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"Good morning श्री दी।" श्री हां इस लड़की का नाम श्री है इस पर वह बोलती है... "good morning नियम तुम जाग गए।"
अभी श्री ने इतना बोला ही था कि... वह औरत जो अभी-अभी वहां आई थी चिल्ला कर बोलती है...
"वाह.. महारानी अब क्या यही खड़े-खड़े टाइम गवांती रहेगी जा जाकर नाश्ता लगा।" इस पर श्री बोलती है... "जी चाचा जी अभी लगाती हूं।" इतना बोलकर वह वहां से किचन में चली जाती है ।
इधर बाहर नियम को उस औरत पर बहुत गुस्सा आता है। जो उसकी मां ही थी क्योंकि वह अपनी दीदी से बहुत प्यार करता था।
उसने देखा था कि उसकी दीदी तो उसे बचपन से अब तक संभालती आई है उसे और उसकी बड़ी बहन सलोनी को सुबह-सुबह नाश्ता लंच तैयार करना बाद में उनके कपड़े धोने से लेकर घर का सारा काम करने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी करना। और वही उसकी मां आलसियों की तरह पड़ी रहती थी पूरे दिन।
इधर किचन से श्री जाकर नाश्ता उठाकर बाहर लाती है। लकड़ी की बनी एक छोटी सी डाइनिंग टेबल पर ले जाकर रख देती है ।
वहीं दूसरी तरफ मुंबई में वेदांश अपने ऑफिस पहुंच जाता है। उसकी गाड़ी के आगे पीछे बॉडीगार्ड की गाड़ियों का काफिला था। सारी कार अभी अभी आकर एक बहुत बड़ी बिल्डिंग के सामने रूकती है।
उन्हीं कारो से बहुत सारे ब्लैक ड्रेस में बॉडीगार्ड बाहर आते हैं और अपनी-अपनी पोजीशन लेते हैं इन्हीं कारों के बीच में एक रोल्स-रॉयस कार भी थी जिसका दरवाजा एक बॉडीगार्ड जाकर खोलता है
और उस कार से एक जोड़ी चमचमाते ब्लैक शूज बाहर आते हैं ,की तभी वो शख्स भी बाहर आता है और बाहर आते ही वह अपनी आंखों पर सनग्लासेस चढ़ाता है और उस आसमान छूती हुई बिल्डिंग को एक नजर देखता है जिस पर बड़े-बड़े गोल्डन शब्दों में लिखा था "VR" "Rathore Enterprise "
एक नजर अपने कोर्ट को ठीक करता है और तेज कदमों से उसे बिल्डिंग के अंदर चला जाता है उसी के साथ उसके सारे बॉडीगार्ड भी अंदर जाते हैं जब वह first floor से होकर गुजर रहा होता है ,
तो सभी एम्पलाइज अपना सिर झुका कर उसे ग्रीट करते हैं, साथ ही फीमेल एम्पलाइज उसे चोरी चोरी ताड़ भी रही होती है ।
पर वह एक नजर बिना किसी को देख अपने असिस्टेंट के साथ अपनी पर्सनल लिफ्ट से होते हुए आपने केविन में चला जाता है जो इस कंपनी के टॉप फ्लोर पर था ।
इस केबिन के बाहर लिखा था "CEO'S CAVIN" वह केबिन में जाता है, एक नजर अपने केविन का मुहाना करता है। वास्तव में उसका केबिन बहुत ही लग्जरी था। जहां पर एक तरफ उसकी किंग साइज चेयर साथ में वह बड़ी सी कांच की टेबल पर जो उसका सारा सामान रखा था ।
सामने ग्लास बॉल वहां से पूरा शहर दिखाई देता है। एक साइड लग्जरी सोफा बीच में कॉफी टेबल ओवरऑल एकदम जन्नत! यह केबिन बहुत बड़ा था।
वह जाता है और अपनी चेयर पर किसी किंग की तरह बैठ जाता है ।तभी उसका असिस्टेंट अंदर आता है और आज का शेड्यूल देकर चला जाता है आफ्टर ऑल आज पूरा ऑफिस सूनशान था क्योंकि आज उनके बॉस जो बिजनेस ट्रिप से वापस लौट आए थे।
वहीं दूसरी तरफ श्री का घर सभी लंच कर रहे थे। श्री सभी को खाना सर्वे करके दे रही थी। तभी उसके चाचा कमल जी अपनी पत्नी रेखा से बोलते हैं...
"अरे रेखा वह हमारे गांव के पास वाले गांव के जो प्रधान जी है ना" इस पर रेखा बीच में बोलती है "हां तो" कमल जी एक नजर श्री को देखकर बोलते हैं.. "अरे उनका जो बड़ा बेटा है।
उसका रिश्ता आया है, श्री के लिए" तभी चुपचाप बैठी सलोनी तपाक से बोलता है.. "अरे वही जिसकी पत्नी की अभी 2 महीने पहले मौत हो गई।"
यह सुनने के बाद श्री जो अभी-अभी नियम कुछ सब्जी परोस रही थी.. उसके हाथ अपने आप रुक जाते हैं, और उसकी आंखों में हल्की नमी आ जाती है। वह अपनी नम आंखों से ही अपने चाचा जी की तरफ देखकर बोलती है... "चाचा जी अभी हम शादी नहीं करना चाहते।"
उसने इतना कहा ही था.. कि एक बहुत तेज थप्पड़ उसके गाल पर पड़ता है और एक आवाज आती है... "मनहूस कहीं की तेरे मां-बाप तो मर गए और तुझे बोझ को हमारे पर छोड़ गए।"
तो दोस्तों अब मिलते हैं, नेक्स्ट चैप्टर में प्लीज अपने-अपने ओपिनियन शेयर करें,और बताए आपको एपिसोड कैसे लग रहे हैं? क्या मैं कहानी में कोई चेंज करूं?
“Next part jaldi aayega… follow aur rating zaroor dein 💞