Wedding of Wounds - 3 in Hindi Love Stories by Sonam Brijwasi books and stories PDF | ज़ख्मों की शादी - 3

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ज़ख्मों की शादी - 3

Kabir का घर – आलीशान लेकिन शांत, सुरक्षा के लिहाज़ से पूरी तरह व्यवस्थित। Kabir ने गाड़ी घर के गेट पर रोक दी। वो घर में घुसा और सीधे उसे अपने bedroom में ले गया। उसने धीरे से Shristi को अपनी गोद से नीचे उतारा। घर के अंदर का माहौल शांत था।

Shristi (कड़वी हँसी के साथ, कांपती आवाज़ में ) बोली - 
आप… मुझे फिर से घर ले ही आए। मन नहीं भरा ना आपका… मुझे दर्द देके। अभी भी कोई कसर बाकी रह गई क्या?

Shristi की आँखों में डर और आक्रोश दोनों झलक रहे थे। उसके होंठों पर हल्की मुस्कान, पर आवाज़ में तीखापन था।

Kabir (धीमे, गंभीर और protective tone में) बोला - 
कड़वी बातें छोड़ो… अब तुम्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता। मैं तुम्हारे साथ हूँ।

Kabir ने धीरे से Shristi का हाथ पकड़ा, उसके कांपते हाथ को अपनी हथेली में छुपाया।

Shristi (हाथ खींचते हुए, हल्की नकारात्मकता में) बोली - 
आप… आप मुझे अब भी डराते हो… पता है?

Kabir (धीमे, आधा मुस्कुराते हुए) बोला - 
डराने का मकसद नहीं, बचाने का मकसद है। अब बस चुप हो जाओ… और चैन से रहो।

Shristi ने धीरे से सिर झुकाया। उसकी आँखों में अभी भी डर और दर्द था, लेकिन Kabir की सुरक्षा महसूस करने के बाद थोड़ी राहत थी।

Shristi सोचने लगी - 
यह आदमी… मुझे क्यों बचा रहा है? क्यों लगता है कि उसके पास मेरे लिए सिर्फ़ खतरा नहीं, बल्कि सबसे ज्यादा इसी आदमी के द्वारा में सताई गई हूं…। और यह दर्द… क्या यही मेरी नई जिंदगी होगी?

उन लड़ाई और झगड़ा अभी भी जारी था। कमरे में दोनों के बीच हवा भारी थी। Shristi अचानक अपने सीने में तेज़ दर्द महसूस करती है। वो झुक जाती है और उसकी सांसें अनियमित हो जाती हैं।

Kabir (तेजी से, चिंता में) बोला - 
Shristi! क्या हुआ? कहाँ दर्द है?

Kabir इधर-उधर दौड़कर मेडिसिन और पानी लाया। उसकी आंखों में डर और urgency साफ़ थी।

Shristi (जैसे ही Kabir ने उसे अपने सीने से लगाया, झटकते हुए, गुस्से में) बोली - 
दूर हटिए! I hate you Kabir ji! आपने मेरे प्यार का मजाक बनाया है!

Kabir चौंक गया। उसने धीरे से उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन Shristi ने उसे धक्का दे दिया।

Kabir (धीमे, दर्द और authority में) बोला - 
Shristi… मैं तुम्हारा मजाक नहीं बना रहा हूँ। बस तुम सुरक्षित रहो, यही मेरी चिंता है।

Shristi (गुस्से में, आंसू भरे हुए) बोली - 
सुरक्षित? आप? वही आदमी जो मुझे डराता है… वही जो मेरी जिंदगी को दर्द में बदल देता है… कैसे सुरक्षित कह सकते हैं आप?

Kabir की आंखों में गुस्सा और तकलीफ दोनों झलक रहे थे। उसने धीरे से कहा

Kabir (कड़े स्वर में) बोला - 
अब तुम चाहे जितना गुस्सा करो… लेकिन मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ूंगा। चाहे तुम मुझे धक्का दो या चिल्लाओ… मैं यहीं रहूंगा।

Shristi धीरे-धीरे कांपते हुए बैठ गई। उसका दिल दर्द और डर के बीच उलझा हुआ था। Kabir उसकी तरफ झुका रहा था, लेकिन उसे धीरे से दूरी बनाए रखनी पड़ी। Shristi कांपती हुई, रोती हुई, अपने हाथों से चेहरे ढकती हुई, Kabir की तरफ देख रही थी। उसकी सिसकियां तेज़ थीं।

Shristi (कांपते हुए, बार-बार दोहराते हुए) बोली - 
मैं… मैं आपसे नफरत करती हूँ… please… चले जाइए…।

Shristi की आवाज़ में दर्द, गुस्सा, और डर सब झलक रहा था। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। Kabir धीरे-धीरे पीछे हटता है। उसकी आंखों में पछतावा और guilt साफ़ दिख रही थी। उसने खुद को कसकर सम्हाला।

Kabir (धीमे, खुद से सोचते हुए) बोला - 
मैंने उसे इतना दर्द क्यों दिया… मैंने ऐसा क्यों किया… मैं अपनी गलती सुधारूँगा… पर क्या अब बहुत देर हो चुकी है?

Kabir के हाथ हल्के कांप रहे थे। वह जानता था कि Shristi अब उसे अपनाने के लिए तैयार नहीं है, और उसका दिल टूट रहा था।

Kabir (धीमे, Shristi से, guilt में) बोला - 
Shristi… मुझे माफ़ करो… मैं… मैं नहीं चाहता था कि तुम दर्द महसूस करो…।

Shristi केवल सिर हिला कर रोती रहती है। Kabir धीरे से कमरे के दूसरे कोने में बैठ जाता है, दूरी बनाकर, ताकि Shristi को थोड़ी राहत मिले।

Shristi ( मन ही मन ) बोली - 
मैं… मैं उसे कभी माफ़ नहीं कर सकती… पर फिर भी… वह मेरे लिए यहाँ है… क्या यही प्यार है, या सिर्फ़ उसकी Toxicness और possesivness ?

To Be Continued…

Shristi Kabir से नफरत क्यों करती थी?
Kabir ने Shristi के साथ क्या किया था या क्या misunderstanding हुई थी?
Kabir का guilt और पछतावा Shristi के भरोसे को कैसे बदल पाएगा?
क्या Shristi धीरे-धीरे Kabir पर भरोसा करेगी या उसकी नफरत और बढ़ जाएगी?
Kabir और Shristi का रिश्ता अब कैसे आगे बढ़ेगा – सिर्फ protector और protected, या emotions में twist आएगा?


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