Ghost hunter
रात के 2:17 बजे दिल्ली के बाहरी इलाके में एक छोटा-सा ऑफिस बाहर से देखने पर बिल्कुल साधारण, लेकिन अंदर का माहौल अलग ही था। दीवारों पर अजीब-सी मशीनें, वायरिंग, EMF मीटर, कैमरे और एक बड़ा-सा बोर्ड जिस पर लिखा था—
“Ghost Hunters – Don’t Believe, only Verify.”
कमरे के अंदर तीन लोग बैठे थे
आरव – टीम लीडर, शांत दिमाग, कम बोलने वाला।
कबीर – टेक एक्सपर्ट, हर चीज़ को मजाक में लेने वाला।
मीरा – साइकिक, जो चीज़ें बाकी लोग महसूस भी नहीं कर सकते वो देख सकती थी।
टेबल पर रखे फोन की घंटी अचानक बज उठी।
Tring… Tring…
कबीर ने जम्हाई लेते हुए फोन उठाया—
“Ghost Hunters अगर भूत ने आपका वाई-फाई बंद कर दिया है तो हम नहीं आएंगे”
दूसरी तरफ से आवाज आई काँपती हुई—
“प्लीज मजाक मत कीजिए मेरी पत्नी वो वो अब इंसान नहीं रही”
कमरे में अचानक सन्नाटा छा गया।
आरव ने कबीर के हाथ से फोन ले लिया—“लोकेशन भेजिए और याद रखिए जब तक हम पहुंचें, आप उस कमरे में मत जाइए”
कॉल कट
मीरा धीरे से बोली— “वो अकेला नहीं है”
कबीर मुस्कुराया— “हाँ, उसकी पत्नी भी तो है।”
मीरा ने उसकी तरफ देखा— “नहीं कुछ और भी है वहाँ और वो बहुत पुराना है”
लोकेशन थीएक पुरानी कॉलोनी, शहर से थोड़ी दूर
गाड़ी में सन्नाटा था
कबीर ने माहौल हल्का करने की कोशिश की—
“यार, अगर ये फिर से बिल्ली निकली ना पिछली बार की तरह, तो मैं इस बार EMI नहीं भरूँगा।”
आरव ने बिना देखे जवाब दिया— “बिल्ली ने पिछले केस में तेरे हाथ पर 12 टांके लगवाए थे”
मीरा खिड़की से बाहर देख रही थी “ये केस बिल्ली वाला नहीं है”
घर पुराना था लेकिन बंद नहीं दरवाज़ा खुद-ब-खुद थोड़ा खुला हुआ था जैसे कोई इंतज़ार कर रहा हो अंदर जाते ही ठंडी हवा का झोंका आया
कबीर ने तुरंत EMF मीटर ऑन किया— “ओके ये जगह नॉर्मल नहीं है सिग्नल स्पाइक कर रहा है ”
आरव ने धीरे से कहा— “सब लोग अपने-अपने रोल में रहो। गलती की गुंजाइश नहीं है”
अचानक ऊपर से किसी के चलने की आवाज आईं
ठक… ठक… ठक…
घर का मालिक राहुल नीचे ही बैठा था उसकी हालत खराब थी
“वो वो ऊपर है लेकिन वो मेरी पत्नी नहीं है अब”
मीरा उसके पास बैठी— “पहली बार कब हुआ?”
राहुल— “तीन दिन पहले उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फिर उसकी आवाज बदल गई”
कबीर धीरे से बोला— “क्लासिक पजेशन केस”
मीरा ने सिर हिलाया— “नहीं ये पजेशन नहीं है ये कुछ और है”
दरवाज़ा बंद था अंदर से धीमी-धीमी फुसफुसाहट आ रही थी
आरव ने इशारा किया— “कबीर कैमरा”
कबीर ने नाइट-विजन कैमरा ऑन किया
मीरा ने आँखें बंद कीं और धीरे-धीरे बोली— “अंदर सिर्फ एक नहीं है”
कबीर फुसफुसाया— “तू हर बार ये क्यों बोलती है”
आरव ने दरवाज़ा खोला
क्रीईईक
कमरे के अंदर अंधेरा था और बीच में एक महिला बैठी थी उल्टे दिशा में मुड़ी हुई गर्दन के साथ
कबीर का हाथ कांप गया— “ये ये तो फिजिक्स के खिलाफ है”
महिला धीरे-धीरे हँसने लगी— “तुम लोग फिर आ गए”
आरव ने तुरंत टोन बदला— “हम मदद करने आए हैं”
महिला की गर्दन धीरे-धीरे सीधी हुई लेकिन आँखें पूरी तरह काली थीं
“मदद?”
वो हँसी— “तुम लोग हमेशा यही कहते हो और फिर मर जाते हो”
अचानक कमरे का दरवाज़ा खुद बंद हो गया लाइट्स फड़कने लगीं EMF मीटर पूरी तरह रेड हो गया
कबीर— “ओके ये बहुत गलत हो रहा है”
महिला अचानक हवा में उठ गई।
मीरा चिल्लाई— “आरव! ये ह्यूमन स्पिरिट नहीं है!”
आरव— “तो फिर क्या है?!”
मीरा की आवाज काँप रही थी—
“ये ये किसी इंसान के अंदर रहने वाली चीज़ नहीं है ये कुछ और है”
अचानक महिला ने अपना सिर 360° घुमा लिया और सीधे कबीर की तरफ देखा
“तुम सबसे कमजोर हो”
कबीर— “Thanks ये तो मुझे पता था”
अगले ही पल वो हवा में उछलकर कबीर की तरफ आई
आरव ने तुरंत डिवाइस ऑन किया— “Containment Field!”
लेकिन मशीन ने काम नहीं किया स्क्रीन पर सिर्फ एक मैसेज आया—“ERROR: ENTITY TOO STRONG”
मीरा की आँखों से खून की पतली धारा बहने लगी—
“ये ये हमें नहीं छोड़ेगा”
महिला की आवाज गूँजी— “अब तुम भी यहीं रहोगे”
और अचानक पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया