Pahli Nazar ka Ishq - 6 in Hindi Love Stories by Bikash parajuli books and stories PDF | पहली नज़र का इश्क - 6

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पहली नज़र का इश्क - 6

स्कूल की सुबह हमेशा की तरह हल्की-सी हलचल और बच्चों की हँसी-मज़ाक से भरी हुई थी। लेकिन बिकाश और माया के लिए यह दिन कुछ खास होने वाला था। पिछली घटनाओं के बाद उनका रिश्ता और भी मजबूत हो गया था। अब वे केवल पहले प्यार के साथ नहीं, बल्कि विश्वास, समझ और दोस्ती के आधार पर एक-दूसरे के करीब थे।
सक्रिय सुबह और नए प्रोजेक्ट का रोमांच
सुबह की पहली घंटी बजते ही क्लास का माहौल तैयार हो गया। शिक्षक ने छात्रों को बताया कि अगले हफ्ते स्कूल में साइंस फेयर होने वाला है और हर जोड़ी को नया प्रोजेक्ट तैयार करना होगा।
बिकाश और माया की आँखों में चमक थी। दोनों ने एक-दूसरे की तरफ़ देखते हुए कहा,
“हम इस बार कुछ अलग करेंगे।”
माया ने सुझाव दिया,
“हम एक ऐसा प्रोजेक्ट बनाएँ, जो पर्यावरण और ऊर्जा बचत को दिखाए।”
बिकाश ने तुरंत सहमति जताई।
“हां माया, यह सबसे अच्छा आइडिया है। चलो इसे डिजाइन करते हैं।”
दोनों ने प्रोजेक्ट की योजना बनाई, सामग्री जुटाई और शाम तक स्कूल में ही प्रोजेक्ट पर काम किया। इस दौरान उनकी हँसी, नोक-झोंक और छोटी-छोटी बातें उनके काम को और मज़ेदार बना रही थीं।
छोटी-मोटी शरारतें और मज़ाक
काम करते हुए, माया ने मजाक में बिकाश के बैग में एक रंगीन स्टिकर चिपका दिया।
“अरे! ये क्या किया?” बिकाश ने हँसते हुए कहा।
“तुम हमेशा इतनी गंभीर लगते हो, थोड़ी मस्ती तो बनती है न!” माया ने मुस्कुराते हुए कहा।
दोनों ने हँसी में बैग की जगह-स्थान बदल दिया और स्टिकर को एक दूसरे पर चिपकाते रहे। यह छोटी-सी शरारत उनके रिश्ते में मिठास और मज़ा जोड़ रही थी।
छात्र जीवन में रोमांच
दोपहर के समय, स्कूल के खेल मैदान में, कुछ दोस्त बच्चों को डराने के लिए छुपकर जंप करने लगे। बिकाश और माया भी शामिल हो गए।
“तुमने मुझे डराने की कोशिश की!” माया ने शोर मचाते हुए कहा।
“तुम भी तो मेरी तरफ कूद पड़ी!” बिकाश ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।
दोनों खेल में और मज़ा लेते हुए हँसी-मज़ाक कर रहे थे। यह छोटा-सा रोमांच उनके प्यार और दोस्ती को और गहरा बना रहा था।
प्यार की नज़दीकियाँ और विश्वास
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद, दोनों स्कूल के पीछे वाले गार्डन में बैठे। हवा ठंडी और हल्की थी, और सूरज धीरे-धीरे ढल रहा था।
बिकाश ने माया की आंखों में देखा और कहा,
“माया, मैं जानता हूँ कि हम दोनों कभी-कभी छोटी-छोटी बातों पर लड़ते हैं, लेकिन मैं कभी नहीं चाहता कि हमारा प्यार कम हो।”
माया ने उसके हाथ थामते हुए कहा,
“बिकाश… मैं भी यही चाहती हूँ। हमें हमेशा एक-दूसरे पर भरोसा रखना चाहिए। तुम मेरे लिए बहुत खास हो।”
दोनों के हाथ और दिल एक-दूसरे के लिए मजबूत और सुरक्षित लग रहे थे। अब उनके लिए सिर्फ़ दोस्ती और प्यार ही नहीं, बल्कि विश्वास और समझ भी सबसे महत्वपूर्ण बन चुका था।
छोटी नोक-झोंक और हँसी
माया ने मजाक में कहा,
“देखो बिकाश, अब तुम्हें मेरे हर मूड को समझना होगा। नहीं तो मैं नाराज़ हो जाऊँगी।”
बिकाश मुस्कुराया और बोला,
“ठीक है माया, मैं अब हर मूड के लिए तैयार हूँ। तुम्हारे बिना तो मैं अधूरा हूँ।”
दोनों हँस पड़े। झूलों पर झूलना, हँसी-मज़ाक करना और एक-दूसरे को छेड़ना अब उनके रिश्ते का हिस्सा बन गया था।
प्रोजेक्ट की सफलता और तारीफ
अगले दिन, स्कूल में साइंस फेयर हुआ। बिकाश और माया का प्रोजेक्ट “एनर्जी कंज़र्वेशन मॉडल” पूरे स्कूल में सबसे अलग और आकर्षक लग रहा था।
शिक्षक ने उनकी टीम की तारीफ की।
“तुम दोनों ने बहुत मेहनत की है। यह प्रोजेक्ट न केवल ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि रचनात्मकता भी दिखाता है।”
माया ने मुस्कुराते हुए कहा,
“सब तुम्हारी मदद और समर्थन के बिना संभव नहीं था।”
बिकाश ने भी हल्की मुस्कान के साथ कहा,
“नहीं माया, यह हमारी मेहनत और टीम वर्क का फल है।”
दोनों की खुशी और गर्व उनके प्यार को और भी मजबूत बना रहा था।
दिन का रोमांटिक अंत
शाम ढलते-ढलते, पार्क की झील के किनारे, दोनों अकेले बैठे। हवा ठंडी थी और आसमान में सूरज की आखिरी किरणें पड़ रही थीं।
बिकाश ने माया का हाथ थामते हुए कहा,
“माया, मैं चाहता हूँ कि हम हमेशा एक-दूसरे का हाथ थामे रहें। चाहे जीवन में कितनी भी मुश्किलें आएँ, मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा।”
माया ने उसकी आंखों में देखा और मुस्कुराई,
“और मैं भी बिकाश… हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगी। आज से हमारा प्यार और भी गहरा हो गया है।”
दोनों ने झील की पानी की लहरों को देखते हुए, एक-दूसरे के हाथ मजबूत पकड़े। उनके लिए अब सिर्फ़ दोस्ती, रोमांस और मज़ा ही नहीं, बल्कि विश्वास, समझ और प्यार की गहराई भी सबसे महत्वपूर्ण बन गई थी।
Episode 6 का संदेश
इस एपिसोड में यह दिखाया गया कि
स्कूल का जीवन केवल पढ़ाई और खेल ही नहीं, बल्कि दोस्ती, प्यार, मस्ती और रोमांच का भी हिस्सा है।
छोटे-छोटे झगड़े, शरारतें और नोक-झोंक रिश्ते को मजबूत बनाते हैं।
पहला प्यार केवल रोमांस नहीं, बल्कि विश्वास और समझ से भी गहरा होता है।
बिकाश और माया अब न केवल एक-दूसरे के पहले प्यार थे, बल्कि अपने स्कूल जीवन के हर पल को साथ में जी रहे थे।