hindi Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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खुलासा By Deepak sharma

                 “मां ने बैंंक में अपना खाता कब खोला?” मां की स्मृतियों में से एक नई कड़ी मैं ने खोलनी चाही। उनकी मृत्यु के...

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नेता जी By Rajeev kumar

उन्होंने वाणी को विराम देना ही आवश्यक समझा। उन्होंने अपने ही जवाब से कई सवाल खड़े कर दिए थे। अपनी मानसिकता छुपाने के चक्कर में छुपी हुई मानसिकता को उन्होंने उजागर कर दिया था। विकास...

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अभी भी कहीं ज़िंदा है ज़मीर By Rakesh Kaul

अभी भी कहीं ज़िंदा है ज़मीर आज जब मैं पीछे मुड़ कर देखती हूँ तो यक़ीन ही नहीं होता कि मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार की वही मासूम सी छोटी लड़की गोमती हूँ जो कभी अकेले बाज़ार जाने से भी हिचकिच...

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वो दोस्त… जो याद बन गया By Angel

शुरू करने से पहले एक शेर याद आता है।ऐसे रिश्तों के लिए, जिनकी कोई परिभाषा नहीं होती—Gulzar“दिल में कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं,जिनका नाम नहीं होता…पर एहसास उनकी मौजूदगी काहर वक्त हो...

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चकरी गिरह By Deepak sharma

                   “आप को प्रिंसीपल साहिबा ने याद किया है,मैडम,” कस्बापुर के राजकीय  महिला डिग्री कालेज का एक चपर...

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और एक प्रयास By Rajeev kumar

’’ हालात से समझौता सभी करते हैं, मगर पापा, मैं हालात से कुछ वर्ष और लड़ना चाहता हूं, जुझना चाहता हूं मुश्किलों से। हमको मालूम है कि आप जो भी कह रहे हैं अपने अनुभव के आधार पर ही कह र...

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चाचा एन.आर.आई. By Makvana Bhavek

अहमदाबाद की एक तंग लेकिन जिंदादिल गली में शाम ढल रही थी। नुक्कड़ की चाय की दुकान पर भाप से ज्यादा अफवाहें उड़ रही थीं। प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठा गौरव पटेल अपनी किस्मत को कोस रहा...

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नियति (नसीब) :एक सत्य घटना पर आधारित By pink lotus

    ​लोग कहते हैं नसीब खराब है... पर सच तो कुछ और ही है।​हम सब कहते हैं कि "मेरा नसीब खराब है," "मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है?" लेकिन रियलिटी पता है क्या है? नियति (Destiny) तुम्ह...

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ऐसे बूढ़े बैल को कौन बांध भुस देत By Devendra Kumar

ऐसे बूढ़े बैल को कौन बांध भुस दे उपरोक्त देशी कहावत मैंने दो अवसरों पर सुनी थी, दोनों अलग सन्दर्भ थे अलग अलग तरह लोगों के मुंह से इसे सुना था. पहली बार तो कहावत बूढ़े गौ पुत्र वृषभ क...

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निशानी By कमल चोपड़ा

​निशानी                                    कमल चोपड़ा     ​सात आठ दिन ऊपर हो गये थे। वह माँ बनने वाली है जब वह यह खबर अपने पति को देगी तो वह भी खुशी से झूम उठेगा। लेकिन यह 'गुड...

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कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 By Std Maurya

लेखक -एसटीडी मौर्य कटनी मध्य प्रदेश मोबाईल न. 7648959825यह कहानी पूर्ण रूप से सत्य है। इसमें कोई काल्पनिक बातें नहीं हैं, बल्कि इसे सच्चाई के रंगों से सजाया गया है। यह घटना आज से ल...

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वो कौन थी By S Sinha

                                                                               वो कौन थी       तपन घोष  और मैंने एक साथ एक जहाज कंपनी में नौकरी ज्वाइन किया था  . दोनों ने  कंपनी के...

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राजा दाहिर सेन - सिंध की धरती का अंतिम हिंदू सम्राट By Chintansinh Jadav

राजा दाहिर सेन – सिंध की धरती का अंतिम हिंदू सम्राटभारत के इतिहास में कई ऐसे वीर योद्धा हुए हैं जिनकी गाथाएँ समय के साथ धुंधली पड़ गईं। उन्हीं में से एक थे राजा दाहिर — सिंध प्रदेश...

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ऐसे ही क्यों होता हैं? - 2 By Std Maurya

लेखक -एसटीडी मौर्य दूरभाष -917648959825  2 मार्च 2026यह कुछ ही दिन पुरानी बात है। मैं अक्सर सोशल मीडिया पर दो-चार लाइनें लिखकर पोस्ट किया करता हूँ, जो लोगों को काफी पसंद आती हैं। ए...

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उल्टाआप By कमल चोपड़ा

                            उल्टा आप                          कमल चोपड़ा  ​                 लड़की को मास्टर जी के घर से निकलते देखकर देखने वालों की आँखों से आग की लपटें निकलने लगी थ...

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मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 By Std Maurya

भाग -1. लेखक -एसटीडी मौर्य कटनी मध्य प्रदेश भारत मोबाईल न. 7648959825 हमारा समाज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ रूढ़िवादिता और अंधविश्वास का खौफ इस कदर फैल गया है कि लोग इससे बाहर...

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एक सपना क्या हो पाएगा अपना? By Rishav raj

उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव सीतामढ़ी के पास बसे एक साधारण से गाँव में एक लड़का रहता था — उसका नाम था आरव। गाँव बहुत छोटा था, कच्ची सड़कें, मिट्टी के घर, और चारों तरफ खेत। वहाँ के...

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खुदकुशी By कमल चोपड़ा

खुदकुशी                      कमल चोपड़ा        ​रातभर तेज़ आंधी के साथ बरसात और ओले उन दोनों के दिलो-दिमाग पर हथगोलों की तरह गिर रहे थे। रह-रहकर सतवंत सिंह खेत पर जाने के लिये उठ ख...

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मैं हो रहा हूॅं By kunal kumar

कहते है जीवित बचे रहना बहुत बड़ी बात है पर कोई ये नहीं जानता उसकी भी एक कीमत है।___________________________“तू फिर उसी पेड़ के पास बैठा है?” माँ ने पूछा। लड़का मुस्कुराया नहीं।बस धी...

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लिव-इन By कमल चोपड़ा

लिव-इन                           कमल चोपड़ा                                ​अरुण उसे रास्ते में अचानक मिल गया था। पहले वह एक ऑफिस में उसके साथ ही काम करता था। इधर-उधर की बातों के ब...

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एक डिवोर्स ऐसा भी - 3 By Alka Aggarwal

(जब बेटी ने प्यार को समझा)समय बीत गया।आर्या अब 22 साल की हो चुकी थी।कॉलेज खत्म हो गया था।और वह बिल्कुल अपनी माँ की तरह दिल से जीने वाली लड़की बन चुकी थी।नैना उसे देखती तो मुस्कुरात...

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चंगुल By कमल चोपड़ा

चंगुल                            कमल चोपड़ा                        ​लड़की का चेहरा नहीं दिखाया गया था। धुंधले अक्स और आवाज़ के ज़रिए ही माँ-बाबूजी ने पहचान लिया था। उन्होंने कभी सो...

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मेढ़ By kunal kumar

डर स्वेच्छा से बनाया हुआ वो धागा है जो हमेंशर्म और झिझक से बाँधता है।मुझे गाँव पसंद है पर मैं डरता हूँ उनकी सोच से,रीति-रिवाज से, कुंठित विचार से।हालाँकि गाँव में डर हवा की तरह नही...

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शान्ति शान्ति By कमल चोपड़ा

                            ​शान्ति शान्ति                                                        कमल चोपड़ा                      ​                             उसके नुचे हुए पंख, घ...

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रंगीन यादें By Radhika

होली! एक ऐसा त्यौहार जो रंगों की छटा से सबकी बेरंग दुनिया को रंगीन बना देती। यह एक ऐसा त्यौहार है जो नई शुरुआत का संदेश देता है। इस समय सारे दुश्मन भी एक हो जाते हैं और "बुरा न मान...

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जबरदस्ती गले पड़ना By Rajeev kumar

कितनी भी व्यस्तता हो, चाहे सांस लेने की फूरसत भी न मिले, मगर थोड़ी सी मानसिक फुरसत मिलने पर भला किसका मन एकबारगी अपने बचपन को याद करने में नहीं जाता होगा। और तब जब बचपन को कोई साथी...

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मंडी में रामदीन By कमल चोपड़ा

​मंडी में रामदीन                            कमल चोपड़ा                                ​गाड़ी में तरबूज भरे हुए थे। माल देखकर शामलाल दलाल छलांग मारकर गाड़ी से नीचे उतरा। रामदीन से ब...

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बिना अलविदा के By InkImagination

बिना अलविदा केकभी-कभी जिंदगी में वो पल आते हैं, जब आप फोन पर स्क्रॉल कर रहे होते हैं, और अचानक एक मैसेज आता है। वो मैसेज जो बस एक सिम्पल "हाय" होता है, लेकिन आपकी पूरी शाम बदल देता...

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बदलाव By Rajeev kumar

बदलाव ’’ क्या बनेगी मुनिया, किसी की दुल्हन? क्या करेगी मुनिया, किसी के घर का चैका-बरतन? ’’ मुनिया जब भी पढ़ने के लिए बैठती तो उसकी दादी व्यंग्य वाण चलाते हुए कहती। मुनिया अपनी किताब...

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चीनू की मौत By manshi

चीनू एक भोली भाली लड़की है। वह आठवीं कक्षा की छात्रा है। कुछ ही दिनों पहले उसके पिता का स्थानांतरण हुआ था। जिसकी वजह से वे गाँव से शहर आए थे। चीनू का असली नाम चाँदनी है, लोग उसे प्...

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स्वर्णा By Pallavi

बारिश की बूँदें स्टेशन की पुरानी छत से टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लगी पीली लाइटें गीली ज़मीन पर अजीब सी चमक पैदा कर रही थीं। हवा में ठंडक थी, और भीड़ में भी एक अजीब सा सन्नाटा। इसी...

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सिंगापुर में फांसी By Devendra Kumar

मेरी बेटी अपर्णा सिंगापुर में कोई बीस वर्ष से रह रही है अतः यहाँ हर वर्ष आना होता रहता है, मेरे देखते देखते यह सुन्दर से और सुन्दर होता जा रहा है. पहले तो हम जानते थे कि इतनी हरिया...

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सुरक्षा-छत्र By Rinki Singh

गर्मी की दोपहर पूरे उन्माद पर थी। बाज़ार की चहल-पहल धीमी पड़ चुकी थी। श्यामा अपनी कपड़ों की दुकान के काउंटर पर बैठी थी। सामने शीशे के पार सड़क पर धूप बिखरी थी, पर उसके भीतर जैसे बर...

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अमरूद का पेड़ By Adarsh Pal Adarsh

‎घनश्याम त्रिपाठी का जीवन हर सुख से पूर्ण था। आज्ञाकारी बच्चे और पत्नी भी मृदुभाषिणी थी। धन-सम्पदा में भी कोई कमी न थी। 50 बीघे खेत, बड़ा घर व बाज़ार में कई दुकानें चलती थीं। लेकिन...

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सूरज की किरण: माँ का अहसास By kajal jha

माँ की आखिरी चिट्ठी: एक अमर बलिदानगाँव की वह पुरानी हवेलीनुमा घर, जिसकी दीवारों से चूना झड़ रहा था, आज अजीब सी खामोशी ओढ़े हुए थी। बाहर सावन की झड़ी लगी थी। बादलों की गर्जना और खिड़की...

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नीलू और नीला तारा By Makvana Bhavek

  धनपुर की सुबह : धनपुर की सुबह धूल और आदतों से बनी होती है। सूरज निकलने से पहले ही गलियों में झाड़ू की सरसराहट, चूल्हों की खटखट और अधखुली नींद की खाँसी तैरने लगती है। नीलू इन्हीं...

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Hug Day By Devang Kori

Hi दोस्तों,आज Hug Day है… तो एक किस्सा share करना चाहता हूं...College के 2 साल हम साथ गुज़रे। दोस्त थे, बातें होती थीं, हंसी-मज़ाक होता था। पर वो extrovert थी — full-on energy, सब...

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एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान By Dr Sandip Awasthi

आलोचना : एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान :  आत्मकथा: पानी केरा बुदबुदा  __________________________आत्मकथाएं कुछ बुरी होती हैं,कुछ काल्पनिक उपन्यास सी,कुछ झूठ...

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दुहाई- तिहाई By Deepak sharma

                  “धर्मवीर,” अपनी अर्द्धचेतना में जाई मुझे ठीक पहचान न पाईं। समझीं, मैं यशवीर नहीं हूं। धर्मवीर हूं।  ...

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अधूरे सपने By Unknown writer

यह कहानी एक चिड़िया की है।एक छोटी-सी, नन्ही-सी और बहुत ही प्यारी चिड़िया।पूरे जंगल में उससे अधिक सुंदर चिड़िया न किसी ने कभी देखी थी और न ही उसके बारे में सुना था। उसकी आँखों में च...

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अधूरापन By Anup Anand

1बरसात की वह शाम न तो बहुत ख़ुशनुमा थी, न ही बहुत उदास।बस एक अजीब-सी चुप्पी थी—जैसे आसमान कुछ कहना चाहता हो, लेकिन शब्द नहीं मिल रहे हों।नीरज बरामदे में खड़ा था। सामने सड़क पर पानी...

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नेहरू फाइल्स - भूल-121 By Rachel Abraham

भूल-121 डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के प्रति दुर्व्यवहार डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी (1901-1953) सर आशुतोष मुखर्जी (1864-1924) के पुत्र थे, जो ‘बंगलार बाघ’ या ‘टाइगर अ‍ॉफ बंगाल’ के नाम...

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बिश्नोई धर्म पर आधारित कहानी - बिश्नोई धर्म By Prithvi Nokwal

बिश्नोई जीवन का एक अनमोल रत्न है, जहाँ हर साँस प्रकृति के साथ ताल मिलाती है। यह कहानी राजस्थान के थार मरुस्थल की रेत में बसी एक छोटी-सी बस्ती से शुरू होती है, जहाँ बिश्नोई धर्म के...

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लिव इन का रिश्ता। By Jeetendra

"चाय में चीनी कम है, या शायद आज मेरा ही मूड ठीक नहीं," माधव ने खिड़की के बाहर उड़ते कबूतरों को देखते हुए कहा।प्रेरणा ने बालकनी की रेलिंग पर रखे अपने मग को देखा, फिर माधव को। "चाय त...

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गहराइयों में तुम By Ashin Rishi

शीर्षक: “गहराइयों में तुम”                                                                          कभी-कभी प्यार सतह पर नहीं, दिल की सबसे गहरी परतों में मिलता है…      दिल्ली की

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नारद जी और धर्म राज युधिष्ठिर का संवाद By Prithvi Nokwal

इन्द्रप्रस्थ की सभा उस दिन विशेष रूप से सजी हुई थी। राजसूय यज्ञ के बाद पांडवों का यश चारों दिशाओं में फैल चुका था। राजमहल के प्रांगण में सुवर्ण स्तंभ चमक रहे थे, सुगंधित धूप की महक...

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खुलासा By Deepak sharma

                 “मां ने बैंंक में अपना खाता कब खोला?” मां की स्मृतियों में से एक नई कड़ी मैं ने खोलनी चाही। उनकी मृत्यु के...

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नेता जी By Rajeev kumar

उन्होंने वाणी को विराम देना ही आवश्यक समझा। उन्होंने अपने ही जवाब से कई सवाल खड़े कर दिए थे। अपनी मानसिकता छुपाने के चक्कर में छुपी हुई मानसिकता को उन्होंने उजागर कर दिया था। विकास...

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अभी भी कहीं ज़िंदा है ज़मीर By Rakesh Kaul

अभी भी कहीं ज़िंदा है ज़मीर आज जब मैं पीछे मुड़ कर देखती हूँ तो यक़ीन ही नहीं होता कि मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार की वही मासूम सी छोटी लड़की गोमती हूँ जो कभी अकेले बाज़ार जाने से भी हिचकिच...

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वो दोस्त… जो याद बन गया By Angel

शुरू करने से पहले एक शेर याद आता है।ऐसे रिश्तों के लिए, जिनकी कोई परिभाषा नहीं होती—Gulzar“दिल में कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं,जिनका नाम नहीं होता…पर एहसास उनकी मौजूदगी काहर वक्त हो...

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चकरी गिरह By Deepak sharma

                   “आप को प्रिंसीपल साहिबा ने याद किया है,मैडम,” कस्बापुर के राजकीय  महिला डिग्री कालेज का एक चपर...

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और एक प्रयास By Rajeev kumar

’’ हालात से समझौता सभी करते हैं, मगर पापा, मैं हालात से कुछ वर्ष और लड़ना चाहता हूं, जुझना चाहता हूं मुश्किलों से। हमको मालूम है कि आप जो भी कह रहे हैं अपने अनुभव के आधार पर ही कह र...

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चाचा एन.आर.आई. By Makvana Bhavek

अहमदाबाद की एक तंग लेकिन जिंदादिल गली में शाम ढल रही थी। नुक्कड़ की चाय की दुकान पर भाप से ज्यादा अफवाहें उड़ रही थीं। प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठा गौरव पटेल अपनी किस्मत को कोस रहा...

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नियति (नसीब) :एक सत्य घटना पर आधारित By pink lotus

    ​लोग कहते हैं नसीब खराब है... पर सच तो कुछ और ही है।​हम सब कहते हैं कि "मेरा नसीब खराब है," "मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है?" लेकिन रियलिटी पता है क्या है? नियति (Destiny) तुम्ह...

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ऐसे बूढ़े बैल को कौन बांध भुस देत By Devendra Kumar

ऐसे बूढ़े बैल को कौन बांध भुस दे उपरोक्त देशी कहावत मैंने दो अवसरों पर सुनी थी, दोनों अलग सन्दर्भ थे अलग अलग तरह लोगों के मुंह से इसे सुना था. पहली बार तो कहावत बूढ़े गौ पुत्र वृषभ क...

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निशानी By कमल चोपड़ा

​निशानी                                    कमल चोपड़ा     ​सात आठ दिन ऊपर हो गये थे। वह माँ बनने वाली है जब वह यह खबर अपने पति को देगी तो वह भी खुशी से झूम उठेगा। लेकिन यह 'गुड...

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कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 By Std Maurya

लेखक -एसटीडी मौर्य कटनी मध्य प्रदेश मोबाईल न. 7648959825यह कहानी पूर्ण रूप से सत्य है। इसमें कोई काल्पनिक बातें नहीं हैं, बल्कि इसे सच्चाई के रंगों से सजाया गया है। यह घटना आज से ल...

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वो कौन थी By S Sinha

                                                                               वो कौन थी       तपन घोष  और मैंने एक साथ एक जहाज कंपनी में नौकरी ज्वाइन किया था  . दोनों ने  कंपनी के...

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राजा दाहिर सेन - सिंध की धरती का अंतिम हिंदू सम्राट By Chintansinh Jadav

राजा दाहिर सेन – सिंध की धरती का अंतिम हिंदू सम्राटभारत के इतिहास में कई ऐसे वीर योद्धा हुए हैं जिनकी गाथाएँ समय के साथ धुंधली पड़ गईं। उन्हीं में से एक थे राजा दाहिर — सिंध प्रदेश...

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ऐसे ही क्यों होता हैं? - 2 By Std Maurya

लेखक -एसटीडी मौर्य दूरभाष -917648959825  2 मार्च 2026यह कुछ ही दिन पुरानी बात है। मैं अक्सर सोशल मीडिया पर दो-चार लाइनें लिखकर पोस्ट किया करता हूँ, जो लोगों को काफी पसंद आती हैं। ए...

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उल्टाआप By कमल चोपड़ा

                            उल्टा आप                          कमल चोपड़ा  ​                 लड़की को मास्टर जी के घर से निकलते देखकर देखने वालों की आँखों से आग की लपटें निकलने लगी थ...

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मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 By Std Maurya

भाग -1. लेखक -एसटीडी मौर्य कटनी मध्य प्रदेश भारत मोबाईल न. 7648959825 हमारा समाज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ रूढ़िवादिता और अंधविश्वास का खौफ इस कदर फैल गया है कि लोग इससे बाहर...

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एक सपना क्या हो पाएगा अपना? By Rishav raj

उत्तर भारत के एक छोटे से गाँव सीतामढ़ी के पास बसे एक साधारण से गाँव में एक लड़का रहता था — उसका नाम था आरव। गाँव बहुत छोटा था, कच्ची सड़कें, मिट्टी के घर, और चारों तरफ खेत। वहाँ के...

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खुदकुशी By कमल चोपड़ा

खुदकुशी                      कमल चोपड़ा        ​रातभर तेज़ आंधी के साथ बरसात और ओले उन दोनों के दिलो-दिमाग पर हथगोलों की तरह गिर रहे थे। रह-रहकर सतवंत सिंह खेत पर जाने के लिये उठ ख...

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मैं हो रहा हूॅं By kunal kumar

कहते है जीवित बचे रहना बहुत बड़ी बात है पर कोई ये नहीं जानता उसकी भी एक कीमत है।___________________________“तू फिर उसी पेड़ के पास बैठा है?” माँ ने पूछा। लड़का मुस्कुराया नहीं।बस धी...

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लिव-इन By कमल चोपड़ा

लिव-इन                           कमल चोपड़ा                                ​अरुण उसे रास्ते में अचानक मिल गया था। पहले वह एक ऑफिस में उसके साथ ही काम करता था। इधर-उधर की बातों के ब...

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एक डिवोर्स ऐसा भी - 3 By Alka Aggarwal

(जब बेटी ने प्यार को समझा)समय बीत गया।आर्या अब 22 साल की हो चुकी थी।कॉलेज खत्म हो गया था।और वह बिल्कुल अपनी माँ की तरह दिल से जीने वाली लड़की बन चुकी थी।नैना उसे देखती तो मुस्कुरात...

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चंगुल By कमल चोपड़ा

चंगुल                            कमल चोपड़ा                        ​लड़की का चेहरा नहीं दिखाया गया था। धुंधले अक्स और आवाज़ के ज़रिए ही माँ-बाबूजी ने पहचान लिया था। उन्होंने कभी सो...

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मेढ़ By kunal kumar

डर स्वेच्छा से बनाया हुआ वो धागा है जो हमेंशर्म और झिझक से बाँधता है।मुझे गाँव पसंद है पर मैं डरता हूँ उनकी सोच से,रीति-रिवाज से, कुंठित विचार से।हालाँकि गाँव में डर हवा की तरह नही...

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शान्ति शान्ति By कमल चोपड़ा

                            ​शान्ति शान्ति                                                        कमल चोपड़ा                      ​                             उसके नुचे हुए पंख, घ...

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रंगीन यादें By Radhika

होली! एक ऐसा त्यौहार जो रंगों की छटा से सबकी बेरंग दुनिया को रंगीन बना देती। यह एक ऐसा त्यौहार है जो नई शुरुआत का संदेश देता है। इस समय सारे दुश्मन भी एक हो जाते हैं और "बुरा न मान...

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जबरदस्ती गले पड़ना By Rajeev kumar

कितनी भी व्यस्तता हो, चाहे सांस लेने की फूरसत भी न मिले, मगर थोड़ी सी मानसिक फुरसत मिलने पर भला किसका मन एकबारगी अपने बचपन को याद करने में नहीं जाता होगा। और तब जब बचपन को कोई साथी...

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मंडी में रामदीन By कमल चोपड़ा

​मंडी में रामदीन                            कमल चोपड़ा                                ​गाड़ी में तरबूज भरे हुए थे। माल देखकर शामलाल दलाल छलांग मारकर गाड़ी से नीचे उतरा। रामदीन से ब...

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बिना अलविदा के By InkImagination

बिना अलविदा केकभी-कभी जिंदगी में वो पल आते हैं, जब आप फोन पर स्क्रॉल कर रहे होते हैं, और अचानक एक मैसेज आता है। वो मैसेज जो बस एक सिम्पल "हाय" होता है, लेकिन आपकी पूरी शाम बदल देता...

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बदलाव By Rajeev kumar

बदलाव ’’ क्या बनेगी मुनिया, किसी की दुल्हन? क्या करेगी मुनिया, किसी के घर का चैका-बरतन? ’’ मुनिया जब भी पढ़ने के लिए बैठती तो उसकी दादी व्यंग्य वाण चलाते हुए कहती। मुनिया अपनी किताब...

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चीनू की मौत By manshi

चीनू एक भोली भाली लड़की है। वह आठवीं कक्षा की छात्रा है। कुछ ही दिनों पहले उसके पिता का स्थानांतरण हुआ था। जिसकी वजह से वे गाँव से शहर आए थे। चीनू का असली नाम चाँदनी है, लोग उसे प्...

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स्वर्णा By Pallavi

बारिश की बूँदें स्टेशन की पुरानी छत से टपक रही थीं। प्लेटफॉर्म पर लगी पीली लाइटें गीली ज़मीन पर अजीब सी चमक पैदा कर रही थीं। हवा में ठंडक थी, और भीड़ में भी एक अजीब सा सन्नाटा। इसी...

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सिंगापुर में फांसी By Devendra Kumar

मेरी बेटी अपर्णा सिंगापुर में कोई बीस वर्ष से रह रही है अतः यहाँ हर वर्ष आना होता रहता है, मेरे देखते देखते यह सुन्दर से और सुन्दर होता जा रहा है. पहले तो हम जानते थे कि इतनी हरिया...

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सुरक्षा-छत्र By Rinki Singh

गर्मी की दोपहर पूरे उन्माद पर थी। बाज़ार की चहल-पहल धीमी पड़ चुकी थी। श्यामा अपनी कपड़ों की दुकान के काउंटर पर बैठी थी। सामने शीशे के पार सड़क पर धूप बिखरी थी, पर उसके भीतर जैसे बर...

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अमरूद का पेड़ By Adarsh Pal Adarsh

‎घनश्याम त्रिपाठी का जीवन हर सुख से पूर्ण था। आज्ञाकारी बच्चे और पत्नी भी मृदुभाषिणी थी। धन-सम्पदा में भी कोई कमी न थी। 50 बीघे खेत, बड़ा घर व बाज़ार में कई दुकानें चलती थीं। लेकिन...

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सूरज की किरण: माँ का अहसास By kajal jha

माँ की आखिरी चिट्ठी: एक अमर बलिदानगाँव की वह पुरानी हवेलीनुमा घर, जिसकी दीवारों से चूना झड़ रहा था, आज अजीब सी खामोशी ओढ़े हुए थी। बाहर सावन की झड़ी लगी थी। बादलों की गर्जना और खिड़की...

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नीलू और नीला तारा By Makvana Bhavek

  धनपुर की सुबह : धनपुर की सुबह धूल और आदतों से बनी होती है। सूरज निकलने से पहले ही गलियों में झाड़ू की सरसराहट, चूल्हों की खटखट और अधखुली नींद की खाँसी तैरने लगती है। नीलू इन्हीं...

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Hug Day By Devang Kori

Hi दोस्तों,आज Hug Day है… तो एक किस्सा share करना चाहता हूं...College के 2 साल हम साथ गुज़रे। दोस्त थे, बातें होती थीं, हंसी-मज़ाक होता था। पर वो extrovert थी — full-on energy, सब...

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एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान By Dr Sandip Awasthi

आलोचना : एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान :  आत्मकथा: पानी केरा बुदबुदा  __________________________आत्मकथाएं कुछ बुरी होती हैं,कुछ काल्पनिक उपन्यास सी,कुछ झूठ...

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दुहाई- तिहाई By Deepak sharma

                  “धर्मवीर,” अपनी अर्द्धचेतना में जाई मुझे ठीक पहचान न पाईं। समझीं, मैं यशवीर नहीं हूं। धर्मवीर हूं।  ...

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अधूरे सपने By Unknown writer

यह कहानी एक चिड़िया की है।एक छोटी-सी, नन्ही-सी और बहुत ही प्यारी चिड़िया।पूरे जंगल में उससे अधिक सुंदर चिड़िया न किसी ने कभी देखी थी और न ही उसके बारे में सुना था। उसकी आँखों में च...

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अधूरापन By Anup Anand

1बरसात की वह शाम न तो बहुत ख़ुशनुमा थी, न ही बहुत उदास।बस एक अजीब-सी चुप्पी थी—जैसे आसमान कुछ कहना चाहता हो, लेकिन शब्द नहीं मिल रहे हों।नीरज बरामदे में खड़ा था। सामने सड़क पर पानी...

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नेहरू फाइल्स - भूल-121 By Rachel Abraham

भूल-121 डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी के प्रति दुर्व्यवहार डॉ. श्यामा प्रसाद मुकर्जी (1901-1953) सर आशुतोष मुखर्जी (1864-1924) के पुत्र थे, जो ‘बंगलार बाघ’ या ‘टाइगर अ‍ॉफ बंगाल’ के नाम...

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बिश्नोई धर्म पर आधारित कहानी - बिश्नोई धर्म By Prithvi Nokwal

बिश्नोई जीवन का एक अनमोल रत्न है, जहाँ हर साँस प्रकृति के साथ ताल मिलाती है। यह कहानी राजस्थान के थार मरुस्थल की रेत में बसी एक छोटी-सी बस्ती से शुरू होती है, जहाँ बिश्नोई धर्म के...

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लिव इन का रिश्ता। By Jeetendra

"चाय में चीनी कम है, या शायद आज मेरा ही मूड ठीक नहीं," माधव ने खिड़की के बाहर उड़ते कबूतरों को देखते हुए कहा।प्रेरणा ने बालकनी की रेलिंग पर रखे अपने मग को देखा, फिर माधव को। "चाय त...

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गहराइयों में तुम By Ashin Rishi

शीर्षक: “गहराइयों में तुम”                                                                          कभी-कभी प्यार सतह पर नहीं, दिल की सबसे गहरी परतों में मिलता है…      दिल्ली की

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नारद जी और धर्म राज युधिष्ठिर का संवाद By Prithvi Nokwal

इन्द्रप्रस्थ की सभा उस दिन विशेष रूप से सजी हुई थी। राजसूय यज्ञ के बाद पांडवों का यश चारों दिशाओं में फैल चुका था। राजमहल के प्रांगण में सुवर्ण स्तंभ चमक रहे थे, सुगंधित धूप की महक...

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