Tera Lal Ishq - 28 in Hindi Crime Stories by Kaju books and stories PDF | तेरा लाल इश्क - 28

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तेरा लाल इश्क - 28

Next Ep,,, ✍️💜 

कबाड़ी  भागते हुए वहा आया और बोला "सर हमारे एक आदमी से पता चला है की वो किसी भी समय पहुंच रहे हैं,,ऊपर से फ्रेसर आ रहा है आपका encounter करने का ऑर्डर दिया है" अब आगे,,,

ये सुन मुरीद के साथ सभी लोग अपनी जगह पर स्तंभ रह गए। 

मुरीद सदमे से "क्य,,क्या encounter ???" 

कबाड़ी फिर बोला "हा और जानते हैं इस काम के लिए सरकार ने किसे चुना है?" 

मुरीद घबराए हुए "क,,किसे?"

तो कबाड़ी मुरीद के सिर पर बॉम ब्लास्ट करते
हुए बोला "आपके सगे भाई को" ये सुन अचानक से मुरीद के चेहरे की सारी घबराहट गायब हो गई और उसकी जगह खून खौलते हुए गुस्से ने लेली
वो कबाड़ी का मुंह दबोच दात पिस्ते हुए "वो नमक हराम मेरा भाई नही है दुबारा ए बात अपने मुंह से निकाली तो इस बंदूक की छ की छ गोलियां तेरे मुंह में दाग दूंगा समझा" 


लिवा अपार्टमेंट
the laboratory 

यहां अलग ही रायता फैला हुआ था।

भीनी सीरियस होकर बोली "मैने इस स्प्रे पर रिसर्स की है ये स्प्रे कोई आम स्प्रे नही है" 
उसकी बात सुन सभी आखें फाड़े उसे देखने लगे सबके चेहरे पर चिंता साफ नजर आ रही थी।

कृषभ उसे आंखे ततेर कर घूरते हुए "तुम कहना क्या चाहती हो ये जहरीला है?"

कृषि गुस्से में बोला "हे भगवान इतनी बड़ी बात इतने आराम से बता रही पागल डॉक्टर" 

काशी भी उसे घूरते हुए बोली "तुम ये बात पहले क्यू नही बताई?" 

रिहा गाल पर हाथ रख सदमे से "अब क्या होगा?"

"अरे मेरी बात सुन,,,," भीनी बोल ही रही थी की

कृभिन उसकी बात काट उसे ताना कसते हुए बोला "मै पहले ही बोला था शुभ शुभ बोलो पर डॉक्टर जैसी हरकते ही कहा है तुम्हारी जब देखो तब जहर ही,,," 
ये सुन भीनी खा जाने वाले नजरों से कृभिन को घूरने लगी तो कृभिन डर के मारे अपनी अधूरी बात छोड़ नजरे ही फेर लिया।

भीनी सब को घूरते हुए "अपनी बक बक खत्म कर ली हो तो अब मेरी बात सुन लो" 

सभी उसे आंखे छोटी कर घूरते हुए "हा बको?????" 

"मेरी पूरी बात सुने ही नही और इतनी बक बक झाड़ लिए  बेहोशी का डोज आम बेहोशी से बहुत ज्यादा है मानो छ सात घंटे के लिए बेहोशी में रहेगा अगर ऐसे में हमने अपना जोर लगाकर इसे उठाने की कोशीश की तो,,," 
उसकी बात फिर काट कृषि सदमे से "तो ये टपक जाएगा" 

"इसकी 99% गेरेंटी हैं इसके हार्ट में बुरा असर पड़ सकता हैं और ये मर सकता हैं" भीनी ने अपनी बात खत्म की
तो वही उसकी इस बात से सभी आवक थे।

चीखते हुए बोले "तो क्या आशना को,,," 

"चुप,,Hmm उसे पता है मैं ही बताई हमारे whatsaap ग्रुप में मैसेज की थी पर तुम सब निकम्मे कोई फोन घर में छोड़ आया तो किसी के फोन पर बेलेंस ही नही है" भीनी सभी को घुरकर तंज कसते हुए बोली।

सभी मुंह बनाकर "ठीक है ठीक है ताना बाना बाद में कस लेना पहले इस बड़बोले बंदर का कुछ करो" 

भीनी आराम के साथ बोली "फिलहाल हम कुछ कर सकते है तो बस इसके होश में आने का इंतजार कुछ ही घंटो में इसके शरीर से वो डेंजर स्प्रे का असर हो जायेगा अब जाओ इसे इसके रूम में फेक दो"

"पर हिटलर लीडर ने क्लीनिक रूम में फेकने को 
बोला है ना?"  कृषि ने सवाल करते हुए कहा । 

तो भीनी बोली "वहा जगह नहीं इसलिए बोल रही अब जाओ ये कुछ घंटों में खुद ही होश में आ जायेगा"

काशी रिहा बोली "ठीक है  हम सब अपना अपना काम करते है" 
कृषी और कृभीन ने एक दूसरे को देखा।

"एक दूसरे का मुंह क्या ताक रहे?  जलदी उठाकर लेकर जाओ" भीनी ऑर्डर देने के लहजे में बोली । 
दोनों उसे घूरे जैसे कह रहे हो "हमे क्या नौकर चाकर समझा है?" उनका एक्सप्रेशन देख भीनी समझ गई उनकी मन की बात

भीनी उन्हे तिरछी नज़रों से देख "नौकर से जोकर भी बना सकती हू" 

दोनों चौंक कर उसे देखे आखिर उनके मन की बात उसे पता कैसे चल गई इस उलझन में उसे देख रहें थे। 

की काशी रिहा कृषभ हैरानी से बोल "ऐसे कैसे जोकर बना दोगी?" 

कृभिन कृषि मुंह बनाते हुए "अरे,, कु,,कुछ भी बकवास कर रही,, ये डॉक्टर है आर्टिस्ट नही आख़िर ऐसे कैसे जोकर बना देगी" 

भीनी डेंजर स्माइल कर बोली "प्लास्टिक सर्जरी करके,,," ये सुन उन दोनो को लगने लगा उनका दिल धक से बंद पड़ गया है वही सभी आंखे फाड़े भीनी को देख रहे थे जो किसी साइको डॉक्टर से दस कदम आगे लग रही थी वो आगे बोली "पहली बार स्टार्ट करूंगी सोच रही तुम दोनो पर ट्राई करू"

कृभिन कृषि डर से हड़बड़ाते हुए "कोई जरूरत नहीं मालिक हम नौकर ही मस्त है ही ही ही" और जबरदस्ती ही ही ही करते हुए कनंत को उठाकर उसके रूम पे ले आए और सुला दिए।

TV हॉल में
10:36 बाद 
रिहा बोली "इसका मतलब हो रही किडनैपिंग के पीछे इस्पेक्टर मुरीद ही है और उनके चमचे लोगो का शक सही साबित हो ही गया" 

कृषि गुस्से में "ये साला इस्पेक्टर कानून के साथ गद्दारी कर अपना काला बाजारी कर रहा लेकिन,,,"

"Hmm लेकिन ये अकेला नहीं है" आशना की बात सुन सभी हैरान रह गए।

"तुम कहना क्या चाहती हो?" कृषभ उसे कन्फ्यूज भरी नज़रों से देखते हुए बोला।

तो आशना बोली "यही की असली मास्टर माइंड कोई और है और वो जो खेल खेल रहा है ना बहुत खतरनाक खेल है और,,," 

"और मुरीद बस उस खेल में इस्तमाल होने वाला सिर्फ एक मौहरा है राइट" कृषभ आशना की बात पुरी करते हुए बोला।

"Correct!,,,वो जो कोई भी है आखिर कब तक अंधेरे में छुपा बैठा रहेगा उजाले में तो एक दिन आना ही है" इतना बोल आशना डेविल स्माइल की फिर 
सख्ती से बोली "अब जाओ अपना अपना काम करो " 

सब सेल्यूट कर "यस लीडर" बोलकर चले गए ।


जंगली इलाका 
घनेरी जंगल 

अपने भाई का जिक्र सुन मुरीद पागल हाथी की तरह गुस्से में झल्लाया हुआ था।

"तेरी हिम्मत कैसे हुई उस नमक हराम को मेरा भाई कहने की,, वो सिर्फ़ मेरा दुश्मन है दुश्मन उससे मेरा सिर्फ एक ही रिश्ता है दुश्मनी का दुबारा अगर,,,"  मुरीद के आंखो में खून उतर आया वो कबाड़ी की ओर खा जानें वाली नजरों से घुर झंझकोरते हुए बोले जा रहे थे। 

उसके कानों में भाई शब्द बार बार गूंजने लगा था।
नफरत से भी बत्तर नफरत सबको उनकी में आंखो दिखाई दे रही थी।
"स,,सर,, सर सो,, सॉरी दु,, दुबारा ये शब्द अपने मुंह से गलती से भी नहीं निकालुंगा माई कसम" कबाड़ी गिड़गिड़ाते हुए बोला ।

मुरीद दात पिस्ते हुए "अपनी जुबां पे अटल रहना क्योंकि अगली बार जुबां ही नही रहेगी" और झिड़कते हुए छोड़ दिया।

जंगली कन्फ्युज होकर सबको टक टकी लगाए
देखते हुए चमड़ी के पास खिसक कर धीरे से
फुसफुसाया "वैसे एक बात पूछूं?" 

💜💜💜 एनकाउंटर से बच जायेगा मुरीद या सीधे जायेगा नर्कपुर? 
कौन है ये खतरनाक खेल खेलने वाला ?
कब आएगा कनंत होश में?
  क्या होगा आगे? 
जानने के लिए बने रहे स्टोरी के साथ मिलते हैं जल्द ही next Ep में 💜💜💜