A Life Bound in the Sad - Episode 4 in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | सैदो में बंधी जिंदगी - एपिसोड 4

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सैदो में बंधी जिंदगी - एपिसोड 4

गार्ड्स चिल्लाए। अनन्या कमरे से बाहर निकली, दिल धक्-धक्। आर्यन दौड़ता आया, हाथ में गन। "अंदर रहो!" लेकिन देर हो चुकी – दो गुंडे लिविंग रूम में। एक ने अनन्या की ओर गन तानी। आर्यन ने कूदकर उसे ढेर कर दिया, लेकिन दूसरा गोली चला दी – सीधे आर्यन के कंधे में। खून बहने लगा। "भागो अनन्या!" आर्यन चिल्लाया। अनन्या डरी, लेकिन पहली बार उसके हाथ थामे। दोनों स्टडी रूम में छिपे। बाहर फायरिंग, गार्ड्स जवाब दे रहे। हमलावर चिल्लाए, "राठौर, तेरा बदला पूरा नहीं होगा! तेरा भाई व्यर्थ मरा!"हमला 20 मिनट चला। पुलिस आई, हमलावर भागे। आर्यन को तुरंत अस्पताल ले जाया। अनन्या नर्स बनी बैठी, उसका हाथ थामे। डॉक्टर ने कहा, "बुलेट बाहर, लेकिन रेस्ट चाहिए।" आर्यन को होश आया, अनन्या को देखा। "तुम... सुरक्षित?" ठंडे स्वर में पूछा। अनन्या रोते हुए बोली, "क्यों बचाया मुझे? कॉन्ट्रैक्ट तो..." आर्यन ने मुस्कुराया, "कॉन्ट्रैक्ट है। 6 महीने पूरे होने तक। बीवी का फर्ज।" लेकिन अनन्या ने उसकी आँखों में दर्द देखा – भाई का दर्द। "तुम्हारा भाई कौन था? सच बोलो।" आर्यन चुप। बाहर अंकित आया, "दीदी, आर्यन को सलाम। लेकिन सावधान, ये दुनिया खतरनाक।" अनन्या सोचने लगी – कौन था आर्यन का भाई? और ये बदला किससे?

: छिपा सचअस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आर्यन घर लौटा, लेकिन कंधे पर बैंडेज लपेटे। अनन्या ने खाना बनाया – साधारण दाल-चावल, क्योंकि वो जानती थी उसके पसंद को नहीं। अंकित भी आया, भाई का शुक्रिया अदा करने। लिविंग रूम में तीनों बैठे। अंकित ने आर्यन को देखा, हिचकिचाया। "भैया जी, गोली... दर्द तो नहीं?" आर्यन ने ठंडे स्वर में कहा, "फिक्र मत करो। बिजनेस है ये।" लेकिन अंकित की आँखों में शक था। अनन्या चाय सर्व करते हुए बोली, "भैया, आर्यन ने जमानत दिलाई, हमला भी झेला। अच्छे हैं वो।" अंकित ने धीरे से कहा, "दीदी, आर्यन खतरनाक है। जेल में सुना – उसके पापा ने मेरे दोस्त को ठोक दिया था। मर्डर केस में। कनेक्शन है शायद। सावधान रहना।" अनन्या ने टोका, "झूठ मत बोलो भैया! आर्यन ने मदद की।" लेकिन अंकित के शब्द दिल में चुभ गए। शक का कीड़ा पैदा हो गया। अंकित चला गया, अनन्या सोच में डूब गई।आर्यन ठीक होते ही मीटिंग में निकल पड़ा। "दोपहर तक लौटूँगा। घर से बाहर मत जाना," उसने कहा। अनन्या ने सिर हिलाया, लेकिन मन में जिज्ञासा भड़क रही। बंगला खाली था, नौकरानी बाजार गई। अनन्या ने स्टडी रूम में घुसने की हिम्मत की। आर्यन का लॉकर – बड़ा, लोहे का। पासवर्ड? उसने ट्राई किया – अंकित का केस नंबर। क्लिक! खुल गया। अंदर फाइलें, डॉक्यूमेंट्स। सबसे ऊपर एक फोटो – एक जवान लड़का, आर्यन जैसा चेहरा, मुस्कुराता हुआ। पीछे लिखा: "अर्जुन राठौर, मेरे भाई। 5 साल पहले मारा गया।" अनन्या का दिल बैठ गया। नीचे एक और फोटो – अंकित! और लिखा: "अंकित मिश्रा – कातिल? विटनेस स्टेटमेंट।" अनन्या सदमे में फोटो थामे बैठ गई। क्या अंकित ने सच में...? भैया ने कहा था झूठा केस, लेकिन ये प्रूफ? पुलिस रिपोर्ट, चैट लॉग्स – सब अंकित पर उँगली उठा रहे। अनन्या रो पड़ी। "नहीं... भैया निर्दोष है। ये फर्जीवाड़ा है!"लॉकर बंद किया, लेकिन दिमाग घूम रहा। शाम ढली, आर्यन लौटा। चेहरा थका, लेकिन आँखें सतर्क। अनन्या ने डिनर सर्व किया, लेकिन खाना गले न उतरा। आर्यन ने नोटिस किया, "क्या हुआ?" अनन्या चुप। रात को बेडरूम में आर्यन शावर ले रहा था। अनन्या ने हिम्मत जुटाई, स्टडी में गई। आर्यन आया, जैकेट उतारी। अनन्या ने सामना किया – फोटो हाथ में। "ये क्या है आर्यन? अंकित कातिल? सच बोलो!" आर्यन चौंका, पहली बार गुस्सा फूटा। आँखें लाल, मुट्ठी भींची। "कौन कहा खोलने को? प्राइवेट है!" अनन्या रोते हुए बोली, "तुम्हारा भाई... अर्जुन? अंकित ने मारा? क्यों न बताया पहले?" आर्यन दीवार से टिका, सिगार सुलगाया। धीरे-धीरे बोला, "5 साल पहले। अर्जुन मेरा छोटा भाई। इंजीनियरिंग कर रहा था। एक पार्टी में झगड़ा। अंकित ने चाकू मारा। विटनेस देखे। लेकिन केस कमजोर पड़ा। पापा ने बदला लिया – एनकाउंटर। लेकिन असली कातिल बच गया। प्रूफ चाहिए पूरे। इसलिए तेरी शादी। तू फैमिली से, ट्रस्ट टेस्ट। देखूँ, झूठ बोलती है या सच।"अनन्या सदमे में। "भैया निर्दोष! झूठा केस था उसका भी। तुम्हारा बदला गलत जगह?" आर्यन ने गुस्से में फाइल फेंकी। "प्रूफ देख! चैट्स, CCTV। अंकित ने कन्फेस किया जेल में।" अनन्या ने पढ़ा – अधूरे प्रूफ, शक पैदा। "अगर सच... तो कॉन्ट्रैक्ट तोड़ दो। मैं जाऊँ?" आर्यन करीब आया, आवाज़ नरम लेकिन ठंडी। "4.5 महीने बाकी। पूरा करो। या भाई फिर जेल।" अनन्या रो पड़ी, "तुम राक्षस हो!" आर्यन चला गया। अनन्या बिस्तर पर गिरी, आँसू बहते रहे। कॉन्ट्रैक्ट टूटेगा? या सच बाहर आएगा?तभी फोन बजा – अंकित। "दीदी, सावधान। आर्यन का पुराना दुश्मन आया। हमले का बदला लेगा।" अनन्या चौंकी। कौन दुश्मन? क्या ये प्रूफ फर्जी हैं?(अगला एपिसोड: पहला झगड़ा। नेक्स्ट अपडेट जल्द!)