Your innocence, my love in Hindi Short Stories by InkImagination books and stories PDF | तेरी मासूमियत, मेरा इकरार

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तेरी मासूमियत, मेरा इकरार

कहानी शीर्षक: 💖 "तेरी मासूमियत, मेरा इकरार"
लेखिका: InkImagination

प्रस्तावना : कभी-कभी प्यार एक मजबूरी से शुरू होता है, लेकिन दिल की गहराई में वह एक अनोखी मोहब्बत बन जाता है। यह कहानी है 18 साल की मासूम आयरा और 28 साल के गंभीर बिजनेसमैन विराज कपूर की, जो एक शादी की मजबूरी से शुरू होकर एक K-drama स्टाइल की रोमांटिक और भावनात्मक यात्रा में बदल गई। यह कहानी मातृभारती के पाठकों के लिए एकदम सच्ची और दिल को छूने वाली है, जहाँ प्यार हर दीवार को तोड़ देता है।

अध्याय 1: मासूमियत का आगाज
मुंबई की चमकती गलियों में आयरा, 18 साल की, अपने कॉलेज के पहले साल में थी। उसकी बड़ी-बड़ी आँखें, चंचल मुस्कान, और नखरे पूरे मोहल्ले को हंसाते थे। वह चॉकलेट चुराने, टेडी बियर से बातें करने, और दोस्तों के साथ शरारत करने वाली मासूम लड़की थी। घरवाले अक्सर उसे डांटते, “बड़ी हो गई है अब, जिम्मेदारी सीखो!” लेकिन आयरा की दुनिया अभी भी खिलौनों और सपनों से भरी थी।वहीं दूसरी ओर था विराज कपूर—28 साल का, मुंबई का मशहूर बिजनेसमैन, जिसकी संपत्ति और रुतबा उसे हर किसी से अलग करता था। उसका चेहरा सख्त, आँखों में गंभीरता, और जिंदगी में सिर्फ काम। वह अक्सर सोचता, “इमोशन के लिए वक्त नहीं, बस सौदे और सक्सेस मायने रखते हैं।” उसकी जिंदगी एक सीधी रेखा थी—ऑफिस, मीटिंग्स, और अकेली रातें।

अध्याय 2: पहली मुलाकात का टकराव
एक दिन, आयरा के परिवार ने उसकी शादी का रिश्ता विराज के घर भेजा। आयरा को जब यह पता चला, वह गुस्से से लाल हो गई। “मैं? इस गुस्सैल अंकल से शादी? कभी नहीं!” उसने अपनी माँ से कहा, और अपने दोस्तों के सामने उसकी नकल उतारी—“हम्म, मैं तो बहुत सीरियस हूँ, मेरे पास प्यार के लिए टाइम नहीं!”विराज भी उस मुलाकात में सख्त था। जब आयरा और उसके परिवार ने घर पर मुलाकात की, तो उसने ठंडे लहजे में कहा, “मुझे बचपना पसंद नहीं। शादी कोई बिजनेस डील नहीं होती।” आयरा ने उसे घूरा और चिल्लाई, “तो फिर मुझे क्यों बुलाया? मैं आपकी सेक्रेटरी थोड़े बनने आई हूँ!” दोनों की नजरें टकराईं, और रिश्ता वहीं खtm सा हो गया। परिवारों ने सोचा, यह जोड़ी कभी नहीं बनेगी।लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।

अध्याय 3: मजबूरी का रिश्ता
कुछ महीनों बाद, आयरा के पिता का छोटा सा बिजनेस डूबने लगा। कर्ज, बैंक का दबाव, और घर का खर्चा—सब कुछ उनके सिर पर था। उसी वक्त, विराज ने मदद का हाथ बढ़ाया। उसने आयरा के पिता से मुलाकात की और कहा, “मैं आपकी मदद कर सकता हूँ, लेकिन शर्त सिर्फ एक—आयरा मुझसे शादी करेगी। बाकी सब मैं संभाल लूँगा।”आयरा के पिता ने सोचा, यह उनके परिवार की आखिरी उम्मीद है। घर पर, आयरा को बुलाया गया। उसकी माँ ने आँसुओं के साथ समझाया, “बेटा, ये शादी सिर्फ तुम्हें और हमें बचाएगी।” आयरा रोने लगी, “मैं उसे पसंद नहीं करती, माँ! वह तो पत्थर का दिल है!” लेकिन परिवार के दबाव और मजबूरी ने उसे हामी भरने पर मजबूर कर दिया।शादी की रस्में शुरू हुईं—एक साधारण समारोह, जहाँ आयरा ने अपनी माँ की पुरानी साड़ी पहनी, लेकिन उसकी आँखों में उदासी थी। विराज ने उसे मंगलसूत्र पहनाया, और उसकी नजरें आयरा को देखती रहीं, लेकिन उसने चेहरा दूसरी ओर कर लिया।

अध्याय 4: मासूमियत का जादू
शादी के बाद, आयरा विराज की लग्जरी हवेली में आई। शुरू में, वह चुप रही, अपने कमरे में टेडी बियर से बातें करती, और विराज से दूर रहती। लेकिन धीरे-धीरे उसकी मासूमियत ने कमाल दिखाया।एक रात, आयरा किचन में चुपके से गई और मैगी बनाकर खाने लगी। विराज ने उसे पकड़ा और बोला, “ये क्या कर रही हो?” आयरा ने मासूमियत से कहा, “भूख लगी थी ना, तो सोचा मैगी बना लूँ!” विराज गुस्सा करने की कोशिश की, लेकिन उसकी हंसी निकल गई।दूसरे दिन, वह विराज के मीटिंग वाले फाइल्स पर “गुड लक मिस्टर हसबैंड” लिखकर छोड़ गई। विराज ने फाइल खोली, और उसकी सख्त मुस्कान पिघल गई। वह सोचने लगा, “ये लड़की मेरे दिल में जगह कैसे बना रही है?”एक सुबह, आयरा ने उसकी टाई सही की और बोली, “आपको हल्का रंग सूट करेगा, हमेशा काला-काला क्यों?” विराज ने उसे देखा और पहली बार मुस्कुराया, “तूने तो मेरी सारी गंभीरता उड़ा दी!”

अध्याय 5: प्यार का एहसास
एक दिन, आयरा बीमार पड़ गई—बुखार और कमजोरी ने उसे बिस्तर पर ला पटका। विराज ने पहली बार ऑफिस छोड़ा और पूरी रात उसके सिरहाने बैठा रहा। उसने उसका माथा पोछा, दवा दी, और उसकी हथेली थामे रहा। नींद में आयरा ने बुदबुदाया, “तुम गुस्सैल हो, पर मुझे अच्छे लगते हो…”विराज का दिल धड़क उठा। उसने उसकी हथेली को अपने सीने से लगाया और सोचा, “ये मासूमियत मेरे लिए खतरा बन गई है।” अगली सुबह, जब आयरा की आँख खुली, उसने देखा कि विराज अभी भी वहीं है। उसने शरमाते हुए कहा, “आप यहाँ क्यों?”
विराज ने उसका हाथ थामा और बोला, “क्योंकि अब तुम मेरी जिम्मेदारी हो, आयरा… और शायद कुछ ज्यादा भी।”

अध्याय 6: इकरार का पल
कुछ दिन बाद, आयरा रूठ गई। उसने विराज से बात करना बंद कर दिया और अपने कमरे में बंद हो गई। विराज परेशान हो गया। आखिरकार, वह उसके कमरे में गया और बोला, “क्या हुआ, आयरा? तुम मुझसे नाराज क्यों हो?”आयरा ने मुंह फुलाकर कहा, “तुम्हें मेरी परवाह ही नहीं! हमेशा ऑफिस, ऑफिस!” विराज ने उसे बाँहों में खींच लिया—एकदम K-drama स्टाइल में! उसने उसकी आँखों में देखा और कहा, “परवाह? आयरा… अब मेरी हर साँस तुमसे जुड़ी है। तुम्हारी मासूमियत ने मेरे पत्थर दिल को इंसान बना दिया। ये शादी मजबूरी थी… लेकिन अब ये मेरी सबसे बड़ी मोहब्बत है।”आयरा की आँखों से आँसू गिरे, लेकिन उसके होंठों पर हल्की हंसी थी। उसने विराज की छाती पर हाथ रखा और बोली, “तो फिर… आई लव यू मिस्टर बिजनेसमैन।” विराज ने उसे और कसकर बाँहों में लिया, और उसकी आँखों में प्यार की चमक थी।

अध्याय 7: रोमांस की रात
उस रात, हवेली की छत पर चाँदनी चमक रही थी। विराज ने आयरा को अपने साथ खींचा और बोला, “तुम मेरी जिंदगी हो, आयरा… मैं तुम्हें कभी दुखी नहीं होने दूँगा।” उसने उसका हाथ थामा, और वे धीरे-धीरे नाचने लगे—चाँद के नीचे, बारिश की हल्की फुहारों में।आयरा ने उसकी आँखों में देखा और फुसफुसाया, “आप मेरी दुनिया हो, विराज…” विराज ने उसके गालों को छुआ, और उनके होंठ मिले—एक कोमल, जुनूनी चुंबन, जो उनकी मोहब्बत को मुकम्मल कर गया। बारिश की बूंदें उनके चेहरों पर गिर रही थीं, और आयरा ने उसकी छाती से सिर टिका लिया। “हमेशा साथ रहना,” उसने कहा।
“हमेशा,” विराज ने जवाब दिया, उसे और प्यार से बाँहों में भरते हुए।

✨ अंतिम पंक्तियाँ
“मासूमियत और गंभीरता का यह मिलन,
एक मजबूरी से शुरू हुआ, लेकिन प्यार में बदल गया।
आयरा और विराज की कहानी यही साबित करती है—
दिल का इकरार हर फासले को मिटा देता है।”

🌟 पाठकों के लिए संदेश
प्रिय पाठकों, "तेरी मासूमियत, मेरा इकरार" आयरा और विराज की एक ऐसी प्रेम कहानी है, जो आपके दिल को छू जाएगी और K-drama वाली रोमांटिक फीलिंग देगी। अगर आपको यह पसंद आई, तो कृपया मुझे फॉलो करें और अपने विचार कमेंट में साझा करें। आपका हर प्यार और समर्थन मेरी लेखनी को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। मेरी अन्य कहानियाँ भी पढ़ें, और मुझे बताएँ कि आपको क्या अच्छा लगा—आपके शब्द मेरे लिए प्रेरणा हैं! ❤️

InkImagination

समाप्त।

Thankyou 🥰🥰 ...