आन्या की आँखें खुलती हैं। कमरा अंधेरे में डूबा है और फर्श पर कपड़ों का ढेर लगा है। उसकी धड़कनें तेज़ हैं—वही पुरानी घबराहट। लेकिन वह अपनी मानसिक स्थिति पर ध्यान देने के बजाय सीधे अपना फ़ोन उठाती है। उसे आज 'Morning Routine' की एक रील डालनी है।
वह पूरे कमरे को साफ़ नहीं करती। वह बस बिस्तर के एक छोटे से कोने को ठीक करती है, वहाँ एक सफेद रेशमी चादर बिछाती हैआन्या अपने अपार्टमेंट के उसी 'एस्थेटिक' कोने में बैठी थी। हाथ में कॉफ़ी का कप था, जिसे उसने केवल फोटो के लिए पकड़ा था। तभी उसके फोन की स्क्रीन चमक उठी।
Shadow_D: "सफेद पर्दे धूल छुपा सकते हैं, आन्या... दर्द नहीं। तुम्हें अकेले लड़ने की ज़रूरत नहीं है।" 🕯️
आन्या के हाथ कांपने लगे। उसे समझ नहीं आया कि यह कोई उसका हमदर्द है जो उसकी असलियत जानता है, या वही स्टॉकर जो उसके कमरे की हर हलचल पर नज़र रखे हुए है।
अगले ही पल, उसके बैंक अकाउंट में एक बड़ा ट्रांजेक्शन हुआ—5 लाख रुपये। नीचे नोट लिखा था: "अपने कर्ज उतार दो, आन्या। आज चैन की नींद सो।" 💸शहर के सबसे आलीशान पेंटहाउस में, नीली रोशनी के बीच देव सिंघानिया बैठा था। उसके सामने दर्जनों स्क्रीन थीं, जिनमें से एक पर आन्या की प्रोफाइल खुली थी। देव की पहचान पूरी दुनिया के लिए एक रहस्य थी। वह जितना रईस था, उतना ही अकेला भी।
देव जानता था कि आन्या जिसे 'परफेक्ट लाइफ' कह रही है, वह एक दलदल है। उसने आन्या को बचाने का फैसला किया था, लेकिन अपनी पहचान छुपाकर। वह नहीं चाहता था कि आन्या को लगे कि वह कोई 'अहसान' कर रहा है। वह तो बस उसके बिखरे हुए जीवन को सहेजने वाला एक 'अदृश्य हाथ' बनना चाहता था।आन्या ने अपने कांपते हाथों से फोन को मेज पर पटक दिया। 5 लाख रुपये! एक सामान्य इंसान के लिए यह लॉटरी हो सकती थी, लेकिन आन्या के लिए यह एक 'डेथ वारंट' जैसा था। उसे लगा जैसे कोई उसके कमरे की दीवारों के पार से उसे देख रहा है।
"उसे कैसे पता कि मुझ पर कर्ज है?" आन्या ने खुद से फुसफुसाते हुए पूछा। उसकी सांसें तेज हो रही थीं—एक पैनिक अटैक ⚡ की आहट। उसने खिड़की के भारी पर्दे गिरा दिए। उसे अब अपनी वह 'एस्थेटिक' सफेद दुनिया डरावनी लगने लगी थी।
वह पुलिस स्टेशन जाने के लिए उठी, अपना बैग उठाया, लेकिन फिर आईने के सामने रुक गई। अगर वह पुलिस के पास गई, तो उसे सब सच बताना होगा। उसे बताना होगा कि उसकी विलासिता भरी रीलें झूठ हैं, कि उसका बैंक बैलेंस जीरो था, और वह एक 'धोखा' बेच रही है। उसकी साख, उसके फॉलोअर्स, उसका करियर... सब एक पल में खत्म हो जाएगा।
उधर, देव सिंघानिया अपने ऑफिस की कांच की दीवार के पास खड़ा था। उसने देखा कि आन्या के घर की लाइटें बंद हो गई हैं। उसने सिर्फ मदद करने की कोशिश की थी, लेकिन वह भूल गया था कि एक डरपोक परिंदे के लिए सोने का पिंजरा भी पिंजरा ही होता है। देव ने अपना फोन उठाया और एक और मैसेज टाइप किया