खेतों में सुबह की सुनहरी धूप फैली थी। ताजी हवा में मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू थी। आर्यन और रिया बरामदे में आराम से चाय की चुस्कियाँ ले रहे थे, तभी लकी की एंट्री हुई। आँखों पर काला चश्मा, हाथ में एक चमकती हुई स्मार्ट वॉच—बिल्कुल किसी साइंटिस्ट के अंदाज़ में। उसके पीछे बबलू अपनी भैंस 'गौरी' को लेकर आ रहा था, जिसे वो अपनी जान से ज्यादा प्यार करता था।"आर्यन भाई! आज इतिहास रचा जाएगा!" लकी ने चिल्लाते हुए शांति भंग कर दी। "ये देखो, 'डिजिटल रेवोल्यूशन'। मैंने इस वॉच में तगड़ा GPS सेट किया है। इसे गौरी की पूंछ पर बांध दूँगा, फिर बबलू भाई की भैंस कभी खोएगी नहीं। स्मार्ट डेयरी फार्मिंग, समझे?"बबलू ने तुरंत गौरी के गले में हाथ डाल लिया, जैसे लकी उसे कोई रॉकेट बना देगा। "ओए लकी, मेरी गौरी सीधी-सादी है। पूंछ पर घड़ी? तू पागल हो गया है क्या?"तभी समीक्षा अपनी भारी-भरकम किताब सीने से लगाए वहां पहुँची। चश्मा ठीक करते हुए बोली, "लकी, भैंस की पूंछ का एंगुलर मोमेंटम और GPS का कोई लॉजिक नहीं बैठता। घड़ी गिर जाएगी और डेटा क्रैश हो जाएगा।""अरे समीक्षा जी, आप बस अपनी किताबों में खोई रहिए, दुनिया बहुत आगे निकल गई है!" लकी ने हवा में हाथ लहराया और ज़बरदस्ती गौरी की पूंछ पर वो घड़ी रिबन से बांध दी।दोपहर होते-होते सन्नाटा चीख में बदल गया। बबलू रोता-बिलखता आया, "लकी! मेरी गौरी चोरी हो गई! खूंटा खाली पड़ा है!" उसकी आँखें लाल थीं और आवाज़ कांप रही थी।लकी ने घबराकर अपना फोन निकाला। स्क्रीन देखते ही उसके चेहरे का रंग उड़ गया। "भाई... ये क्या? GPS दिखा रहा है कि गौरी नेशनल हाईवे पर 90 की स्पीड से भाग रही है!""90 की स्पीड?" आर्यन कुर्सी से उछल पड़ा। "भैंस है या बुलेट ट्रेन? लकी, तेरा दिमाग तो ठीक है?"रिया ने आँखें फाड़कर फोन देखा, "अगर ये सच है तो गौरी अब तक आधा पंजाब पार कर चुकी होगी!"सब हड़बड़ी में आर्यन की जीप में बैठे। लकी कमेंट्री वाले अंदाज़ में चिल्लाने लगा, "आगे मोड़ है... अब वो ओवरटेक कर रही है... भाई, गौरी तो आज हवा से बातें कर रही है! दिल्ली पहुँचने वाली है!"15 किलोमीटर बाद, हाईवे पर एक तेज़ रफ़्तार दूध वाला ट्रक दिखा। लकी का GPS सीधा उसी ट्रक पर ब्लिंक कर रहा था।आर्यन ने जीप को फिल्मी स्टाइल में ट्रक के आगे अड़ाया। बबलू लाठी लेकर भागा, "ओए डकैत! मेरी गौरी बाहर निकाल!"दूध वाला घबराकर बाहर आया, "पाजी, मैं तो बस खाली टंकियां लेकर जा रहा हूँ, भैंस कहाँ है?"सबने ट्रक के अंदर झांका—वहां सिर्फ खाली टंकियां थीं। तभी लकी की नज़र एक टंकी के ढक्कन में फंसी उसी स्मार्ट वॉच पर पड़ी, जो अब भी 90 km/h दिखा रही थी। माजरा समझ आ गया था—गौरी ने तालाब किनारे पूंछ झटकी थी और घड़ी सीधे ट्रक के अंदर जा गिरी थी।तभी रिया का फोन बजा। पड़ोसी की आवाज़ थी, "बबलू भाई, आपकी गौरी तो हमारे गन्ने के खेत में मज़े से दावत उड़ा रही है, इसे ले जाओ!"बबलू की जान में जान आई। उसने राहत की सांस ली और लकी को घूरा। लकी ने धीरे से मुस्कुराते हुए कहा, "वैसे... घड़ी का GPS तो एकदम सटीक था ना?"आर्यन ने लकी को जीप से धक्का देते हुए कहा, "तू पैदल घर जा, तेरा GPS चेक करना है कि तू कितनी स्पीड से भागता है!"सड़क पर सब ठहाके लगाने लगे। लकी वहां अकेला खड़ा अपनी 'डिजिटल हार' को देख रहा था, जबकि उसकी अपनी रफ्तार अब भी जीरो पर थी।