Hero - 5 in Hindi Comedy stories by Ram Make books and stories PDF | Hero - 5

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Hero - 5





फिर वही पुजारी जतिन से कहता है। "काल रक्षक आइए अपनी शक्तियों का प्रदर्शन दिखाइए।" उस पुजारी की बात सुनकर जतिन महागुरु की तरफ देखता है। महागुरु का चेहरा थोड़ा चिंतित था। लेकिन फिर भी महागुरु जतिन को जाने का इशारा करते हैं। लेकिन जतिन उनके चेहरे के भाव से समझ जाते हैं कि महागुरु  उसकी वजह से चिंतित हैं। फिर जतिन सभी के सामने जाकर खड़ा हो जाता है। और कहता है। "देखो मैं इतना ताकतवर तो नहीं जो अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करूं इसलिए मुझे क्षमा करें


। " तभी पुजारी अपनी जगह से उठता और कहता है। "अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करें क्योंकि हर ताकतवर इंसान यही कहता है।" पुजारी की बात सुनकर जतिन थोड़ा भड़क जाता है। और कहता है। "मैं अभी-अभी विकसित हुआ हूं। और आपको मैं ताकतवर लगता हूं आपका दिमाग़ सही तरीके से काम तो कर रहा है ना।" वह पुजारी जतिन से चिड़ता था। क्योंकि वह काल सेना का सेनापति बनना चाहता था। इसी कारण वह सभी के सामने जतिन को नीचा दिखाना चाहता था। तभी वह पुजारी कहता। "हमें तो आपकी शक्तियों की छोटी सी झलक देखनी है। ताकि हम यह पता लगा सके कि आप काल मंदिर के रक्षक बनने के लायक है या नहीं।" पुजारी की बात सुनकर महागुरु उठते हुए कहते हैं


। "पुजारी क्या तुम्हें मेरी निर्णय पर कोई संदेह है।" इस पर पुजारी कहता है। "मुझे आप के निर्णय पर कोई संदेह नहीं है महागुरु। मुझे बस इस बात का डर है। कहीं जो शिवांश के साथ हुआ वहीं इसके साथ ना हो जाए आपने बिना सोचे समझे शिवांश को भी काल रक्षक बना दिया था। जिसके कारण वह जल्द ही मौत को प्यारा हो गया और वही गलती अब आप दोबारा से कर रहे हैं। शिवांश काल रक्षक बनने के लायक नहीं था। और सिर्फ आपकी वजह से हां सिर्फ आपकी वजह से ब्रह्मांड का सबसे खतरनाक इंसान उनका दुश्मन बन गया था।" अपने परदादा की बेजती सुनकर जतिन के गुस्से का कोई ठिकाना नहीं रहा फिर जतिन गुस्से में बोलता है। "पुजारी तुम अपनी हद पार कर रहे हो अब तक मैं चुप था। तो इसका उत्तर यह नहीं कि मुझे जवाब देना नहीं आता। मैं चुप इसलिए था क्योंकि मैं काल मंदिर का काल रक्षक हूँ। तुम काल मंदिर में रहने वाले हो और तुम्हारी रक्षा मेरा कर्तव्य हैं। लेकिन तुम यह भूल गए कि उससे भी पहले मैं मेरे परदादा जी का वंशज हूं


। और मैं अपने परदादा जी की बेजती कभी भी सहन नहीं कर सकता। इसलिए आज इस उत्सव को खराब मत करो वरना अंजाम तुम्हें भुगतना होगा।" जतिन की बात सुनकर पुजारी कहता है। "तुम क्या मुझे हरा ओगे तुम तो अभी भी stage-1 की level 1 पर हो और मैं stage-2 कि level-3 पर और कुछ ही दिनों में stage 3 पर पहुंचने वाला हूं। " पुजारी की बात सुनकर जतिन कहता है। "तो फिर दिखाओ तुम क्या कर सकते हो" जतिन की बात सुनकर पुजारी कहता है। "बच्चे तुम्हें चुनौती बहुत महंगी पड़ेगी।" तभी जतिन कहता है। "महंगी सस्ती कि मैं परवाह नहीं करता वैसे भी मुझे सस्ती चीजें पसंद नहीं है।" इससे पुजारी का गुस्सा और बढ़ जाता हैं। और कहता है। "आजा फिर मैदान में" फ़िर जतिन अपनी ठंडी आवाज में कहता है। "तो कुत्ते की तरह क्यों भोक रहा है आना।" जतिन की बात सुनकर पुजारी का गुस्सा और बढ़ जाता है। और वह कहता है।


"तु मुझे जानवर बोलता है।" तभी जतिन कहता है। "किसने कहा मैं तुझे जानवर बोल रहा हूँ। मै तो तुझे कुत्ता बोल रहा हूं। जानवर तो वो होते है जो सीधा हमला करते हैं। ना कि भो-भो करते हैं। " तभी पुजारी अपने हाथ मे water flame इक्कठा करके जतिन की तरफ भगाते हुए कहता है। "ले संभाल" तभी जतिन अपनी fire flame बुलाता है। और water flame की तरफ भगा देता है। जिससे दोनों flame आपस में टकरा कर खत्म हो जाती हैं। तभी पुजारी कहता है। blue shark flame तभी पुजारी की कमर के पीछे एक 12 फुट लंबी नीले कलर की शार्क नजर आने लगती है तभी पुजारी कहता हैं। "shark blade attack" उस हमले से बचने के लिए जतिन अपने कवच को बुला लेता है जैसे ही उस शार्क के ब्लेड जतिन के कवच से टकराते हैं। जिससे वह जतिन के कवच पर सिर्फ एक हल्का सा सफेद निशान छोड़ पाए।


उस हमले से जतिन को कुछ भी ना होते हुए देखकर पुजारी चौक जाता है। फिर वह अपनी शक्ति को बढ़ाकर कहता है। "sea shark flame bite attack" तभी उस पुजारी की कमर के पीछे जो शार्क होती है। वह जतिन की तरफ़ बढ़ना शुरू कर देती है। इस शार्क की रफ्तार बहुत तेज थी। जतिन के पलक जपकाने से पहले ही यह जतिन के सामने थी। जतिन कुछ कर पाता उससे पहले या जतिन को अपने मुंह से काट देती है इस हमले से जतिन के कवच में दरारे आ जाती है। और जतिन 50 मीटर दूर जाकर गिर जाता है। जतिन जल्दी से अपना हेलमेट उतारता है। और खून की उल्टी करना शुरू कर देता हैं। तभी वह पुजारी अपनी water sword को बुलाता है। और जतिन पर अपनी तलवार से हमला करना करना शुरू कर देता है। इस दृश्य को देखकर सभी का हृदय कांप उठता हैं। पुजारी के बार-बार हमला करने के कारण जतिन का सूट काम करना छोड़ देता है। और वह टूट जाता है तभी जतिन अपने दर्द भरी आवाज में कहता हैं।


"tweak सूट को वापस लो और रिकवरी स्टार्ट करो।" इतना सुनकर tweak कहती है। "ओके बॉस।" पुजारी अभी भी जतिन पर हमला कर रहा था। जिसे जतिन के पूरे शरीर पर कट लगे हुए थे। और उन से खून बह रहा था। तभी महागुरु गुस्से से उठते हैं और उस पुजारी से कहते हैं। "हम मानते हैं तुम उससे ज्यादा ताकतवर हो तो अब क्या उसकी जान लोगे।" तभी पुजारी कहता है। "महागुरु आप बीच में ना पड़े तो ही अच्छा है। क्योंकि यहाँ बात मेरे सम्मान की है। और अब इसको तो अपनी जान से उसका भुगतान करना होगा।" फिर वह पुजारी जमीन पर पड़े हुए जतिन को जोर से लात मारता है। जिससे जतिन 10 मीटर दूर जाकर गिरता है। फिर वह पुजारी जतिन से कहता है। "क्यों निकल गई सारी हेकड़ी।"


इसके उत्तर में जतिन कहता है। "मुझे मार दे लेकिन जिंदा मत छोड़ना वरना तेरे लिए अच्छा नहीं होगा।" फिर पुजारी कहता है। "रस्सी जल गई पर बल नहीं गया" फिर पुजारी जैसे ही जतिन की गर्दन पर अपनी तलवार मारने के लिए ले जाता है। जतिन को पूरा शरीर आग की लप्टो से जलने लग जाता है। उस पुजारी की तलवार जैसे ही जतिन के शरीर पर लगी आग की लपटों के संपर्क मे आती है उस तलवार की water flame और blue flame दोनों गायब हो जाती है। और वह तलवार गर्म होना शुरू हो जाती है जिससे उस पुजारी को वह तलवार पकड़ने में दिक्कत हो रही थी। तभी वह पुजारी उस तलवार को छोड़ देता है।



और पीछे की तरफ जाना शुरू कर देता है। फिर जतिन धीऱे से उठता है। और पुजारी की तरफ अपने कदम बढ़ाते हुए कहता है। "क्या हुआ लड़ाई तो अभी शुरु हुई है।" जतिन को अपनी तरफ बढ़ता देख वह पुजारी डर जाता है। जतिन ऐसा लग रहा था जैसे आग में लिपटा हुआ कोई दानव हो फिर जतिन पुजारी से 20 मीटर दूर खड़ा हो जाता है और कहता है। "lime wolf flame"  जतिन के इतना कहते के साथ पूरा आसमान हरा हो जाता है। तभी सभी को चांद पर एक lime colour  का भेडिया बैठा हुआ दिखता है। वो भेड़िया जैसे ही चांद पे से कुदता है तभी आसमान से एक lime colour की बिजली जतिन की पीठ के पीछे गिरती हैं। तभी वहा पर एक भेडिया नजर आता है। जो देखने में बहुत सुंदर लग रहा था


। तभी जतिन बोलता है। "wolf bolt" इतना कहने के बाद भेड़िया अपना मुह खोलता है और उसमे एक ball नज़र आने लगती है। फिर वो भेड़िया अपने मुह से उस ball को पुजारी की तरफ़ फेक देता है। वह ball जैसे ही पुजारी से टकराती है वहा पर एक विस्फ़ोट हो जाता है। जिससे वहां पर एक गहरा गढ़ा बन जाता है। उस गड्ढे में पुजारी पड़ा हुआ होता है। फिर जतिन उस गड्ढे के पास जाता है और पुजारी को देखते हुए कहता है। "मैं कुत्तों को जानवर नहीं पालतू समझता हूं।" यह सुनकर पुजारी बेहोश हो जाता है। वहा पर मौजूद सभी लोग डर गए और कहने लगे । 

काल रक्षक की जय

काल रक्षक की जय

जब जतिन की आग की लपटे बुझ जाती है। तो जतिन भी वहीं पर गिरकर बेहोश हो जाता है। तभी महागुरु जतिन और पुजारी को आश्रम कक्ष में ले जाने का आदेश देता है। जब सुबह होती है तो पुजारी अपनी आंख खोलता है। तो वह अपने आपको आश्रम कक्ष में एक हकीम के साथ पाता है। पुजारी जैसे हकीम से कुछ पूछने के लिए अपना मुंह खोलता है। 


तो उसका मुंह नहीं खुलता। हकीम पुजारी को जैसे ही उठता देखता है। तो वह कहता है। "रुक जाइए अभी आपको आराम करने की सख्त जरूरत है। आपका आधा शरीर को लकवा मार चुका है। आपको लगभग 1 हफ्ते तक आराम करना होगा।" दूसरी तरफ जैसे ही जतिन अपनी आंखें खोलता है तो जतिन के  pass बैठा हुआ हकीम कहता है। "अब आप अच्छा महसूस कर रहे हो।" तभी जतिन कहता है "मुझे क्या हुआ है।" तभी हकीम कहता है। 


"आपके शरीर में कमजोरी आ रखी है। आपको कम से भी कम 2 दिन के लिए आराम करना होगा।" हकीम की बात सुनकर जतिन कहता है। मुझे महागुरु से मिलना है। तभी वहां पर महागुरु आते है और जतिन से पूछते है। "जतिन अब कैसा लग रहा है।" जतिन कुछ बोलता उससे पहले हकीम कहता है। "यह आप ही से मिलने की बात कह रहे थे। और अभी आप ही आ गए। " हकीम की बात सुनकर महागुरु कहते हैं। "बताओ जतिन क्या कहना चाहते थे।" तभी जतिन कहता है। "महागुरु मुझे बस यहाँ से जाने की आज्ञा दें।" इसपे महागुरु कहते हैं। "जतिन इस हालत में मैं तुम्हें यहां से जाने की आज्ञा नहीं दे सकता।" तभी जतिन कहता है।


"महागुरु अगर आज आपने मुझे यहां से जाने की आज्ञा नहीं दी तो किसी का पूरे परिवार को सूली पर टांग दिया जाएगा।" महागुरु कुछ बोल पाते उससे पहले जतिन कहता है। "महागुरु प्लीज।" तभी महागुरु कहते हैं। "बिल्कुल अपने परदादा पर गए हो ठीक है।" तभी जतिन कहता है। "महागुरु क्या आप मेरे ऊपर एक और उपकार कर सकते हो।" इसके महागुरु पूछते हैं क्या? तभी जतिन कहता है। "विनय और उस पुजारी को छोड़कर सभी की कल शाम की यादें मिटा सकते हो।


" जतिन की बात सुनकर महागुरु कहते हैं। "ठीक है।" तभी महागुरु अपनी आंखें बंद करते हैं और अपने हाथ को ऊपर करते हुए कहते हैं। "यादों का बंधन।" फिर महागुरु के हाथ पर सभी की कल शाम की यादें इकट्ठा होना शुरू हो जाती है। फिर महागुरु अपनी मुट्ठी बीच लेते हैं जिससे वह यादें वहां से गायब हो जाती है। तभी महागुरु जतिन की तरफ देखते हुए कहते हैं 'काम हो गया।" फ़िर जतिन, अरुण और विनय काल मंदिर को छोड़ कर चले जाते हैं। बाहर निकलने के बाद तीनों कार में बैठ जाते है। कार मे बैठे तीनों आपस मे बातें कर रहे होते हैं। तभी कुछ आकर उनकी कार से टकराता है। 

तभी pinser कहती है। "कार पर हमला हुआ।"




तभी जतिन पूछता है। "pinser किस चीज से हमला हुआ है।" इसके उत्तर में pinser कहती है। "डाटा के हिसाब से एक बहुत बड़ा पक्षी था।" फिर जतिन खिड़की से बाहर देखता है। तो उसे वहां पर एक 7 फुट लंबा उड़ता हुआ काले रंग का बड़ा सा कौवा नजर आता है। तभी जतिन कहता है। "इतना बड़ा कौवा" फिर विनय खिड़की से देखते हुए जतिन से कहता है। "जतिन यह सबसे कमजोर कौवे हैं। लेकिन इन्हें मारना बहुत मुश्किल है। क्योंकि यह बहुत शातिर होते हैं। अपनी चालाकी से अपने दुश्मन के ऊपर भारी पड़ जाते हैं। और फिर उसे मारकर खा जाते हैं। और इसके दूसरी तरफ अगर हम किसी दूसरे जानवर को मारते हैं। तो उसके स्टेज 1 के लेवल 3 को आसानी से मार सकते हैं।


इसके मुकाबले।" इसके उत्तर में जतिन कहता है "फिर तो हमें इसे इग्नोर करना चाहिए। क्योंकि यह हमारे समय और शक्ति दोनों लेगा और हमारे पास दोनों ही बहुत कम है।" यह सुनकर बिना कहता है। "जतिन तुम सही कह रहे हो" इसके बाद अरुण कहता है। "जतिन क्या हम समर को मारने के बाद दोबारा यहां आकर इसका शिकार कर सकते हैं। अरुण की बात सुनकर जतिन अपना कवच पहनता है। और pinser से कहता है। "pinser के छत को खोलो" pinser के छत को खोलते के साथ जतिन बाहर कुद्द जाता है. और अपने wings बुला लेता है। और जतिन उस काले कौवे की तरफ बढ़ना शुरू कर देता है।


तभी जतिन कहता है। "जतिन रुको" लेकिन तब तक जतिन काले कौवे के पास जा चुका होता है। तभी काला कौवा जतिन को देखकर उस पर हमला करने के लिए जैसे ही आगे बढ़ता है। जतिन अपने हाथ में fire flame और lime wolf flame को बुला लेता है। जैसा की विनय ने बताया था। जतिन उसको अपने पहले हमले से ही मारना चाहता था। ताकि वह बच ना सके अपने हाथ की शक्ति बढ़ाकर काले कौवे की तरफ बढ़ा देता है। जैसे ही  वह मुट्ठी उस काला कौवा टकराती है। तो वह तेजी से जमीन की तरफ जाना शुरु कर देता है। जतिन भी अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए काले कौवे की तरफ बढ़ता है। और दुबारा से उसके ऊपर अपनी मुट्ठी से हमला कर देता है। उसके ऐसा करते ही काला कौवा जमीन से टकरा जाता है। तभी जतिन के दिमाग में एक अनाउंसमेंट प्ले होती है। 
stage 1 level 1
sky flame - black crow killed
element ball प्राप्त करे
weapon - magical bow 



फिर जतिन उस काले कौवे के पास उतरता है। और अपना कवच उतारते हुए एलिमेंट बोल को उठाता है। तभी पिनसर नीचे उतरती है।  जिसमें से अरुण और विनय बाहर आते हैं। तभी अरुण जतिन से कहता है। "जतिन तुम ही emperor हो" अरुण की बात सुनकर जतिन हां मैं गर्दन हींलाता हैं। और कहता है। यह बात हम तीनों के अलावा किसी को भी पता नहीं चलनी चाहिए। इस पर अरुण और विनय दोनों हाँ मे गर्दन हिलाते हैं। तभी विनय कहता है। "जतिन तुमने तो इसे दोबारा खड़े होने का मौका तक भी नहीं दिया।" विनय की बात सुनकर जतिन कहता है। "तुमने ही कहा था। यह पक्षी बहुत चालाक है। अगर मैं उसको दोबारा उठने का मौका दे देता तो यह हमारी ताकत और समय दोनों बर्बाद करता। तो मैंने सोचा क्यों ना इस को जल्द से जल्द मार ही दिया जाए। और इसने ने मुझे magical bow दिया है। उसका कैसे इस्तेमाल करते है।" जतिन की बात सुनकर विनय कहता है। "जतिन मैंने आज तक कभी भी इसका शिकार नहीं किया तो मुझे नहीं पता यह कैसे काम करता है।


क्यों ना तुम इसे आजमा कर ही देख लो।" विनय की बात सुनकर जतिन तभी magical bow को बुलाता है। और जतिन के हाथ में एक काले रंग का धनुष दिखाई देने लगता हैं। जो आगे से पेना था। और देखने में खतरनाक था। लेकिन तभी जतिन कहता है। "इस अकेले धनुष का मैं क्या करूंगा इसके साथ तीर तो है ही नहीं" फिर जैसे ही जतिन उस धनुष की डोर को खींचता है। उस धनुष और डोर के बीच में एक तीर दिखाई देने लगता है। जो कि आगे से बहुत पेना था। अगर उस तीर का हलका सा स्पर्श किसी इंसान को लग जाए तो वह उसका खून निकालने के लिए काफी था। जतिन एक मुस्कान के साथ कहता है। "तो इसे चलाने के लिए तीर की आवश्यकता नहीं है तीर खुद ब खुद बनाता है वाह।" फिर जतिन उस तीर को हवा में छोड़ देता है। और अपने धनुष को वापस बुला लेता है। फिर जतिन विनय से कहता है। "समर के पास चलें।" जिस पर विनय कहता है।


"जरूर" फ़िर तीनों दोबारा से कार में बैठ जाते हैं। और चल पड़ते हैं तभी विनय कहता है। जतिन तुम्हें थोड़ा आराम करना चाहिए विनय की बात सुनकर जतिन कहता है। "सही कह रहे हो मुझे थोड़ी आराम की आवश्यकता है। कल शाम को हुई लड़ाई से मेरा शरीर बाहर से ठीक है। लेकिन मेरी अंदर से पूरी मांसपेशियां फट चुकी हैं।" फिर जतिन जैसे ही आराम करने के लिए अपनी आंखें बंद करता वह अपनी आंखें बंद करने के बाद अपने water element को active कर लेता है। क्योंकि water element किसी भी इंसान की चोटों को ठीक करने में सबसे ज्यादा असरदार होता है। आधे घंटे के बाद जतिन का शरीर कुछ हद तक ठीक हो चुका था। फिर जतिन एलिमेंट बोल को अपने हाथ में लेकर sky flame को बुलाता है। जिससे वह एलिमेंट बोल sky flame की ताकत को बढ़ा देती है। तभी विनय जतिन से कहता है। "जतिन हम समर मेहता के shelter के सामने 2 मिनट में पहुंच जाएंगे।" तभी जतिन कहता है। "विनय और अरुण तुम्हें पता है ना क्या करना है।


" जिसे सुनकर दोनों हाँ मे गर्दन हिलाते हैं। दूसरी तरफ समर मेहता अपनी कुर्सी पर बैठा हुआ होता है। उसके सामने एक इंसान बेडियो सेे बांधा हुआ होता है। वह उस पर जूर्म कर रहा होता है। तभी गेट से एक इंसान भागता हुआ आता है और कहता है। "बॉस बॉस मुझे बचाओ मुझे बचाओ वरना वह मुझे मार देगा वह मुझे मार देगा।" वह इंसान और कोई नहीं विनय था। विनय को इस तरह देखकर समर कहता है। "ओह तुम आ ही गए। मुझे तो लगा तुम आओगे ही नहीं तुम यह बताओ क्या तुम अर्थस्टोन लाए हो।" जिस पर विनय कहता है "हाँ मैं earth stone लाया हूं।" तभी जतिन अपना कवच पहने हुए हवा में उड़ते हुए आता है। और कहता है। "वो earth stone मुझे देदे वरना जान से जाएगा।" इस पर विनय कहता है। "अब तू मुझे हाथ भी नहीं लगा सकता अब मैं अपने बॉस के पास आ चुका हूं।" तभी विनय कहता है। "बॉस ये अर्थ स्टोन पकड़ो" इतना कहकर विनय उस अर्थस्टोन को भगा देता है तभी जतिन अपनी रफ्तार तेज करता है। और अर्थ स्टोन को अपने हाथ में ले लेता है। तभी जतिन कहतहै। "बहुत सुना है तेरे बारे में की तु बहुत ताकतवर है यह earth stone मेरे पास है।


मुझे हरा और अर्थस्टोन ले ले।" तभी जतिन नीचे उतरता और विनय को उसकी गर्दन से पकड़ कर ऊपर उठा कर फेंक देता है। फ़िर जतिन समर की और देखते हैं। "किसमें कितना दम है।" जतिन की बात सुनकर समर कहता है। "तुझे हराने के लिए मुझे लड़ने की जरूरत नहीं है।" फिर समर अपने हाथ से इशारा करता है। जिससे 10 हटे कट्टे लोग आ जाते हैं। उसके बाद समर कहता है। "इनमें से किसी को भी चुन ले सभी तुझे हराने का दम रखते हैं।" फिर जतिन समर की बात सुनकर उन 10 लोगों की तरफ देखता है और अपनी उंगली से इशारा करते हुए कहता है। "मैं इनमें से इसके साथ लड़ना चाहूंगा।"
जतिन कि वह उंगली उनको 10 इंसानो में से किसी की तरफ नहीं थी।  बल्कि वह उंगली समर की तरफ थी। जतिन की उंगली अपनी तरफ पाकर समर को गुस्सा आ जाता है। और फिर कहता है। "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे ही शेल्टर में आकर मुझको ही चुनौती देने की।" जिसके उत्तर में जतिन कहता है। "क्या करूं बचपन से ही आदत है।" फिर समर कहता है। 

"तुम्हारी यही बचपन की आदत आज तुम्हारी मौत का कारण बन गई।" फिर जतिन कहता है। "किसकी मौत का कारण किस की आदत बन गई यह तो समय ही बताएगा।" फिर समर कुछ नहीं कहता हैं। लेकिन समर उन 10 इंसानों को देखकर अपनी आंखों से जतिन पर हमला करने का इशारा कर देता है। फिर समर कहता हैं। "अगर तुम इन 10 लड़ाकू से बच गए तो मैं तुम से लड़ लूंगा।" फिर जतिन कहता है। "यह मुझ तक पहुंच भी नहीं पाएंगे।" इतना कहकर जतिन अपने विंग्स बुला लेता है। और हवा में उड़ जाता है। फिर जतिन समर से कहता है। "तुम्हारे पास कोई ऐसा योध्दा है। जो मुझसे हवा में लड़ सकता है।" तभी समर हंसते हुए कहता है। "इसके ऊपर गोलियां चलाई जाएं।


" समर के इतना कहते ही वहां पर मौजूद सभी लोग अपनी बंदूकें निकालकर जतिन के ऊपर चारों तरफ से गोलियां चलाना शुरू कर देते हैं। लेकिन जतिन के कवच पर कुछ नहीं हो रहा था। तभी जतिन कहता है। "इन बच्चों वाले तरीकों से मुझे कुछ नहीं होगा दम है तो कुछ बड़ा लेकर आओ।" फिर समर कहता है। "तू भी क्या कर सकता है। तू भी ऐसे ही हवा में उड़ कर अपने आपको बचा सकता है। इन लडाकुओ से।" तभी जतिन अपने सूट में लगी guns को निकालता है। और ऊपर से ही लोगों के ऊपर फायरिंग करना शुरू कर देता है। तभी समर हँसते हुए जतिन से कहता है। "तेरी यह गोलियां भी इन लड़ाकों के सामने कुछ भी नहीं है।" समर की बात सुनकर जतिन कहता है। "किसने कहा मैं किसी को घायल करने के लिए गोलियां चला रहा हूं। वह तो मैं इसलिए चला रहा हूं क्योंकि बहुत दिन हो गए थे। 


बंदूक चलाए कहीं बंदूक की नली में कचरा ना बढ़ जाए। और जंग ना लग जाए। इसीलिए आज थोड़ा ट्राई कर रहा था।" इतना कहकर जतिन बंदूकों का उल्टा रख देता है। और अपने बाए हाथ में वह धनुष बुलाता है जो जतिन को अभी-अभी काला कोआ मारकर मिला था। फिर जतिन अपने दाए हाथ में fire flame और sky flame बुलाता है। और फिर उसी हाथ से जतिन धनुष की डोर खींचता है। जिससे धनुष में एक तीर नजर आने लगता है। जो तीर एकदम काला होता है। लेकिन उसके ऊपर लाल और नीली कलर की आग जल रही थी फिर जतिन एक लड़ाकू की तरफ धनुष को करता है । और तीर छोड़ देता है।  तभी उसके तीर की आवाज सभी के कानों में सुनाई देती है। 
woosh... 


जैसे ही वह तीर उस लड़ाकू को लगती है। तो वह तीर उस लडाकू की छाती को चीरते हुए उसकी कमर से निकलती है। जिससे वह लड़ाकू वहीं गिर कर मर जाता है। यह दृश्य सभी की रीड की हड्डी में ठंडक पहुंचा रहा था। जिसे देखकर समर मेहता डर गया था। फिर जतिन दोबारा से धनुष की डोर को खींचता है। और छोड़ देता है। जिससे दोबारा से एक woosh... की आवाज आती है। जिससे जतिन का दूसरा तीर भी दूसरे लड़ाकू की छाती को चीरते हुए उसकी कमर से निकल जाता है  अब सभी वहां से भागना चाहते थे। 


वे जैसे ही बाहर जाने के लिए दरवाजे की तरफ भागते हैं। तभी उन्हें दरवाजे के बीचो बीच एक हरी आग में जलता हुआ इंसान खड़ा होता है। वह इंसान और कोई नहीं अरुण था। लेकिन भीड़ में से कुछ लोग जैसे ही अपनी फ्लैम को बुलाकर अरुण की तरफ भागने लगते हैं। तभी उनके पीछे से एक और इंसान निकलता है। वो भी हरी आग से चल रहा होता है। यह इंसान विनय होता है। उन दो इंसानों को गेट के बीच में हरी आग में जलता हुआ देखकर किसी की ही भी हिम्मत उनके पास जाने की नहीं हो रही थी। और ऊपर हवा में उड़ता हुआ जतिन एक और तीर अपने धनुष से छोड़ देता है। जिससे भीड़ मे खड़े एक योध्दा को लगती हैं। 


इस वाली तीर मे जतिन ने अपनी ज्यादा शक्ति लगा रखी थी। जिस कारण वह तीर उस योद्धा का सीना चीरते हुए जमीन में गढ़ जाती है। जतिन कि इस तरह की शक्ति को देखकर सब डर चुके थे। तभी समर भी डरते डरते जतिन से पूछता है कि। "तुम हो कौन?" समर का सवाल सुनकर जतिन कहता है। "मैं emperor" फिर समर जतिन से पूछता है। "तुम यहां क्या करने आए हो?" इसके उत्तर में जतिन कहता है। "अब की ना काम की बात तुम्हारे पाप का घड़ा भर चुका था। जिसको फोड़ने वाला कोई तो चाहिए था। जिस कारण मैं यहां आया हूं


।" इतना सुनकर समर कहता है। "मतलब" जतिन कहता है। "मतलब तुम्हें मौत से रूबरू कराने आया हूं।" इतना कहकर जतिन अपने पांचों तत्व की शक्ति को मिला देता हैं। जिससे बैंगनी कलर की flame से जतिन का पूरा शरीर जलने लग जाता है। फिर जतिन अपने धनुष की डोर को खींचता है। लेकिन जो तीर अब उस के धनुष पर था वह पूरा बैंगनी आग से जल रहा था। ना की नोक-नोक जिस वजह से वह तीर बहुत खतरनाक लग रहा था। फिर जतिन उस तीर को छोड़ देता है। वह तीर धनुष को छोड़ते ही समर की तरफ जाना शुरु कर देती है  उस तीर को अपनी तरफ बढ़ता देखकर समर earth flame को बुलाता है। और उस तीर की तरफ फेंक देता है। उसे रोकने के लिए। लेकिन वह तीर समर की earth flame को चीरते हुए समर की छाती में घुस जाती है। और कमर से निकलकर वह तीर समर की कुर्सी मे गढ़ जाती है। फिर जतिन समर के पास जाता है। और कहता है। "मैंने कहा था ना किस की मौत का कारण किस की आदत बनेगी।"