Monster the risky love - 33 in Hindi Horror Stories by Pooja Singh books and stories PDF | दानव द रिस्की लव - 33

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दानव द रिस्की लव - 33

बबिता अब तक्ष के इशारों पर चलेगी...?

…….Now on ……….

 
मालती : दीदी बताओ न ……
इशान : मां… मैं office जा रहा हूँ …
सुविता : ok बेटा. ….!(इशान चला जाता है)……मैं कह रही थी ….विवू और अदिति एक-दूसरे के लिए perfect है ….
मालती : आपका मतलब है अदिति की विवू से शादी कर देनी चाहिए. ….?
सुविता : हां …. माला …मुझे तो अदिति विवू के लायक लगती हैं …दोनों perfect match है जैसे मेरे इशान के लिए सुहानी ठीक है ….
मालती : अदिति है तो अच्छी
सुविता : फिर...
मालती : नही दीदी मुझे कोई एतराज नही है ….
सुविता : तो बस इशान के बाद इन दोनों की भी शादी कर देंगे. …मैं इनसे बात कर लूंगी…
मालती : ठीक है दीदी.. …
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……in vivek ' s room ……
अदिति : विवेक संभलकर मैं गिर जाऊंगी ……
विवेक : नही अदिति ..…तुम्हे मुझ-पर भरोसा नहीं है……
अदिति : है अपने से ज्यादा ……
विवेक : ठीक है फिर चुपचाप practice करो ……
अदिति : हां हां ….
विवेक : कल बहुत जल्दी नींद आ गई तुम्हें ……
अदिति : हो सकता है ……
 विवेक : कल मुझसे बच गई नींद का बहाना करके अब कैसे बचोगी… (विवेक अदिति के पास जाकर धीरे से कहता है) …
अदिति : क्या विवेक. …?
विवेक अदिति के होठो तक पहुंच ही पाता उससे पहले ही door knock होता है ……
अदिति : विवेक ……(विवेक झिलमिला जाता है.…बेमन से दरवाजा खोलता है). …
विवेक : मां…आप 
मालती : लो तुम्हारे लिए juice लाई हूं....
अदिति : thanks aunty ……
मालती : तू हमेशा खुश रहे …भगवान तुझे हर बला से दूर रखे (सर पर हाथ फेरते हुए मालती ने कहा) …
विवेक : मां… आज ऐसी blessings क्यूं. ….?
मालती : क्यूं मैं अपनी बेटी को blessings नही दे सकती ….
अदिति मालती जी के गले लग जाती हैं..…
मालती : चलो अब तुम दोनों practice कर लो मैंने disturb कर दिया...
अदिति : नही aunty ……(मालती चली जाती हैं)
विवेक : मां गलत time आ गई …
अदिति : विवेक focus करो ……
विवेक : हां ….
………after practice ……
 विवेक : अदिति ….cafe चले ……
अदिति : नही
विवेक : मुझे पता था तुम मना करोगी …
अदिति : विवेक ऐसे rood मत बनो ….हम कल function के बाद चलेंगे आज headache हो रहा हैं..
विवेक : तुम्हारा ये headache कब खत्म होगा ….
अदिति : पता नहीं विवेक ….
विवेक : तुम चलो मेरे साथ. ….
अदिति : लेकिन कहां विवेक …….?
विवेक : डाक्टर के पास ……हम dr. avasthi के पास जाएंगे वो ही बताऐंगे. ……
मालती  : कहां जा रहे हो बच्चों …….?
विवेक : मां… मैं अदिति को लेकर dr avasthi के पास जा रहा हूँ … आजकल इसे headache कुछ ज्यादा ही होता है …!
मालती : हां …. जा ……
दोनों dr avasthi के cabin में पहुंचते हैैं….
Dr : vivek ….come ….please have a sit….
विवेक : thank you dr…..
Dr : बताइए मैं क्या help करूं……
विवेक : dr .….आजकल अदिति को कुछ ज्यादा ही headache हो रहा है…check करके बताए…क्या problem है ……
Dr : sure.….(अदिति का check up करता है) ……
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उबांक : दानव राज.. क्या हुआ आपको ….ये क्यूं फैंक रहे हैं …
तक्ष : मैं अपने वश में नहीं हो पा रहा हूँ मुझे जल्द ही रक्त पीना है ….वो तावीज मेरी बाधा बने हुए हैं …
उबांक : दानव राज.. अब तो मुझे एक ही उपाय सुझता है …
तक्ष : कैसा उपाय बोलो जल्दी ……?
उबांक : इस नौकरानी को ही डराकर हम अपना काम करवा सकते हैं ……
तक्ष : ठीक‌ कह रहे हो पर हमारी सच्चाई उसे पता चल जाएगी …
उबांक : दानव राज.. खा जाना उसे फिर ……
तक्ष : (दानवी मुस्कान के साथ) ….सही कहा……
तक्ष नीचे जाता है………लेकिन अपने असली रुप में ……तक्ष को देखकर बबिता डर जाती हैं ……
बबिता : क क कौन ….ह हो…तुम ….मेरे पास मत आओ …
तक्ष : मैं कौन हूं.... पिशाच हूं.... वो भी साधरण नही नरभक्षी पिशाच हूं.... देखो मेरा रुप. (वापिस इंसानी रूप में आता है)
बबिता : त  त   …तुम 
तक्ष : हां मैं ….
बबिता : (तक्ष के हाथ में खंजर देखकर डर जाती हैं)…ये क्यूं …मैंने क्या बिगाड़ा है …तुम्हारा. मुझे क्यूं मारना चाहते हो …
तक्ष : तुझे नही तेरी बेटी को मारना है …
बबिता : (चिल्लाकर) …नही मुझे मार दो लेकिन मेरी बेटी को छोड़ दो ……
तक्ष : तुझे तेरी बेटी जिंदा मिल जाएगी लेकिन उसके लिए तुझे मेरा एक काम करना होगा …….
बबिता : मैं …करूंगी बोलो क्या करना है …बस मेरी बेटी लौटा दो ….
तक्ष : अभी नहीं ….मेरा काम होने के बाद ……
बबिता : ठीक है बताओ फिर …….(तक्ष बबिता को अपना कमजोरी का उपाय करने के लिए कहती है) ….….मुझे ये काम मत सौंपो…उन्होने मुझे नई जिंदगी दी है ……
तक्ष :  (गुस्से में)  तुझे तेरी बेटी चाहिए या नहीं. ….
बबिता : ठीक‌ है…..मैं करूंगी …….
तक्ष : और अगर मेरे बारे में किसी को बताने की सोची तो तेरी बेटी को तू हमेशा के लिए खो देगी ……….बस मेरे मुताबिक ही तू काम करेगी …समझी ….
बबिता : मैं समझ गई ….
तक्ष : अदिति के आते ही मेरा काम कर देना ….
बबिता : हां करूंगी.. ….(रोने लगती है)
तक्ष चला जाता हैं ….
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विवेक : dr क्या बात है ……?
Dr : आपने कुछ नशीली चीज पी है ……?
अदिति : you mean drugs ……
विवेक : नही dr ये कोई drug नही लेती …..
Dr : देखिए mr vivek. इनकी आंखों से साफ झलकता है इन्होनें कोई  drug ली है ……
विवेक : drug …..?
अदिति : विवेक कल से तो तुम साथ ही थे न ….
विवेक :हां ……dr आपको कोई गलतफहमी हुई होगी …  (मन में) …पता नहीं क्या हो रहा है ये …मां को नींद की दवाई और अब अदिति को नशीली चीज…
Dr : नहीं mr vivek मुझे कोई गलतफहमी नही हुई है…. ये medicine है इन्हे दे देना ठीक हो जाएंगी ……
विवेक : ठीक है dr….अदिति ठीक‌ हो जाएगी न….!
Dr : हां ….!
विवेक : चलो अदिति ……
अदिति : विवेक मैंने कोई drug नही ली है फिर …
विवेक : relax अदिति ….ये medicine लो कुछ नहीं होगा ….
अदिति : विवेक …
विवेक : अदिति ….no any questions….चलो घर अब ……
 
……………to be continued …..