल सुबह???? ----- by rakshita
सारघा - 4 आ गया है! 🖤💀 बातें जो दिल तक गहरी हो चुकी थीं... पर उस रात दिल की नहीं, मौत की दस्तक थी! टिप-टिप... टिप-टिप... बारिश नहीं, किसी के कदमों की आहट थी जो मिट्टी के घर की तरफ बढ़ रही थी। चूल्हे की आग में दो परछाइयाँ थीं, पर तीसरी परछाई किसकी थी? जो बिना बुलाए अंदर आ चुकी थी! उस महल में कोई है... जो इन दोनों के प्यार को जिंदा नहीं रहने देगा। क्या इस बार सारघा अपने प्यार को बचा पाएगी? या ये रात उनकी आखिरी रात होगी? पढ़िए - सारघा - 4 एक ऐसी हॉरर लव स्टोरी, जिसे पढ़ने के बाद आप अकेले सो नहीं पाओगे! इस बार प्यार से ज्यादा खतरनाक है राज़! 👀 #1 पर ट्रेंड हो रहा है - क्या आपने पढ़ा? फॉलो करो @रक्षिता पाल - वरना अगला एपिसोड मिस हो जाएगा! ❤️
***तुझको जब-जब चाहा, मैंने समां यूँ बाँधा तूने बिखेरा मुझको, तोड़ा हर एक वादा जब टूटा किरदार तेरा, तब जाना मैंने वफ़ादार तो यहाँ बस तन्हा दिल था**** ****---- by rakshita
काल गढ़ की तारा - 2 काल गढ़ एक ऐसा किला है जहाँ हड्डियाँ बिछी हैं, खून का समंदर है, काला धुआँ साँसें रोक रहा है। सिर्फ चीखें हैं और एक भयानक हँसी जो दिमाग में गूँज रही है।******यूँ तो गुनहगार हैं हम किसी की नज़र में, पर बेगुनाही के सबूत लिए बैठे हैं, किसी ने सुना ही नहीं हमारी ख़ामोशी को, हम अपनी ही तन्हाई में जिए बैठे हैं, बस एक बार दे दो मौका सफ़ाई का हमें, ना सही तो इल्ज़ाम भी क़ुबूल है, हम तो आज भी उसी मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ इश्क़ का दावा किए बैठे हैं। क्या तारा अपनी बेगुनाही साबित कर पाएगी? या काल गढ़ उसे भी अपना हिस्सा बना लेगा? एक हॉरर, मिस्ट्री और सैड लव स्टोरी का दूसरा भाग। #KaalGadhKiTaara2 #HorrorStory #Mystery #BhayanakKahani #HindiHorror #Matrubharti #SadLoveStory #BhootKahani #Taara #EkBhaykatha
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