मैं तेरे प्यार में पागल by Bharti 007 in Hindi Novels
विशाल, अथाह समुद्र के बीचों-बीच एक आलीशान-सी क्रूज़ लहरों से जूझ रही थी। चारों ओर सिर्फ़ काला पानी, तेज़ हवा और इंजन की...
मैं तेरे प्यार में पागल by Bharti 007 in Hindi Novels
नंदीश संधु सिंह उस रात बंगले से निकल पड़ा आज वह सिर्फ़ एक पति नहीं था , वो वकील भी था  और उससे भी ज़्यादा, एक सबूत को सु...
मैं तेरे प्यार में पागल by Bharti 007 in Hindi Novels
दोपहर ढल चुकी थी... आसमान में बादल घिर आए थे , त्रिशा और तुलसी रॉयल्स एनफील्ड थंडरबर्ड पर बैठे थे , गाड़ी  रफ्तार से दौड...