Shoharat ka Ghamand - 36 in Hindi Fiction Stories by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 36

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शोहरत का घमंड - 36

आलिया की बुआ जी की बात सुन कर आलिया की मम्मी के पैरो तले जमीन खिसक जाती हैं और वो बोलती है, "दीदी आप ये क्या बोल रही हो, आलिया के लिए एक शादी शुदा आदमी का रिश्ता"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "तो क्या तुम्हारी बेटी के लिए कोई राजकुमार घोड़े पर आएगा, जेसे तुम्हारे हालात है न तो फिर तुम्हे लड़का भी वैसा ही मिलेगा"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "दीदी एसा तो मत बोलिए, देखिए अभी आलिया की उम्र ही क्या है"।

तब आलिया की बुआ जी बोलती है, "नही नही तुम्हारी बेटी तो निप्पल से दूध पीती है न, तभी तुम उसकी शादी नही करना चाह रहे हो, देखो जमाना बहुत ही खराब है कल को तुम्हारी बेटी ने कुछ ऊंच नीच कर दी तो हम तो कहीं शक्ल दिखाने के लायक भी नही रह जायेगे"।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "नही नही दीदी मेरी बेटियां ऐसी नही है "।

तब आलिया की बुआ जी बोलती है, "अरे बस करो, कब से अपनी बेटियो के गुण गाए जा रही हो, देखो मेने बात कर ली है और एक दो दिन में मै लड़के के साथ आ जाऊंगी, ताकी ल़डका भी उसे देख ले और पसंद कर ले "।

तब आलिया की मम्मी बोलती है, "दीदी मैं अभी कुछ बोल नहीं सकती हूं तो फिर आप उसे कैसे ला सकती है "।

तब आलिया की बुआ जी बोलती है, "अरे ओह पागल औरत एक तो तेरे को बैठे बिठाए रिश्ता मिल रहा है और ऊपर से तू अकड़ दिखा रहीं हैं, सच में लगता है की तेरे अंदर शर्म बची ही नही है, बताओ मां बाप अपनी बेटियो के रिश्तों के लिए मरे रहते हैं और उन्हे रिश्ते मिलते नही है, और इन्हे रिश्ते मिल रहे हैं तो इनके भाव बढ़ रहे हैं, अच्छा जी मे अब समझी की बेटी की शादी क्यो नही करनी है, क्योकी बेटी कमाने जो लगी है, और अगर चली गईं तो फिर पैसे कोन देगा और तुम्हारी जरुरत केसे पूरी होगी, बेटी के टुकड़े पर पलने वाली औरत शर्म नही आती है क्या तुझे "।

ये सुन कर आलिया की मम्मी रोने लगती हैं और फोन काट देती हैं । तब आलिया के पापा बोलते है, "क्या हुआ तुम रो क्यों रही हो"।

मगर आलिया की मम्मी कुछ भी नही बोलती है बस रोती रहती हैं। तब आलिया के पापा बोलते हैं, "क्या हुआ कुछ तो बोलो देखो मुझे बहुत ही घबराहट हो रही है"।

तब आलिया की अम्मी आलिया के पापा को सब कुछ बता देती हैं। ये सुन कर आलिया के पापा भी रोने लगते है। तब आलिया की मम्मी बोलती है, "बताओ मेरी बेटी के बारे में कितना बुरा सोचते हैं लोग, बताओं मेरी बेटी के लिए एक शादी शुदा आदमी ही मिला था दीदी को मेरी फूल जैसी बच्ची को जब ये सब पता चलेगा तो फिर उसे कितना बुरा लगेगा"।

तब आलिया के पापा बोलते है, "ये सब मेरी ही गलती है आज मेरी वजह से ही मेरी बेटियो को इतना सुनना पड़ रहा है, इससे अच्छा तो था की उस दिन में मर ही जाता"।

ये सारी बाते मीनू और ईशा सुन लेती है.............