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बड़ा होने की जल्दी थी... बड़ा होने की बहुत जल्दी थी बचपन में, लगता था... बस एक बार बड़े हो जाएँ, फिर ज़िंदगी अपनी होगी। न कोई डाँटेगा, न पढ़ाई का डर होगा, न सुबह-सुबह स्कूल जाने की जल्दी होगी। सोचते थे... जेब में पैसे होंगे, दोस्त होंगे, घूमेंगे, जो मन करेगा वो करेंगे। लेकिन... किसे पता था, बड़ा होने का मतलब सिर्फ़ उम्र का बढ़ना नहीं होता। --- जब स्कूल में था, तो लगता था कॉलेज की ज़िंदगी सबसे खूबसूरत होगी। नई दुनिया होगी, नए दोस्त होंगे, और मेरे पास भी एक Ranger साइकिल होगी। जिसे चलाकर मैं पूरे शहर में घूमूँगा। लेकिन कॉलेज आया... और साइकिल नहीं आई। कुछ सपने रास्ते में ही रह गए। --- फिर सोचा... कॉलेज खत्म होगा, तो नौकरी मिलेगी। अपनी कमाई होगी। माँ-बाप को खुश रखूँगा। घर की हालत बदल दूँगा। लेकिन... डिग्री हाथ में आई, और नौकरी नहीं आई। सपने फिर थोड़े छोटे करने पड़े। --- फिर घर से दूर जाना पड़ा। उन लोगों से दूर, जिनके साथ बैठकर खाना खाता था। जिनके साथ हँसता था। जिनसे लड़ता था। जिन्हें छोड़ने का कभी सोचा भी नहीं था। --- अब कमरा है, चार दीवारें हैं, और एक मोबाइल है। जिसमें घर की तस्वीरें हैं। और उन्हीं तस्वीरों को देखकर कभी-कभी आँखें भर जाती हैं। --- बचपन में लगता था पैसे होंगे तो खुश रहेंगे। आज पैसे कमाने निकल पड़े हैं, पर खुशी कहीं पीछे छूट गई है। --- अब समझ आता है, पापा इतने चुप क्यों रहते थे। माँ रात को देर तक जागती क्यों थी। घर चलाना कितना मुश्किल होता है। और ज़िम्मेदारियाँ कितनी भारी होती हैं। --- बचपन में बीस रुपये खो जाएँ, तो पूरी दुनिया खत्म लगती थी। आज हजारों खर्च हो जाते हैं, फिर भी चेहरे पर मुस्कान रखनी पड़ती है। --- पहले दोस्त बिछड़ते थे, तो रो लेते थे। आज अपने बिछड़ जाते हैं, और रोने का भी वक़्त नहीं मिलता। --- बचपन में जल्दी बड़ा होना चाहते थे। आज दिल करता है कोई वापस उस स्कूल की घंटी बजा दे। कोई फिर से होमवर्क दे दे। कोई फिर से कह दे— "बेटा, अभी तुम छोटे हो..." --- क्योंकि अब समझ आया है, बड़ा होना कोई उपलब्धि नहीं थी। बड़ा होना तो धीरे-धीरे अपने सपनों का छोटा होते जाना था। --- कुछ सपने पूरे नहीं हुए। कुछ लोग साथ नहीं रहे। कुछ रिश्ते छूट गए। कुछ इच्छाएँ अधूरी रह गईं। --- लेकिन फिर भी... हर सुबह उठकर हम मुस्कुरा देते हैं। क्योंकि हम लड़के हैं। हमें बचपन से सिखाया गया है— दर्द छुपाना, ज़िम्मेदारियाँ उठाना, और चलते रहना। --- और शायद... हर लड़के की कहानी कहीं न कहीं यही होती है। बचपन में बड़ा होने का सपना, और बड़े होकर... बस थोड़ा सा बचपन ढूँढते रह जाना। 🖤🥀 — आकाश गुप्ता ✍️ Insta || witha_kash
19/06/2026 मेरी आज एक चप्पल कार से गिर गयी उसके लिए
जिस दिन तुम्हें लगे कि कोई तुम्हें समझ नहीं रहा... उस दिन एक खाली पन्ना उठाना। और जो दिल में है लिख देना। यकीन मानो, दुनिया से पहले कागज़ तुम्हें समझ लेगा। — आकाश गुप्ता Insta || @witha_kash
हर टूटा हुआ इंसान शराब नहीं पीता... कुछ लोग किताबें पढ़ने लगते हैं। कुछ रातों को जागने लगते हैं। कुछ चाँद से बातें करते हैं। और कुछ... अपनी सारी खामोशी किसी डायरी के पन्नों में छुपा देते हैं। — आकाश गुप्ता @witha_kash
कभी-कभी सोचता हूँ... क्या मुझे वहाँ लौटना चाहिए, जहाँ से मैं खुद को खोकर लौटा था। जहाँ मोहब्बत तो मिली थी, मगर सुकून नहीं। फिर याद आता है, कुछ दरवाज़े दोबारा खोलने के लिए नहीं, हमेशा के लिए बंद करने के लिए होते हैं। — आकाश गुप्ता | @witha_kash
मेरी आने वाली किताब की कुछ lines Page 133 अस्सी घाट पर रात और गहरी हो चुकी थी। कुछ दूर एक नाव वाला अपनी नाव बाँध रहा था। अक्षरा ने मेरी तरफ़ देखा। "एक बात पूछूँ?" "पूछो।" "अगर उस समय कोई तुमसे पूछता कि तुम्हारी सबसे बड़ी खुशी क्या है, तो क्या जवाब देते?" मैं बिना सोचे बोला— "उसका एक बार दिख जाना।" अक्षरा ने सिर झुका लिया। धीरे से बोली— "और आज?" मैं हँसा नहीं। "आज… किसी का इंतज़ार नहीं करता।"
तेरे मिलने की खुशी एक तरफ, तुझे खोने का गम एक तरफ, तुझे पाकर भी खो दिया, ये सवाल एक तरफ। मुझे पता है कि तू वापस नहीं आएगा, तेरा प्यार और गुस्सा एक तरफ… मेरी गलतियाँ भी कम नहीं थीं, मेरी खामोशियाँ भी गुनाह बन गईं, तुझे संभाल न सका, ये अफसोस एक तरफ। तू दूर होकर भी दिल के पास है, तेरी यादों का एहसास एक तरफ, तुझे भूलने की हर कोशिश… और तेरा हर बार याद आ जाना एक तरफ। अब ना कोई शिकायत है, ना कोई हक़ बाकी, बस तेरी खुशियों की दुआ है एक तरफ, और मेरी अधूरी मोहब्बत की कहानी एक तरफ।
क्या टूटे हुए कांच के गिलास मे पानी रुक सकता है ? क्या हर बार एकतरफा तोड़ने वाला रिस्ता फिर से जुड़ सकता है? फिर सायद तुम एक दिन लड़ाई करने के बाद वापस अना चाहो और वो तुम्हे मिले ही ना । और तुम्हे पछतावा हो मगर वो तुम्हारा ना हो । जब वह अंदर ही अंदर से टूट कर कही दूर चला जाये और तुम्हे मिले ही ना । जैसा तुमने उसके साथ किया वैसे ही कोई तुम्हारे साथ करे फिर तुम्हे समझ आये , मानना चाहो आपनी गलतियां मगर वह तुम्हे मिले ना।
पहली मोहोब्बत पहली मोहोब्बत होती है। फिर जो हो जाये वो मजबूरी होती है। कुछ होते है जो पागल रहते है सिर्फ उसी सक्स के लिए । लेकिन वो किसी और की ज्यादा खूबसूरत मोहोब्बत होती है। चाहने को तुम जिसे चाहती हो कही तुम उसकी दूसरी मोहोब्बत तो नही। जिस तरह तुम छोड़कर चली गयी थी मुझे। उसी तरह तो उसने भी किसी को छोड़ा तो नही। कहती हो की खुस हू मै अपने नये यार के साथ। कही उसने तुम्हे बिस्तर पर मारा तो नही। खुस हो तो खुस रहना । अगर वो छोड़ जाए तो दुखी मत होना । फ्री मे मिल जाए पैसा तो मेहनत का पता कहा चलता है। जब तक टूटे ना अपना दिल तब तक दुसरो का दिल तोड़ने मे मजा आता है । आकाश गुप्ता। 23/03/25 instagram 👇 @akash_zax @desolate_.soul
किसी और की सजा मै किसी और को दूंगी , मै अपना दिल हर किसी को दूंगी। जब भी आदत लग जायेगी मेरी जिस मजनू को , बीच रास्ते मे छोड़कर उसके प्यार और उसके भोलेपन का क़त्ल कर दूँगी। मै यह सब हर बार करती हू मै कहा किसी से प्यार करती हू। सच्चाई तो यह है ,की लोगो के दिलो का क़त्ल और लोगो से मै व्यपार करती हू। आकाश गुप्ता ✍️
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