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दोष बताओकमल चोपड़ापति के माथे पर बल पड़ गये थे, "महिलाएँ तो हमारे ऑफिस में भी...
अभी तक आपने पढ़ा कि रितु के बलात्कार की ख़बर सुनकर उसका भाई किशन और माता-पिता गहर...
महाभारत की कहानी - भाग-२२४ कृष्ण वर्णित कामगीता प्रस्तावना कृष्णद्वैपायन वेदव्...
. राधा का संगम - प्रकरण 3 राधा स...
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 18बुरे सपने का वबंडर, फलेशबेक का तुफान, और रु...
----------------चारू ने सर उठाकर देखा तो अमर होंठ भींच उसे ही देख रहा था। उसकी उ...
अत्याचार की पराकाष्ठाआश्रम के लगभग सभी छात्र प्रह्लाद की राह पर चल पड़े थे। इन छ...
कमरा पूरी तरह अंधेरे में डूब चुका था ना कोई आवाज ना कोई हलचलसिर्फ एक चीज़ सुनाई...
Hi guys ️काफी लम्बे अरसे के बाद मैं यहां वापस आई हूं..️मैंने यहां अपनी ये नाव...
अद्वैत वेदांत 2.0: जीवन, माया और अज्ञात के चक्र का व्यापक दार्शनिक एवं वैज्ञान...
हवाई अड्डे की भीड़ में मेहरीश एक पतली सी रेखा की तरह खड़ी थी। उसके कंधे पर एक छोटा सा बैग था, हाथ में एक किताब, और आँखों में एक ऐसी थकान जो सालों की नहीं, जन्मों की लगती थी। उसकी म...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
बहुत से स्टूडेंट्स एक बोर्ड के सामने खड़े अपना -अपना रिजल्ट देख रहे थे। स्टूडेंट का एक बड़ा ग्रुप धक्का -मुक्की करते हुए अपने रिजल्ट पहले देखने ही होड़ में लगा हुआ था। वहीं कुछ दू...
चारों तरफ एक ऐसी रोशनी थी जो धूप से छनकर, हल्की सी अयान के चेहरे पर पड़ रही थी। अयान रॉय, अपनी कोठी की बालकनी में खड़ा था। हवा में, एक शाही रसूख की महक थी। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन...
वो रात, जहाँ सब शुरू हुआ उस रात की खामोशी में एक अजीब सा तूफान छुपा था। हवा ठंडी थी, मगर उसके भीतर एक अनकही बेचैनी थी, जैसे कोई राज धीरे-धीरे परतों से बाहर आने को तैयार हो। शह...
मुख्य किरदार: आरव सिंह मेवाड़ – एक अमीर, घमंडी और सख्तदिल बिज़नेसमैन। रागिनी शर्मा – एक साधारण लेकिन आत्मसम्मानी लड़की, जो अपने परिवार के लिए कुछ भी कर सकती है। --- ? क...
मजबूरी की शादीबारिश की वो रात भूला न जाने वाली थी। पटना की तंग गलियों में पानी की धाराएँ तेज़ी से बह रही थीं, सड़कें नदियों में बदल चुकी थीं। मानो आसमान भी अनन्या मिश्रा के आँसुओं...
सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी ने दिन के आगाज़ की घोषणा कर दी थी। खिड़की के बाहर हल्की ओस ज...
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