" तुझे पता नहीं के मेला में क्या चल रहा है। चतुर कहता है--->" हां यार फूटबॉल का मैच , क्यों तुझे पता नहीं । आलोक गुस्से से चतूर की और दैखता है चतुर कुछ जवाब नहीं देता और चुपचाप एकांश के साथ चौक पर से आलोक के साथ गाड़ी में बैठ जाता है।कुछ ही दैर में सभी मेला पँहुच जाता है। जहां पर सब का गांव वाले जोर सोर से स्वागत करता है। आलोक अपने जेब से एक">