Mandir me Tum - 6 in Hindi Drama by Sonam Brijwasi books and stories PDF | मंदिर में तुम - 6

Featured Books
  • दरवाजा: काली हवेली का श्राप - 5

    एपिसोड 5 — “जिसने श्राप दिया… वो तुम ही थी”हवा… थम गई थी।पूर...

  • Bayaan - Part 17

    Part 17 "अगले चार महीने..."ये चार महीने मेरी ज़िंदगी के सबसे...

  • Sirf Tumhara - 5

    **Sirf Tumhara**  **Part 5**अंश का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा...

  • Conversations With Myself - 2

    शाम धीरे-धीरे ढल रही थी।पूरा दिन जैसे आँसुओं में भीगकर निकल...

  • Mafia King - 6

    जगह कोई आम ठिकाना नहीं, बल्कि 'रॉयल फिटनेस होटल' था।...

Categories
Share

मंदिर में तुम - 6

सुबह का समय था…पर आज… सूरज की रोशनी भी फीकी लग रही थी…एयरपोर्ट…लोग आ-जा रहे थे…किसी के लिए शुरुआत…किसी के लिए जुदाई…।

और आज…सुनामी और कृतिक…दोनों उसी भीड़ में खड़े थे…पर उनके लिए…दुनिया थम सी गई थी…सुनामी की आँखें नम थीं…
हाथ में टिकट…दिल में हजारों सवाल…कृतिक उसे बस देख रहा था…जैसे हर पल… उसे याद कर लेना चाहता हो…कुछ देर…दोनों चुप रहे…फिर…

सुनामी (धीरे, कांपती आवाज़ में) बोली - 
Time हो गया है…

कृतिक ने हल्का सा सिर हिलाया…पर… उसके पैर जैसे वहीं जमे थे…

सुनामी (आँखों में आँसू लिए) बोली - 
कुछ बोलोगे नहीं…?

कृतिक ने गहरी सांस ली…

कृतिक (धीरे से) बोला - 
बस… इतना कि…अपना ख्याल रखना…

सुनामी की आँखों से आँसू बहने लगे…

वो बोली - 
बस…?

कृतिक हल्का सा मुस्कुराया…पर उसकी आँखें भी अब नम थीं…

वो बोला - 
और क्या बोलूँ…?
जो कहना था… वो तो दिल पहले ही कह चुका है…

सुनामी अब खुद को रोक नहीं पाई…वो आगे बढ़ी…और कृतिक को कसकर गले लगा लिया… ❤️ जैसे…उसे छोड़ना ही नहीं चाहती…कृतिक भी उसे अपनी बाहों में समेट लिया…

कृतिक (धीरे से) बोला - 
रोओ मत… इंजीनियर साहिबा…

सुनामी (उसके सीने से लगकर) बोली - 
आपके बिना… कैसे रहूँगी…?

उसकी आवाज़ टूट रही थी…कृतिक ने उसकी पीठ पर हल्का सा हाथ फेरा…

वो बोला - 
जैसे अब तक रही हो…बस… थोड़ा सा मुझे और याद करके…

दोनों हल्का सा मुस्कुराए…आँसुओं के बीच…सुनामी ने धीरे से पीछे हटकर उसकी तरफ देखा…उसकी कलाई में कश्मीरी चूड़ियाँ आज भी खनक रही थीं…पर आज उनकी आवाज़ में… दर्द था…

सुनामी (धीरे से) बोली - 
इनकी खनक… आपको बुलाएगी…

कृतिक (आँखों में गहराई लेकर) बोला - 
और मैं… हर बार सुनूँगा…

अनाउंसमेंट हुआ—
✈️ “Flight is ready for boarding…”

दोनों के दिल एक साथ धड़क उठे…अब सच में जाना था…सुनामी ने धीरे से उसका हाथ छोड़ा…

पर जाते-जाते…कृतिक ने उसका हाथ फिर से पकड़ लिया…

वो बोला - 
2 साल… बस 2 साल…

सुनामी ने आँसू पोंछते हुए सिर हिलाया…

वो बोली - 
और फिर… हमेशा…साथ❤️

वो मुड़ी…धीरे-धीरे चलने लगी…हर कदम भारी था…पर फिर…वो रुकी…और पीछे मुड़कर देखा…कृतिक वहीं खड़ा था…उसे जाते हुए देख रहा था…उनकी नजरें मिलीं…और इस बार…कोई मुस्कान नहीं थी…बस…प्यार… और इंतज़ार…सुनामी अंदर चली गई…और कृतिक…वहीं खड़ा रहा…जब तक…वो नजरों से ओझल नहीं हो गई…आज…दो दिल अलग हुए थे…पर…उनका रिश्ता… और भी मजबूत हो गया था… ❤️

साउथ कोरिया…ऊँची-ऊँची काँच की इमारतें…तेज़ रफ्तार ज़िंदगी…हर तरफ प्रोफेशनल लोग…उस बड़े से ऑफिस के सामने…आज सुनामी खड़ी थी…सिंपल ट्रेडिशनल सूट…लंबे बाल…चेहरे पर वही मासूमियत…जैसे ही वो अंदर गई…पूरा ऑफिस एक पल को ठहर गया…लोगों की नज़रें उस पर टिक गईं…

कोई धीरे से बोला—
Indian…?

कोई मुस्कुराया…कोई हैरान हुआ…पर सुनामी…थोड़ी नर्वस… पर कॉन्फिडेंट थी…तभी…एक स्मार्ट-सा कोरियन लड़का उसके सामने आया…

वो बोला - 
Hello ma’am… you are Miss Sunami Singh…?

सुनामी ने हल्का सा मुस्कुराकर सिर हिलाया—
Yes…

वो लड़का प्रोफेशनल अंदाज़ में बोला—
I am Si-woo… your personal assistant.

सुनामी थोड़ी हैरान हुई…

वो बोली - 
Personal… assistant?

Si-woo (हल्की स्माइल के साथ) बोला - 
Yes ma’am… you are one of the top selected engineers… company wants everything smooth for you.

सुनामी के लिए ये सब नया था…

वो धीरे से बोली—
Thank you…

Si-woo ने उसे अंदर ले जाना शुरू किया…चलते-चलते…

Si-woo (curiously) बोला - 
You look… different… but very elegant.

सुनामी हल्का सा शरमा गई…

वो बोला - 
It’s our traditional dress…

Si-woo बोला - 
It’s beautiful…

सुनामी बस हल्का सा मुस्कुरा दी…पर अंदर ही अंदर…उसका दिल कहीं और था…कृतिक… ❤️ उसने हल्के से अपनी कलाई की चूड़ियाँ छुईं…उनकी खनक…उसे फिर उसी मंदिर की याद दिला गई…

उसे कृतिक की बात याद आई -
आपका इंतज़ार करूँगा…

उसके कानों में कृतिक की आवाज़ गूंज गई…वो कुछ सेकंड के लिए खो गई…

Si-woo बोला - 
Ma’am…?

सुनामी अचानक वापस आई और बोली—
Yes… I’m fine…

कुछ देर बाद…वो अपने केबिन में बैठी थी…बड़ी-सी ग्लास विंडो…
नीचे पूरा शहर दिख रहा था। पर…उसकी आँखों में सिर्फ एक ही चेहरा था…उसने अपना फोन उठाया…कृतिक का चैट खोला…

लास्ट मैसेज—
Take care… engineer sahiba…❤️

उसकी आँखें भर आईं…

उसने धीरे से टाइप किया—
आज… बहुत याद आ रहे हो…

पर…कुछ सेकंड बाद…उसने वो मैसेज डिलीट कर दिया…

वो बोली - 
उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए…

और तभी…दरवाज़े पर नॉक हुआ…

Si-woo बोला - 
Ma’am… meeting in 5 minutes.

सुनामी ने गहरी सांस ली…

वो बोली - 
New country… new life…

पर दिल में सिर्फ एक ही नाम था…कृतिक… ❤️ ऑफिस में कुछ दिन बीत चुके थे…अब सुनामी धीरे-धीरे वहाँ सेट हो रही थी…
हर दिन…Si-woo उसके साथ रहता…मीटिंग्स, प्रोजेक्ट्स, प्रेजेंटेशन…हर जगह…वो बहुत केयरिंग था…

वो बोलता -
Ma’am… you didn’t eat properly…
You should rest…
You work too hard…

सुनामी हल्का सा मुस्कुरा देती…पर…उसके दिल में हमेशा एक ही नाम था—कृतिक… ❤️

एक दिन…ऑफिस की बालकनी में…शाम का समय था…हल्की ठंडी हवा चल रही थी…सुनामी अकेली खड़ी थी…अपने फोन में कृतिक की फोटो देख रही थी…तभी…

पीछे से आवाज़ आई—
You miss someone… right?

वो पलटी…Si-woo खड़ा था…सुनामी थोड़ा चौंकी…

वो बोली - 
No… I mean… just…

Si-woo हल्का सा मुस्कुराया…

वो बोला - 
You always look at your phone like someone is there…

कुछ पल चुप्पी…फिर…

सुनामी ने धीरे से कहा—
हाँ… है…

Si-woo का दिल एक पल को रुका…

वो बोला - 
Your boyfriend…?

सुनामी ने हल्का सा सिर झुका दिया…

वो बोली - 
नहीं… सिर्फ boyfriend नहीं...वो… मेरी दुनिया हैं…❤️

Si-woo की मुस्कान हल्की पड़ गई…पर उसने खुद को संभाला…

वो बोला - 
He is lucky…

सुनामी ने तुरंत सिर उठाया और बोली—
नहीं…मैं lucky हूँ…

उसकी आँखों में सच्चा प्यार साफ दिख रहा था…Si-woo अब समझ चुका था…ये कोई simple crush नहीं है…ये तो…सच्चा प्यार है…फिर भी…दिल है…मानता कहाँ है…अगले कुछ दिनों में…
Si-woo और भी ज्यादा केयर करने लगा…कभी coffee लाना…कभी late night तक साथ बैठना…धीरे-धीरे…उसके दिल में सुनामी के लिए feelings आने लगीं… 💔

एक दिन…

Si-woo (थोड़ा हिचकते हुए) बोला - 
Can I ask something… personal?

सुनामी बोली - 
Yes…

Si-woo बोला - 
If… one day… he is not with you…

सुनामी तुरंत बीच में बोल पड़ी—
Impossible.

उसकी आवाज़ में इतनी firmness थी…कि Si-woo चुप हो गया…

वो बोली - 
वो हमेशा मेरे साथ हैं…चाहे पास हो या दूर…

उसकी कलाई की चूड़ियाँ फिर से खनकीं…

जैसे हर आवाज़ कह रही हो—
ये प्यार नहीं बदलेगा… ❤️

Si-woo ने हल्की मुस्कान दी…पर इस बार…उसकी आँखों में हल्का दर्द था…

वो बोला - 
I understand…

वो चला गया…और सुनामी…वहीं खड़ी रही…उसने आसमान की तरफ देखा…जैसे वो दूरी पार करके…किसी को महसूस करना चाहती हो…“कृतिक…” ❤️