Monster the risky love - 34 in Hindi Horror Stories by Pooja Singh books and stories PDF | दानव द रिस्की लव - 34

Featured Books
Categories
Share

दानव द रिस्की लव - 34

तक्ष की खुनी प्यास बुझ गई...

……….Now on ….…..

 
विवेक : अदिति चलो पहुंच गए हम ……
अदिति : हां विवेक. ….
विवेक : time  से  medicine ले लेना ……
अदिति : हां ले लूंगी..…
विवेक : कल जल्दी ready रहना ……bye ……
अदिति : bye….(अदिति अंदर जाती हैं)..….ताई क्या हुआ परेशान सी क्यूं लग रही हो..
बबिता : ह कुछ नहीं दी ….बैठिए मैं आपके लिए जुस लेकर आती हूं ….
अदिति : हां …. ताई मैं change करके आती हूं. …(अदिति अपने room में चली जाती हैं)
बबिता : मैं ये नही कर सकती ….पर मेरी चंदा ….मुझे करना पड़ेगा मुझे माफ कर देना दीदी..
अदिति बाहर आती हैं ……
अदिति : ताई juice ready है. ….
बबिता : हां दीदी ….लिजिए ……ये दवाई कैसी है. …?
अदिति : वो थोड़ा headache था तो विवेक ने medicine दिलवा दी वही है ….
बबिता : अच्छा ……दीदी जी आज भरमा भिंडी बना दूं ….
अदिति : ठीक है ताई वैसे भी भैय्या को बहुत पसंद है …बना दो ….(तक्ष नीचे आता है) …तक्ष तुम ठीक हो अब ….
तक्ष : अभी नहीं लेकिन जल्दी ही ठीक हो जाऊंगा ….
अदिति : ठीक है ……
बबिता एक प्लेट में सेब और चाकू लेकर अदिति के पास पहुंचकर चाकू से अदिति के हाथ पर मार देती हैं और तुरंत ही खुन को इकठ्ठा करने के लिए अदिति से छुपाकर खुन को कटोरी में लेकर छुपा देती है ……
बबिता : मुझे माफ कर दीजिए दीदी..…गलती से आपके हाथ पर चाकू लग गया ….ये सेब काटने के लाई थी ….
अदिति : कोई बात नही ताई ….बस भाई से मत कहना आपसे लगी है चोट… नही तो गुस्सा करेंगे ….
बबिता : मैं दवाई लेकर आती हूं..
अदिति : ताई रहने दो मैं dettol से wash  करके दवाई लगा लूंगी. …(अदिति अपने room में चली जाती हैं)
बबिता : लो ….अब तो चंदा को छोड़ दो ….
तक्ष : बहुत खुब ……जा छोड़ दिया ….लेकिन तू मुझसे चालाकी नहीं कर सकती …हर पल मेरी नजर रहेगी तुझ-पर 
बबिता : मैंने अपने जीवनदाता से धोखा किया है …भगवान मुझे कभी माफ नही करेंगे ……
तक्ष खुन के प्याले को पी जाता है………
तक्ष : अब मैं ठीक हूं....अब बस मुझे उस त्रिषूल तावीज को उससे दूर करना है……
………आदित्य आता है. ……
आदित्य : बबिता ……अदि नही आई……
बबिता : वो आ गई है साहब…अपने कमरे में है ….
आदित्य : अच्छा ….(अदिति को आवाज लगाता है) ….अदि …
अदिति : भैय्या..... (embraced)  आ गये मेरे  प्यारे भैय्या.....
आदित्य : (मजाकिया) … शायद अभी रास्ते हूं....
अदिति माथे पर हथेली रखकर देखती है ….
अदिति : मुझे तो दिख नहीं रहे ….ताई लगता हैं भैय्या..... अभी बहुत दूर है ….
आदित्य हंस जाता है…अदिति को भी हंसी आ जाती हैं …
आदित्य : तू भी न ….अभी बिल्कुल वैसी ही है …(आदित्य की नजर अदिति के हाथ पर बंधी पट्टी पर जाती हैं) ……(हाथ पकड़कर) ……ये क्या हुआ ……? (बबिता सहम जाती हैं)
अदिति : कुछ नहीं भैय्या..... ये apple काट रही थी तो गलती से
आदित्य : (बीच में रोकते हुए) ….क्या गलती से ….बबिता नहीं थी उससे बोल देती …..
अदिति : कोई बात नही भैय्या..... आगे से ताई से ही कहूंगी …ok….अब जाओ change कर लो dinner नही करना …
आदित्य : हां आता हूं ….
…….in dining table……
आदित्य : बबिता ‌….
बबिता : हां …(डरते हुए जबाव दिया)
आदित्य : बबिता इतनी डर क्यूं गई …..(बबिता तक्ष की तरफ देखती है फिर आदित्य को) ……
बबिता : कुछ नहीं साहब……
आदित्य : बबिता अदि का ध्यान रखा करो ….(बबिता कुछ नहीं बोलती बस हां में सिर हिला देती है) ….…. बबिता ये लो ….!
बबिता : ये क्या है साहब..…?
आदित्य : तुम्हारी बेटी कल तुमसे खिलौने की जिद्द कर रही थी मैंने सुन लिया था ….उसे दे देना ….(अब तो बबिता की आंखों में आंसू बह निकले)….
तक्ष : (मन में) अब कही ये सच न उगल दे ….
अदिति : ताई इसमें रोने की कौन सी बात है ….!
बबिता : ये तो खुशी के आंसू है ……
आदित्य : इन आंसुओ को बहुत जल्दी बहा देती हो बबिता ….चलो जल्दी खाना परोस दो बहुत भुख लगी है ….
अदिति : आपकी favourite भरमा भिंडी बनाई है ताई ने
आदित्य : अच्छा जल्दी दो फिर ……
यूही हंसी मजाक करके सब सोने चले जाते है …….
आधी रात हो चुकी है पर तक्ष के कमरे में अभी रोशनी की झलक दिख रही है आखिर क्यूं ……?
…..in taksh room ….
उबांक : दानव राज.. आप क्या कर रहे हैं ……?
तक्ष : मेरी ऊर्जा मुझे मिल चुकी है लेकिन अदिति मेरे वशीकरण से दूर हो जाएगी इसलिए लिए एक शक्तिशाली वशीकरण तावीज को बना रहा हूँ ….जिससे वो हमेशा के लिए मेरे वश‌ हो जाएगी …और इस तावीज को कोई खत्म नहीं कर सकता ….
उबांक : दानव राज ……आपका वशीकरण कमजोर हो गया है क्या….?
तक्ष : हां उबांक अगर जल्दी उसे वशीकरण में नहीं बांधा तो उसे सब कुछ याद आ जाएगा…इसलिए उसे अब पूरी तरह से अपने वश में कर लूंगा….
उबांक : ये तावीज कब तक बन जाएगा दानव राज….
तक्ष : इसे बनाने में मुझे चार पांच दिन लग जाएंगे उबांक…जबतक तुम उसे वशीकरण द्रव्य देते रहना….
उबांक : जी दानव राज……
……. Next day …….
आदित्य : अदि….आज तू बहुत जल्दी उठ गई…….(अदिति कुछ नहीं बोलती)..….अदि क्या हुआ.….?
अदिति : आपको कुछ याद रहता है अपने काम के अलावा.……
आदित्य : क्या बात है….आज मेरी स्वीटी मुझसे नाराज़ हो गई….. बता तो..…अरे ! याद आ गया आज तेरा college function है न..…
अदिति : जल्दी याद आ गया…….
आदित्य : अच्छा sorry 
अदिति : कोई बात नही भैय्या........ मुझे function के लिए ही ready होना है.......
आदित्य : best of luck sweetie….....
अदिति : thankyou भैय्या…...मैं ready हो जाती हूं विवेक आता होगा…...
आदित्य : ठीक है…....
....…after sometime.......
विवेक : good morning भैय्या......
आदित्य : विवेक आओ......
विवेक : अदिति ready हो गई......
आदित्य : हां विवेक......अदि..…
अदिति : आ रही हूं भैय्या.......(अदिति बाहर आती है).....
अदिति को blue gown में देखकर विवेक बस को जाता है.....
आदित्य : अदि..... बहुत प्यारी लग रही मेरी बहना......
अदिति : thankyou भैय्या.....(विवेक के सामने जाकर चुटकी बजाती है)... कहां खो गए mr.......
विवेक  ह हां कुछ नहीं......(धीरे से)..... looking gorgeous my sweet heart.....(अदिति कुछ नहीं बोलती बस मुस्कुरा जाती है).....ये (हाथ पर बंधी पट्टी को देखकर)...... कैसे......?
............to be continued.......