प्रेम विवाह
प्रेम विवाह का बंधन निराला होता हैं l
दिल से जुड़ा रिसता सुहाना होता हैं ll
धड़कनों के तार जुड़े है एकदूसरे से l
प्यार की रस्मों को निभाना होता हैं ll
मुसलसल रिसते को मुकम्मल कर l
इश्क़ ए मिजाजी दिखाना होता हैं ll
दिवाने मोहब्बत का वास्ता है कि l
जज़्बातों का यकी दिलाना होता हैं ll
जिसकी चाहतों में जुडे हों उसकी l
आगोश में ख़ुद को मिटाना होता हैं ll
१६-२-२०२६
संकट
दिल की उदासी को तुझसे छुपाएँ कैसे?
ठीक हुँ खुद को दिलासा दिलाएँ कैसे?
तसव्वुर तो बहुत होते है हर रोज तो l
संकट में है दिल उसको बचाएँ कैसे?
दिल फेंक आशिकों की महफिल में l
हुस्न की मल्लिका को बचाएँ कैसे?
बिना पलके झपकी देखे जा रहे है कि l
चिलमन हटाकर चहरे को उठाएँ कैसे?
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे
१७-२-२०२६
चाहत
जीने की चाहत बेहद अज़ीज़ चीज़ हैं l
मिली हुई जिंदगी भी अजीब चीज़ हैं ll
कितनी भी सिद्दत से किया हो फ़िर भी l
प्यार में मिला धोखा भी लजीज़ चीज़ हैं ll
कोई और कारोबार नहीं रहता है इश्क़ में l
प्रेमी बन जाते है दिल के मरीज चीज़ है ll
बिना कुछ संतुष्टि पाये बगैर खोना और l
दिल का चैन खोना बद-तमिज़ चीज़ हैं ll
चाहें कितना ही बड़ा होशियार हो पर l
खुदा के आगे इंसान कनीज़ चीज़ हैं ll
२१-२-२०२६
कठिन वक्त में हौसला रख मुस्कराके आना सामने l
अब न लाना कोई भी रोने धोने का बहाना
सामने ll
कलेजा हाथों पर आ जाता है तराने को
सुनके l
जिंदगी तो हररोज सुनाएगी नया तराना
सामने ll
२२-२-२०२६
चलो गाँव की ओर
चलो गाँव की ओर चलने को जी करता हैं l
साँसों में वो महक भरने को जी करता हैं ll
सारा दिन यार दोस्तों के संग खेलने की l
बचपन की यादों को हरने को जी करता हैं ll
वो बाबुल का आंगन, वो माँ की डाट,वहीं l
सुहाने दिनों में सरने को जी करता हैं ll
जरा जरा सी बात पर रूठना मनाना वो l
दोस्तों से कट्टी करने को जी करता हैं ll
ममता की छांव में, पल्लू से लिपटे हुए से l
फ़िर माँ की गोद में पलने को जी करता हैं ll
२३-२-२०२६
चाँदनी रात
चाँदनी रात में मिलने की बात करता हैँ l
दिल पर कहर ढहने की बात करता हैँ ll
नीले गगन तले झिलमिलाते नजारों में l
तन में ताजगी भरने की बात करता हैँ ll
मन्द मन्द हवाओ के झोंके के साथ ही l
हुस्न का चैन हरने की बात करता हैँ ll
होले से मन में अजीब सी हलचल होते l
गाढ आगोश में सरने की बात करता हैँ ll
सखी सितारों की झगमगाती रोशनी में l
आकाशगंगा को तरने की बात करता हैँ ll
जो कभी नहीं तैरना सीखा है एकाएक वही l
आज एकदूसरे में डूबने की बात करता हैँ ll
दिनभर साथ साथ बिताया है तो फिर l
क्यूँ रातभर को रुकने की बात करता हैँ ll
शीतल चाँदनी रात में नहाकर के आज l
कहकशां सा सजने की बात करता हैँ ll
ओस की बूंदे मोती बिखरे उससे पहले l
मुकम्मल साथ गलने की बात करता हैँ ll
२४-२-२०२६
साँझ ढले
साँझ ढले यादों का डेरा लग जाता हैं l
पलकों पे अश्कों का मेला लग जाता हैं ll
वो घटों एकदूसरे की आगोश में खो जाना l
दिल दिमाग पुरानी दिनों में सर जाता हैं ll
दिल करता नशीली फिझाओ में झूमे कि l
मन ख्यालों में सात समंदर तर जाता हैं ll
निगोड़ी बयार का जादू नाचीज पे चलाके l
कोई चुपके से चैन ओ सुकून हर जाता हैं ll
आहिस्ता आहिस्ता सुरज डूबेगा तभी ही l
साँझ के स्वागत को अँधियारा भर जाता हैं ll
२५-२-२०२६
महका महका जीवन
महका महका जीवन अपनों के साथ मुस्कुराने से होता हैं l
जिंदगी में आनंद अपनों के साथ ही जीने ने
से होता हैं ll
जिंदगी के हर उतार चढ़ाव में कदम क़दम पर
साथ देकर l
अपनों की खुशियों में ख़ुद दिल से मुस्कुराने
से होता हैं ll
खूबसूरत हसीनाओ की मजलिस में नशीली निगाहों से l
नशीली मोहब्बत के नशे में छलक के छलकाने
से होता हैं ll
अपनों में अपनापन तो जीने की असली वजह
होती है l
दिल का दर्द ठीक प्यार की दवाई को पीने
से होता हैं ll
हररोज एहसास नया नया उभर रहा है सीने
के अंदर l
दिल साफ़ सफ़ेद काग़ज़ की तरह सफ़ीने
से होता हैं ll
२६-२-२०२६
सोचना क्या
सोचना क्या जो भी होगा सब अच्छा ही होगा l
जो तुने सोचा है वह रास्ता सच्चा ही होगा ll
दर्द का एहसास भी क्यूँ हो नहीं सकता कि l
प्यार तूझे जब हुआ होगा कच्चा ही होगा ll
बात सब बचकानी सी लगती है क्यूँकी वो l
सोचने के लिए समझने को बच्चा ही होगा ll
जो अकेला होता तो टुट सकता है उसको तो l
तोड़ने में देरी हुई क्यूँकी लच्छा ही होगा ll
जाते आते मुडकर पीछे नहीं देखा है कि l
सखी पहेले से ही सब मन में पक्का ही होगा ll
२७-२-२०२६
साथ हो तो बात हो
साथ हो तो बात हो सकती हैं ना l
जिंदगी आसानी से कटती हैं ना ll
जिस तरह से भी रखो रहती है l
पालने के साथ ही पलती हैं ना ll
रुकती है ना वो ठहरती है सखी l
तेज धारा संग जो सरती हैं ना ll
थोड़े ग़म थोड़ी खुशियाँ बस युहीं l
जिंदगी तो बारहा चलती हैं ना ll
मनपसंदी साथ गर मिल जाए तो l
साँसों में वो ताजगी भरती हैं ना ll
२८-२-२०२६