आकाश
में रेडी हो रहा था पार्टी के लिए तभी किसीने मेरे रूम का दरवाजा खटखटाया। "कम इन।" मेने कहा।
जैसे ही मैने देखा श्रेया वहां खड़ी थी। इस पिंक साड़ी में वो बहुत खूबसूरत लग रही है। नो नो नो नो... आई कांट लूझ। तू गुस्सा है उससे। आकाश कम ऑन। श्रेया जब गुर के मुझे देख रही थी तभी मुझे समझ आया कि मैंने शर्ट तो पहनी ही नहीं है। में पैन्ट ही पहन के गुम रहा हु। जल्दी से मेने अपने कपड़े उठाए और पहनने लगा।
"मुझे लगा कोई मुझे बुलाने आया होगा। सोचा नहीं था कि तुम होगी। ऐसा लगा कि मोम, रॉनित या कावू में से कोई होगा।" में सिचुएशन कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था।
"आकाश मुझे तुमसे बात करनी है।" उसने कहा।
"श्री.. कुछ बाकी है क्या अभी भी? मुझे उस दिन की सारी बाते अच्छे से याद है। आई डोंट थिंक सो की तुम्हारी तरफ से कुछ बाकी था।" हा मेने उसे ताना दिया। उसके चेहरे से ही लग रहा है, उसे कितना बुरा लगा। आई एम सोरी श्री, बट जब तक तुम मुझे बताओगी नहीं तो पता कैसे चलेगा।
"आकाश प्लीज।" और यहा में पिघल गया।
"में सुन रहा हु।" था में गुस्सा।
"में तुम्हे हर्ट नहीं करना चाहती थी।" वह थोड़ा नजदीक आई। "में इतने सालों से तुम्हे ढूंढने की कोशिश कर रही थी। कॉलेज में... और फिर मेरे पैरेंट्स ने मेरी एंगेजमेंट करवा दी। अब मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं है। इस बार मेने उनकी बात नहीं मानी तो..."
मुझे पता है तुम बहुत परेशान हो। "तो क्या श्रेया? तुम ऐसे ही रहोगी। बिना प्यार के रिश्ते में। तुम उस लड़के से प्यार नहीं करती यह बात में अच्छे से जनता हु तो एट लिस्ट मुझसे तो झूठ मत बोलो। ऐसा क्या रीजन है जो तुम मुझे कुछ नहीं बता रही। जान प्लीज।" मेने अपने हाथ उसके मुलायम गालों पर रखे। "श्री प्लीज। जस्ट टेल मि, तुम्हें क्या बोधर कर रहा है। प्रोमिस, में सब ठीक कर दूंगा।"
"जिस दिन तुम चले गए। हमारी एग्जाम के बाद, मेरे भाई को अपने दोस्तो से कुछ पता चल था। मुझे आज तक नहीं पता। पर उन्हें ऐसा लगा कि मेने... आई मीन....।" श्रेया मुझे बताने से भी गबरा रही थी। "उन्हें लगा मेने तुम्हारे साथ... उन्हें लगा कि मेने कुछ गलत किया है। उन्होंने मुझे बहुत मारा था। घर में बंद कर दिया था।" मुझे समाज नहीं आ रहा था कुछ। मेने नहीं सोचा था कि श्रेया इतने ard से गुजरी होगी। "मेने बहुत मुश्किल से पापा को मनाया था... एडमिशन के लिए। उन्होंने मुझे कभी वापिस नहीं आने दिया। मेने अपनी एजुकेशन वही खत्म की है। छोटे से शहर में। अभी मुश्किल से पापा को मना के मुंबई आई हु वापिस। उन्हें पता चला तो मुझे वापिस ले जाएंगे।"
श्रेया बस रोए जा रही थी। मुझसे उसके आंसू बर्दाश नहीं हो रहे थे। अचानक वो घिरने ही वाली थी कि मेने उसे पकड़ लिया। और जमीन पे बैठ गया। उसने मुझे कसके पकड़ा था और वह रो रही थी। अब तक मुझे इतना तो समाज आ गया कि श्रेया अपने अंदर बहुत कुछ छुपा के बैठी है। वह मुझे कुछ नहीं बता रही। मेरे जाने के बाद कुछ तो बहुत बुरा हुआ था। मुझे पता लगाना पड़ेगा।
"श्री, मेरी तरफ देखो।" उसने अपने आंखे खोले और मेरी तरफ देखा। मेरी एंजेल। "तुम टेंशन मत लो। में सब ठीक कर दूंगा। तुम्हारी फैमिली को भी मना लूंगा। कोई तुम्हे शादी के लिए फोर्स नहीं करेगा। और नाही तुम्हे अपनी पसंद की चीज़ें करने से रोकेगा। ह्म्म।"
"नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं..। तुम कुछ नहीं करोगे। तुम उनके सामने भी नहीं आओगे। तुम्हे मेरी कसम। प्रोमिस मि।" उसने अपना हाथ आगे बढाते हुए कहा।
मुझे हिचकिचाता देख वह फिर से बोली, लेकिन इस बार जिद्द करते हुए। "आकाश... प्रोमिस करो तुम किसके सामने नहीं जाओगे। में तुम्हे फिरसे खोना नहीं चाहती हु। में तुम्हे दूर से देखके ही हैप्पी हु।" माय श्री इस ब्रोकन। मुझे अब उसकी लाइफ को वापिस पहले कि तरह करना होगा।
"आई प्रोमिस, में ऐसा कोई काम नहीं करुंगा जिससे तुम्हे तकलीफ हो।" ऑफ कॉर्स में उसे पूरी बात नहीं बताऊंगा। – लेकिन किसीको छोडूंगा भी नहीं। आई प्रोमिस यू धाट की तुम्हारी लाइट पहले कि तरह परफेक्ट कर दूंगा। जिसने तुम्हे हर्ट किया है.. उन सबको अपनी गलती की कीमत चुकानी पड़ेगी। यह मेरा खुद से वादा है। आई किस्स्ड हर फॉरहेड।
"मुझे जाने दो। में अपना मेकअप ठीक करके नीचे जाती हु। सब आ गए है। सरस्वती आंटी मुझे ढूंढ रही होगी।" इतना कहके वो वॉशरूम चली गई। उसके आने से पहले में रेडी था। अपने ट्रेडिशनल अटायर में। जो उसके सफेद रंग में था। आज हमारी फैमिली वाइट गोल्डन थीम में है। श्रेया आके आइने के सामने जाके खड़ीं हो गई और अपने कपड़े और मेक अप ठीक करने लगी।
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Continues in the next episode.....
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