"वो सब आप हमें छोड़ दिजिये। आप बस शादी की तैयारी सूरु किजिये। और हां वृंदा को अभी कुछ दिन यहीं रहने दिजिए। सोनाली कहती है--->" ये खुश खबरी मैं अभी वृंदा के पापा को सुनाती हूं। ठीक है बहन अब रखती हूं। इतना बोलकर दोनो फोन कट कर देता है। एकांश हवेली पहूँच जाता है और अपने जूटे उतारने लगता है इंद्रजीत एकांश से पुछता है।--->" अरे बेटा आ गए तुम आज दिन भर कहा रह गए? आज कुछ लोग">