Donor Girl - 3 Last Part in Hindi Fiction Stories by S Sinha books and stories PDF | डोनर गर्ल - 3 (अंतिम भाग)

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डोनर गर्ल - 3 (अंतिम भाग)

डोनर गर्ल 


अंतिम भाग 3   - यह कहानी एक ऐसी लड़की का है जिसके  जन्म के समय का फ्रोजेन स्टेम सेल आगे चल कर किसी व्यक्ति की जान बचाता है  . अब तक आपने पढ़ा कि प्रेम और सोफ़िया दोनों अमेरिका से इंडिया आये  . सोफिया ने एक बच्ची जूली को जन्म दिया  . जूली का स्टेम सेल ट्रांसप्लांट एक अमेरिकी पायलट ओलिवर को किया गया  . ओलिवर अपने डोनर से मिलना चाहता था पर बहुत इन्तजार के बाद अचानक एक दिन फ्लाइट में दोनों की मुलाकात होती है  . अब आगे पढ़ें  …  


करीब आधे घंटे के बाद जब फ्लाइट अपने उचित लेवल पर क्रूज कर रहा था , ओलिवर ने फ्लाइट की कमांड अपने को -पायलट को दिया और कहा “ मैं जल्द ही वापस आ जाऊंगा  . “ 


“ नो वरी सर , टेक योर टाइम  . पांच  घंटे की फ्लाइट है  . “ 


ओलिवर कॉकपिट से बाहर निकल कर आया और सीधे जूली की सीट पर गया  . उसने पूछा “ यू आर मिस जूली ? “


“ यस , क्या बात है ? “ जूली ने सामने पायलट को देख कर कुछ घबरा  कर पूछा 


“ रिलैक्स मैम  . आप मेरे साथ आएं , आपको बिजनेस क्लास में अपग्रेड किया गया है  . “ 


पास बैठे पैसेंजर भी चकित थे कि क्यों खुद पायलट आ कर ऐसा कर रहा है    . खैर , ऊपर होल्ड से जूली का सामान ओलिवर ने निकाला और कहा “ फॉलो मी “  . 


तब तक दो एयर होस्टेस भी वहां आ गयीं  . “  क्या बात है सर ?  “ आप क्यों यह सब कर रहे हैं ? यह हमारी ड्यूटी है  . “ 


“ इट्स ओके  .  ये मेरी ख़ास पैसेंजर ही नहीं हैं , अतिविशिष्ट मेहमान भी हैं  . “  ओलिवर  जूली को साथ ले कर बिजनेस क्लास में गया  . फिर उसके सामने बैठ कर कहा “ मैं ओलिवर हूँ , इस फ्लाइट का कप्तान  . “ 


“ वह तो मैं देख रही हूँ  . “ 


“ तुम्हें पता है मेरे और तुम्हारे शरीर में कुछ कॉमन है ? “ 


“ मैं नहीं समझ रही आप क्या बोल रहे हैं  . “


“ तुम्हारे बोन मैरो ने मेरी जान बचाई है  . तुम्हारे कारण मैं आज जिन्दा हूँ  . “ 


“ ओ गॉड  . व्हाट अ  प्लीजेंट मीटिंग , आपसे मिलने की मेरी भी बड़ी प्रबल इच्छा थी  . “  जूली भी उसे देख कर बहुत खुश हुई 


ओलिवर ने जूली को हल्के से गले लगाया और पूछा “ तुम न्यूयॉर्क  जा रही हो ? “


“ जी ,  मेरा वहां इंटरव्यू है  . “ 


“ गुड , बेस्ट विशेज  . फ्लाइट लैंड करने पर तुम अपनी ही सीट पर रहना  . तुम मेरे साथ चलोगी  . आज रात एयरलाइन की तरफ से मेरे लिए  होटल बुक है  . तुम्हें कोई एतराज न हो तब उसी सूट में रहना  . अगर अलग रहना चाहती हो तब उसी होटल में दूसरे कमरे में तुम रुकोगी  . तुमसे बहुत सारी बातें करनी हैं  . “ 


फ्लाइट लैंड करने के बाद दोनों न्यूयॉर्क के होटल में गए  . चेक इन करने के बाद दोनों एक ही कमरे में गए  . ओलिवर बोला “ पहले फ्रेश हो जाओ उसके बाद कुछ ड्रिंक लेना चाहोगी ? “ 


“ नो , मैं ड्रिंक नहीं लेती हूँ  . कल शाम को उसी फ्लाइट से कैलिफ़ोर्निया लौट जाऊंगी  . “ जूली ने कहा 


“ ओके , तुम रात में इसी सूट के बेडरूम  में रुक सकती हो और मैं ड्राइंग रूम में सो जाऊंगा  .  .तुम्हारे लिए  मैं कुछ डिनर मंगवा दूँ ? मैं कुछ स्नैक्स और ड्रिंक ले लूँगा  . “


“ नहीं , मैंने फ्लाइट में  खा लिया है  . कुछ स्नैक्स और जिंजर ऐल चलेगा  . वैसे मेरा आपके साथ रूम शेयर करना ठीक रहेगा ?  “ 


“ जहाँ तक मैं समझता हूँ तुम भी पहले यहाँ पढ़ने आयी होगी ,  मैंने यहाँ देखा है कि इंटरनेशनल स्टूडेंट्स एक ही अपार्टमेंट में लड़के और लड़की रूम शेयर करते हैं  . बस समझो एक रात के लिए रूम शेयर कर रही हो , वो भी फ्री  . “ बोल कर ओलिवर हँस दिया  . 


कुछ देर में रूम सर्विस स्नैक्स और ड्रिंक ले कर आया  . उस समय दोनों आपस में  कुछ पर्सनल बातें भी शेयर करने लगे  . सोफिया ने अपनी अमेरिकी माँ के बारे में भी बताया  . ओलिवर बोला “ तुम्हें पता था तुम अपना स्टेम सेल किसी अमेरिकी को दे रही हो ? “


“ नहीं , आंटी ने मुझे बताया था कि मेरे स्टेम सेल से एक अजनबी की जान बचेगी  . इस विषय के बारे में मुझे उस समय ज्यादा कुछ पता नहीं था  . पर इतना जान कर ख़ुशी हुई थी कि एक इंसान दूसरे  इंसान की जान बचा सकता है  . कितनी अच्छी बात है यह , है न ? “


“ श्योर  . अगर बुरा न मानो तब एक बात पूछूं ? “ 


“ श्योर , नो इशू  . “


“ तुम मैरेड हो ? “


“ अभी तक तो नहीं  . “  बोल कर जूली  मुस्कुरा पड़ी 


“ ठीक है , कल तुम मेरी ही फ्लाइट से वापस कैलिफ़ोर्निया चलोगी  . “ 


“ मैंने रिटर्न  टिकट  ले  लिया है , दूसरे फ्लाइट का  . “


“ रिफंड ले लेना , तुम मेरे साथ चलोगी  . अगेन फ्री  “ ओलिवर भी मुस्कुरा दिया 


कल  दिन भर मैं रूम में ही आराम करूंगा  . तुम इंटरव्यू दे कर आना तब साथ चलेंगे  . “ 


अगले दिन इंटरव्यू के बाद जूली  दोपहर में लौट कर होटल आयी  . ओलिवर ने पूछा “ इंटरव्यू कैसा रहा ? “


“  बहुत अच्छा , वो लोग ईमेल से ऑफर भेज देंगे कुछ देर में  . “


“ वाओ , कॉंग्रट्स  . मैं लंच मंगवा दूँ तुम्हारे लिए  ? “ 


“ थैंक्स  .  मुझे कंपनी ने लंच भी कराया था  .  “


“ मुझे इतना पता था कि मेरी जान एक लड़की ने बचायी है  . मैं उसके लिए आजीवन आभारी रहूंगा  . उस लड़की से मिलने के लिए  दिल बेचैन था  . पहले तो उस  लड़की के बारे में मुझे कुछ पता नहीं था पर अब देखने के बाद दिल को सुकून मिला है  . मेरे दिल की हर धड़कन तुम्हारा शुक्रगुजार है  . “ 


ओलिवर  जूली  को अपने ही फ्लाइट से कैलिफ़ोर्निया ले गया  . वहां लैंड करने के बाद वह बोला “ मेरी माँ एक बार तुमसे मिलना चाहती है  . क्या तुम मेरे साथ चल सकोगी ? “


“ माँ से मिलकर मुझे बहुत ख़ुशी होगी , मैंने अपनी मम्मी को बचपन में खो दिया था  . “ 


ओलिवर जूली  को अपने घर ले गया और माँ से बोला “ मामा , देखो कौन आयी है ? “


जूली  को  देख कर माँ बोली “ अच्छा है , आखिर  तुमने लड़की पसंद कर ली है  . “  यह सुन कर जूली  कुछ असहज दिख रही थी   . 


ओलिवर ने जूली  से परिचय करा कर कहा “ शी इज द डोनर गर्ल  .  इसी लड़की के स्टेम सेल के कारण आज मैं जिन्दा हूँ  . “


माँ ने आगे बढ़ कर जूली  को गले लगाया और कहा “ गॉड ब्लेस यू ,  तब तो यह लड़की मेरी बहू बन सकती है  . “ 


“ नो , मामा  . यह पहले  से ही मैरेड है  . “   ओलिवर के ऐसा बोलने से जूली  आश्चर्यचकित हो कर उसे देखने लगी 


थोड़ी देर बाद ओलिवर जूली  को छोड़ने बाहर आया , दोनों ने एक दूसरे का फोन नंबर  लिया  . फिर जूली  ने पूछा “ आपने माँ से  मुझे मैरेड क्यों कहा ? “ 


“ नहीं कहता तो  मामा तुम्हें अभी से ही अपनी बहू मान लेती  . कैंसर पेशेंट होने के कारण चाह कर भी मैं तुम्हें प्रपोज नहीं कर सकता था  .  10 - 15 साल के बाद  मेरी जिंदगी अनिश्चित है  . कहा नहीं जा सकता है कि उसके बाद मैं जीवित रहूँ  या नहीं  . “ 


“ 10 - 15 साल ख़ुशी के साथ जीवनसाथी के साथ जीना क्या बुरा है ? “  बोल कर जूली  टैक्सी में बैठ गयी और हाथ हिला कर बाय बाय करती रही  . ओलिवर उसी जगह पर तब तक खामोश खड़ा जूली  के कहने का मतलब सोचता रहा जब तक उसकी टैक्सी आँखों से ओझल नहीं हुई  . 

 

समाप्त 


नोट - यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है  .