Jungle Ka Raaz - in Hindi Adventure Stories by pallabi books and stories PDF | Jungle Ka Raaz - 1

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Jungle Ka Raaz - 1

पल्लवी हमेशा से रोमांच और रहस्यों की शौकीन रही थी।
एक दिन उसने सुना कि गाँव के पास एक जंगल है, जहाँ जाने वालों में से बहुत कम ही लौटते हैं। गाँव वाले उसे भूतिया और खतरनाक कहते थे। लेकिन पल्लवी का साहस डर से कहीं ज़्यादा था। उसने तय किया कि वह इस रहस्य का पता लगाएगी, और देखेगी कि असली सच क्या है।

रात ढलते ही पल्लवी ने अपनी टॉर्च, बैग और कुछ जरूरी सामान लेकर जंगल की ओर कदम बढ़ाया। जैसे ही उसने जंगल की मिट्टी पर कदम रखा, उसे नमी और मिट्टी की खुशबू ने घेर लिया। हवा में अजीब सी ठंडक थी, और पेड़ों की सरसराहट सुनकर पल्लवी का दिल तेजी से धड़कने लगा।

जंगल में कदम रखते ही उसे अजीब-सी आवाजें सुनाई दीं – किसी के फुसफुसाने जैसी। "कौन है वहाँ?" उसने डरी हुई आवाज में पूछा। पर कोई जवाब नहीं आया। पल्लवी ने खुद को संभाला और आगे बढ़ती रही।
पेड़ इतने घने थे कि चाँद की रोशनी भी मुश्किल से ज़मीन तक पहुँच रही थी। हर कदम के साथ जंगल की अंधेरी छाया और भी घनी होती जा रही थी। पल्लवी ने सोचा, “क्या सच में लोग इस जंगल से लौटते हैं या ये सिर्फ डराने की कहानियाँ हैं?”

थोड़ी देर चलते ही उसने देखा कि जमीन पर कुछ चमक रहा है। उसने झुककर देखा – ये पुराना डिब्बा था, जिसमें धूल जमी हुई थी। पल्लवी ने डिब्बा उठाया और सावधानी से खोला। डिब्बे में एक नोट और एक अद्भुत कंगन रखा हुआ था। नोट पर लिखा था:
"जो भी यह कंगन पहनेगा, उसे जंगल के सारे राज़ पता चलेंगे। पर सावधान, हर राज़ का मूल्य है।"

जैसे ही पल्लवी ने कंगन को हाथ में लिया, हवा अचानक तेज हो गई। पेड़ हिलने लगे और पत्तों की सरसराहट बहुत जोर से सुनाई देने लगी। पल्लवी के कानों में जैसे कोई फुसफुसा रहा हो। उसे डर लगने लगा, लेकिन उसने अपने साहस को संभाला। उसने महसूस किया कि यह सिर्फ एक जंगल नहीं, बल्कि कुछ रहस्यमयी शक्तियों वाला स्थान है।

हर ओर अंधेरा था, और उसे यह समझ आया कि उसके कदमों की आवाज भी यहाँ गूँज रही थी। पल्लवी ने सोचा, “मैं डर कर भाग जाऊँ या इस रहस्य का सामना करूँ?”
उसने निर्णय लिया कि वह हिम्मत से आगे बढ़ेगी और इस जंगल के राज़ को जानने की कोशिश करेगी।

जंगल में चलती हुई पल्लवी ने देखा कि कुछ पेड़ों की छाया अजीब तरीके से हिल रही थी, जैसे कोई उसके पीछे चल रहा हो। उसने टॉर्च की रोशनी फैलाई और चारों ओर देखा। वहाँ कोई नहीं था, लेकिन हवा में कुछ फुसफुसाने जैसी आवाजें अभी भी थीं।

पल्लवी ने कंगन को हाथ में कस कर थामा और गहरी सांस ली। उसने ठान लिया कि चाहे जो भी हो, वह इस जंगल के रहस्यों को उजागर करेगी। यह सिर्फ उसकी पहली रात थी, लेकिन उसे पता था कि इस साहसिक यात्रा में बहुत कुछ देखने और सीखने को मिलेगा।

Ending / Hook:
क्या पल्लवी इस रहस्यमयी जंगल के राज़ को जान पाएगी?
क्या वह सुरक्षित अपने गाँव लौट पाएगी?
ये सब अगले अध्याय में खुलने वाला है…