Rebirth - Devil's love in Hindi Horror Stories by ziya books and stories PDF | Ribirth -Devil ki mohabbat

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Ribirth -Devil ki mohabbat

भाग 1: पुनर्जन्म का श्राप
आदित्य राजपूत, 30 साल का एक सफल बिज़नेसमैन था। उसकी ज़िंदगी परफेक्ट थी - पैसा, शोहरत, सब कुछ। लेकिन उसे एक अजीब सी समस्या थी। हर रात वह एक ही सपना देखता - एक खूबसूरत लड़की, जो उससे कहती है "तुमने मुझे धोखा दिया था। अब तुम्हें सज़ा मिलेगी।"
आदित्य इन सपनों से परेशान था। उसने कई डॉक्टरों से सलाह ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। फिर एक दिन, उसकी दादी ने उससे कहा, "यह सिर्फ सपने नहीं हैं बेटा। यह तुम्हारे पिछले जन्म की यादें हैं।"
"पिछला जन्म? दादी, यह सब बकवास है," आदित्य ने कहा।
"नहीं बेटा। हमारे खानदान में एक श्राप है। हर पीढ़ी में एक आदमी को अपने पिछले जन्म की यादें आती हैं। और तुम वो हो," दादी ने समझाया।
आदित्य को विश्वास नहीं हुआ। लेकिन दादी ने उसे एक पुराना डायरी दिया। "यह तुम्हारे पिछले जन्म की डायरी है। पढ़ो।"
आदित्य ने डायरी खोली। उसमें लिखा था - "मेरा नाम अभय है। मैं अनन्या से प्यार करता हूँ। लेकिन मेरे परिवार ने हमारी शादी से मना कर दिया। अनन्या ने कहा कि वो मेरे लिए जान दे देगी। लेकिन मैंने उसे धोखा दिया। मैंने किसी और से शादी कर ली। अनन्या ने आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने मुझे श्राप दिया - 'हर जन्म में तुम मुझे ढूंढोगे, लेकिन कभी नहीं पाओगे।'"
आदित्य के हाथ काँप गए। "यह... यह सच नहीं हो सकता।"
"लेकिन है बेटा। और अब अनन्या की आत्मा तुम्हें ढूंढ रही है। बदला लेने के लिए," दादी ने कहा।
उस रात, आदित्य फिर से वही सपना देखा। लेकिन इस बार, लड़की ने कहा, "मैं आ रही हूँ। तुम्हें लेने।"
भाग 2: अनन्या की वापसी
अगली सुबह, आदित्य अपने ऑफिस गया। वहाँ उसे एक नई एम्प्लॉई से मिलना था। जब वह कॉन्फ्रेंस रूम में पहुँचा, तो उसकी साँसें रुक गईं।
सामने खड़ी लड़की बिल्कुल वैसी ही थी जैसी वह अपने सपनों में देखता था। लंबे काले बाल, तीखी आँखें, और एक रहस्यमय मुस्कान।
"हेलो, मैं अनन्या हूँ। आपकी नई मार्केटिंग मैनेजर," लड़की ने कहा।
आदित्य का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। "अनन्या? तुम्हारा नाम अनन्या है?"
"हाँ। कोई समस्या?" अनन्या ने पूछा, उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी।
"नहीं... नहीं। वेलकम टू द टीम," आदित्य ने घबराते हुए कहा।
अगले कुछ दिनों में, आदित्य ने देखा कि अनन्या एक सामान्य लड़की नहीं थी। वह बहुत चालाक और रहस्यमय थी। वह हमेशा आदित्य के आसपास रहती, जैसे किसी योजना पर काम कर रही हो।
एक शाम, जब सब लोग जा चुके थे, अनन्या आदित्य के केबिन में आई। "आदित्य, मुझे तुमसे कुछ पूछना है।"
"क्या?" आदित्य ने पूछा।
"क्या तुम्हें लगता है कि पुनर्जन्म सच होता है?" अनन्या ने पूछा।
आदित्य के पसीने छूट गए। "क्यों पूछ रही हो?"
"क्योंकि मुझे भी अजीब सपने आते हैं। एक आदमी जो मुझे धोखा देता है। और मैं उससे बदला लेती हूँ," अनन्या ने कहा, उसकी आँखों में एक ठंडक थी।
"तुम... तुम कौन हो?" आदित्य ने डर से पूछा।
अनन्या मुस्कुराई। "मैं वही हूँ जिसे तुमने पिछले जन्म में धोखा दिया था। और अब मैं अपना बदला लूंगी।"
आदित्य ने भागने की कोशिश की लेकिन दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया। अनन्या ने अपना हाथ उठाया और आदित्य हवा में उठने लगा।
"तुमने सोचा था कि मैं मर गई? नहीं आदित्य। मैं सिर्फ इंतज़ार कर रही थी। तुम्हारे पुनर्जन्म का," अनन्या ने कहा।
"प्लीज़... मुझे माफ कर दो। वो मैं नहीं था, वो अभय था," आदित्य ने गिड़गिड़ाया।
"तुम और अभय एक ही आत्मा हो। और अब तुम्हें सज़ा मिलेगी," अनन्या ने कहा।
लेकिन तभी, अचानक अनन्या की आँखों में आँसू आ गए। "लेकिन... लेकिन मैं तुमसे अभी भी प्यार करती हूँ।"
आदित्य ज़मीन पर गिर गया। "क्या?"
भाग 3: प्यार और नफरत के बीच
अनन्या ने अपना चेहरा छुपाया। "मैं इतने सालों से तुम्हें ढूंढ रही थी। तुमसे बदला लेने के लिए। लेकिन जब मैंने तुम्हें देखा, तो सारी नफरत पिघल गई। मुझे फिर से तुमसे प्यार हो गया।"
आदित्य हैरान था। "लेकिन तुमने कहा था कि तुम बदला लोगी।"
"हाँ, लेकिन दिल कहाँ मानता है? मैं चाहकर भी तुमसे नफरत नहीं कर सकती," अनन्या ने रोते हुए कहा।
आदित्य ने उसके पास जाकर उसका हाथ पकड़ा। "अनन्या, मुझे माफ कर दो। मुझे पिछले जन्म की सारी यादें नहीं हैं, लेकिन मुझे पता है कि अभय ने गलती की थी। मैं उसकी तरफ से माफी माँगता हूँ।"
अनन्या ने उसकी आँखों में देखा। "क्या तुम सच में माफी माँग रहे हो?"
"हाँ। और अगर तुम चाहो तो... मैं इस जन्म में तुम्हारा साथ निभाऊँगा। तुम्हें फिर कभी धोखा नहीं दूंगा," आदित्य ने कहा।
अनन्या को विश्वास नहीं हुआ। "लेकिन तुम मुझसे डरते हो।"
"हाँ, डरता हूँ। लेकिन मुझे तुमसे प्यार भी होने लगा है। पिछले कुछ दिनों में, मैंने तुम्हें देखा है। तुम अलग हो। खास हो," आदित्य ने कहा।
अनन्या की आँखों में और आँसू आ गए। "मैं नहीं जानती क्या करूँ। मैंने इतने सालों तक सिर्फ बदले के बारे में सोचा है।"
"तो अब प्यार के बारे में सोचो। हमें एक नया मौका मिला है। एक नई शुरुआत," आदित्य ने कहा।
अनन्या ने कुछ देर सोचा। फिर धीरे से कहा, "ठीक है। लेकिन अगर तुमने इस बार भी धोखा दिया, तो मैं तुम्हें माफ नहीं करूँगी।"
"मैं वादा करता हूँ," आदित्य ने कहा।
भाग 4: अतीत की छाया
अगले कुछ महीनों में, आदित्य और अनन्या ने एक रिश्ता शुरू किया। लेकिन यह आसान नहीं था। अनन्या अभी भी कभी-कभी अपनी अलौकिक शक्तियों का इस्तेमाल करती, खासकर जब उसे गुस्सा आता।
एक दिन, आदित्य की एक पुरानी दोस्त उससे मिलने आई। अनन्या को यह पसंद नहीं आया।
"वो कौन है?" अनन्या ने गुस्से से पूछा।
"बस एक दोस्त। पुराने कॉलेज की," आदित्य ने समझाया।
"मुझे यह पसंद नहीं। तुम किसी और लड़की से बात भी नहीं कर सकते," अनन्या ने कहा।
"अनन्या, यह तुम्हारी असुरक्षा बोल रही है। मुझे तुम पर विश्वास करना होगा, और तुम्हें मुझ पर," आदित्य ने समझाने की कोशिश की।
लेकिन अनन्या ने नहीं सुना। उसने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके उस लड़की को डरा दिया। लड़की डरकर भाग गई।
आदित्य गुस्से में था। "तुमने यह क्या किया?"
"मैंने सिर्फ अपना हक जताया। तुम मेरे हो," अनन्या ने कहा।
"यह गलत है अनन्या। प्यार में किसी को कैद नहीं किया जाता," आदित्य ने कहा।
अनन्या को एहसास हुआ कि उसने गलती की है। "मुझे माफ कर दो। मुझे बस... मुझे बस डर लगता है कि तुम फिर से मुझे छोड़ दोगे।"
आदित्य ने उसे गले लगाया। "मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूँगा। लेकिन तुम्हें मुझ पर विश्वास करना होगा।"
"मैं कोशिश करूँगी," अनन्या ने कहा।
लेकिन अतीत की छाया इतनी आसानी से नहीं हटती। एक रात, आदित्य को फिर से वही पुराना सपना आया। लेकिन इस बार, उसने पूरी कहानी देखी।
पिछले जन्म में, अभय ने अनन्या से सच्चा प्यार किया था। लेकिन उसके परिवार ने धमकी दी थी कि अगर उसने अनन्या से शादी की, तो वे आत्महत्या कर लेंगे। अभय परिवार के दबाव में आ गया और उसने किसी और से शादी कर ली।
अनन्या को लगा कि अभय ने उसे धोखा दिया। उसने आत्महत्या कर ली। लेकिन सच्चाई यह थी कि अभय भी टूट गया था। वह भी कुछ सालों बाद दुख में मर गया।
जब आदित्य की नींद खुली, तो उसके चेहरे पर आँसू थे। "अनन्या, हम दोनों पीड़ित थे। अभय ने तुम्हें धोखा नहीं दिया, वो मजबूर था।"
अनन्या ने भी यह सपना देखा था। "मुझे पता है। मैंने आज सच्चाई देखी। मैंने इतने सालों तक गलत इंसान से नफरत की।"
"तो अब क्या?" आदित्य ने पूछा।
"अब हम अतीत को भूल जाते हैं और एक नई शुरुआत करते हैं," अनन्या ने कहा।
भाग 5: नया जीवन
आदित्य और अनन्या ने शादी कर ली। यह एक खूबसूरत समारोह था। दोनों परिवार खुश थे।
लेकिन शादी के बाद भी, अनन्या की अलौकिक शक्तियाँ नहीं गईं। एक दिन, आदित्य ने पूछा, "तुम्हारी ये शक्तियाँ कब तक रहेंगी?"
"मुझे नहीं पता। शायद तब तक जब तक मेरी आत्मा को पूरी तरह शांति नहीं मिल जाती," अनन्या ने कहा।
"तो शांति कैसे मिलेगी?" आदित्य ने पूछा।
"शायद... शायद एक परिवार बनाकर। एक नई जिंदगी शुरू करके," अनन्या ने कहा।
एक साल बाद, अनन्या गर्भवती हुई। जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता गया, अनन्या की शक्तियाँ कम होती गईं।
"लगता है मेरी आत्मा को शांति मिल रही है," अनन्या ने खुशी से कहा।
जब बच्चे का जन्म हुआ - एक खूबसूरत बेटी - अनन्या की सारी अलौकिक शक्तियाँ पूरी तरह खत्म हो गईं।
"मैं अब एक सामान्य इंसान हूँ," अनन्या ने कहा।
"और मुझे यही चाहिए था," आदित्य ने उसे और बच्ची को गले लगाते हुए कहा।
दादी ने बच्ची को गोद में लिया। "श्राप टूट गया। अब हमारे खानदान में कोई और पीड़ित नहीं होगा।"
आदित्य और अनन्या ने एक-दूसरे की तरफ देखा और मुस्कुराए। उन्होंने दो जन्मों का सफर तय किया था, लेकिन आखिरकार उन्हें अपना प्यार मिल गया।
अंतRebirth