सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म

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आज की कहानी कुछ ज्यादा ही खास है क्योंकि ये कोई रोमांटिक,फैंटिसी,या सस्पेंस कहानी नहीं है बल्कि ये कहानी है इतिहास के पन्नों में जिनका नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा है उन सम्राट अशोक की तो आइए सुनते हैं सम्राट अशोक की कहानी उनकी जुबानी। मेरा नाम अशोक है लोग मुझे इतिहास में सम्राट अशोक महान के नाम से जानते हैं लेकिन मैं हमेशा से महान नहीं था मेरे जीवन में ऐसे कई मोड़ आए जिन्होंने मुझे एक कठोर योद्धा से एक दयालु शासक बना दिया मैं पाटलिपुत्र में पैदा हुआ था, जो उस समय मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी मेरे पिता थे बिंदुसार और मेरे दादा महान विजेता चंद्रगुप्त मौर्य थे

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सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 1

आज की कहानी कुछ ज्यादा ही खास है क्योंकि ये कोई रोमांटिक,फैंटिसी,या सस्पेंस कहानी नहीं है बल्कि ये कहानी इतिहास के पन्नों में जिनका नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा है उन सम्राट अशोक की तो आइए सुनते हैं सम्राट अशोक की कहानी उनकी जुबानी।मेरा नाम अशोक है लोग मुझे इतिहास में सम्राट अशोक महान के नाम से जानते हैं लेकिन मैं हमेशा से महान नहीं था मेरे जीवन में ऐसे कई मोड़ आए जिन्होंने मुझे एक कठोर योद्धा से एक दयालु शासक बना दियामैं पाटलिपुत्र में पैदा हुआ था, जो उस समय मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी मेरे पिता ...Read More

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सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 2

जब मैं उज्जैन में शासन कर रहा था, तब मेरे जीवन में एक ऐसा समाचार आया जिसने सब कुछ दिया।मेरे पिता, महान सम्राट बिंदुसार, गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। यह खबर जैसे ही पूरे मौर्य साम्राज्य में फैली, दरबार में हलचल मच गई।सिंहासन अब खाली होने वाला था और जब सिंहासन खाली होता है, तो केवल एक ही चीज़ जन्म लेती है संघर्ष।मेरे कई भाई थे, और उनमें सबसे बड़ा था सुसीम वह खुद को सिंहासन का असली उत्तराधिकारी मानता था दरबार के कई मंत्री और सेनापति भी उसी के पक्ष में थे।लेकिन कुछ लोग ऐसे भी ...Read More

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सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म - 3

मैं हूँ अशोक — मौर्य साम्राज्य का सम्राट।सिंहासन पर बैठने के बाद मेरा एक ही लक्ष्य था साम्राज्य को विशाल बनाना मेरे पूर्वजों ने एक महान साम्राज्य बनाया था, और मैं चाहता था कि मेरी शक्ति उससे भी आगे तक पहुँचे।मेरी सेनाएँ उत्तर, पश्चिम और दक्षिण के कई राज्यों को जीत चुकी थीं लेकिन एक राज्य ऐसा था जो अभी भी स्वतंत्र था — कलिंग।कलिंग आज के पूर्वी भारत में स्थित एक शक्तिशाली और समृद्ध राज्य था यह समुद्र के किनारे बसा था और व्यापार के कारण बहुत धनवान था।लेकिन केवल धन ही कारण नहीं था कलिंग स्वतंत्र था, ...Read More