नैना और आरव की शादी को पाँच साल हो चुके थे। बाहर से देखने पर उनका रिश्ता बिल्कुल परफेक्ट लगता था — बड़ा घर, अच्छी नौकरी, मुस्कुराते चेहरे… लेकिन उस घर की दीवारें जानती थीं कि वहाँ प्यार कम और खामोशी ज़्यादा रहती थी। नैना बहुत भावुक थी। वह छोटी-छोटी बातों में खुशियाँ ढूँढती थी — सुबह की चाय साथ पीना, रात को बातें करना, अचानक कहीं घूमने जाना… लेकिन आरव के लिए जिंदगी बस काम, मीटिंग और जिम्मेदारियों तक सीमित थी। धीरे-धीरे नैना ने बोलना कम कर दिया। और आरव ने नोटिस करना। एक दिन नैना ने शांत आवाज़ में कहा — “आरव… क्या हम खुश हैं?”
एक डिवोर्स ऐसा भी - 1
नैना और आरव की शादी को पाँच साल हो चुके थे।बाहर से देखने पर उनका रिश्ता बिल्कुल परफेक्ट लगता — बड़ा घर, अच्छी नौकरी, मुस्कुराते चेहरे…लेकिन उस घर की दीवारें जानती थीं कि वहाँ प्यार कम और खामोशी ज़्यादा रहती थी।नैना बहुत भावुक थी।वह छोटी-छोटी बातों में खुशियाँ ढूँढती थी — सुबह की चाय साथ पीना, रात को बातें करना, अचानक कहीं घूमने जाना…लेकिन आरव के लिए जिंदगी बस काम, मीटिंग और जिम्मेदारियों तक सीमित थी।धीरे-धीरे नैना ने बोलना कम कर दिया।और आरव ने नोटिस करना।एक दिन नैना ने शांत आवाज़ में कहा —“आरव… क्या हम खुश हैं?”आरव ने ...Read More
एक डिवोर्स ऐसा भी - 2
(इस बार रिश्ता सच में बना)नैना और आरव की दूसरी शादी सादगी से हुई।न बड़े फंक्शन, न शोर-शराबा…बस कुछ लोग… और सच्ची मुस्कानें।इस बार नैना ने शादी का लाल जोड़ा पहना तो डर नहीं था।और आरव ने उसका हाथ थामा तो सिर्फ़ वादा नहीं… समझ भी थी। नई शुरुआतशादी के बाद दोनों ने फैसला किया —“इस बार हम घर नहीं… रिश्ता सजाएँगे।”उन्होंने छोटा सा घर चुना।दीवार पर एक फ्रेम लगाया —“हम रोज़ एक-दूसरे को चुनेंगे।”पहले जहाँ खामोशी होती थी…अब बातें होती थीं।पहले जहाँ ego था…अब “सॉरी” जल्दी आ जाता था। पहली परीक्षाएक साल बाद…आरव की नौकरी चली गई।पहले वाला ...Read More
एक डिवोर्स ऐसा भी - 3
(जब बेटी ने प्यार को समझा)समय बीत गया।आर्या अब 22 साल की हो चुकी थी।कॉलेज खत्म हो गया था।और बिल्कुल अपनी माँ की तरह दिल से जीने वाली लड़की बन चुकी थी।नैना उसे देखती तो मुस्कुराती —“ये मेरी ही तरह प्यार में पूरी डूब जाएगी।”आरव कहता —“बस… उसे हमारे जैसी गलती न करनी पड़े।” पहली मोहब्बतएक शाम आर्या घर आई तो चुप थी।नैना ने तुरंत पहचान लिया —“किसी ने दिल छुआ है?”आर्या शर्मा गई।“मम्मा… आर्यन है… मेरे साथ पढ़ता था…हम एक-दूसरे को पसंद करते हैं।”आरव चुपचाप सुन रहा था।उसे अपनी पुरानी यादें याद आ रही थीं —जब उसने प्यार ...Read More