महाराणा प्रताप

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"जो मिट्टी के लिए जीया, वो इतिहास बना। जो स्वाभिमान के लिए लड़ा, वो प्रताप बना।" अरावली की पहाड़ियों में आज भी जब सूरज उगता है, तो उसकी पहली किरण हल्दीघाटी की उस भूमि को चूमती है, जहाँ प्रताप का संकल्प आज भी मिट्टी के हर कण में धड़कता है। यह गाथा किसी राजा की नहीं, उस विचार की है – जो कहता है, "मैं मिट सकता हूँ, पर झुक नहीं सकता।"

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महाराणा प्रताप - अध्याय 1

****************** महाराणा प्रताप ****************** "जो मिट्टी के लिए जीया, वो इतिहास बना। जो स्वाभिमान के लिए लड़ा, वो प्रताप अरावली की पहाड़ियों में आज भी जब सूरज उगता है, तो उसकी पहली किरण हल्दीघाटी की उस भूमि को चूमती है, जहाँ प्रताप का संकल्प आज भी मिट्टी के हर कण में धड़कता है। यह गाथा किसी राजा की नहीं, उस विचार की है – जो कहता है, "मैं मिट सकता हूँ, पर झुक नहीं सकता।" ------------------------------------------------------ लेखक: नारायण लाल मेनारिया ------------------------------------------------------ ************** समर्पण यह पुस्तक समर्पित है मेरे आराध्य महाराणा प्रताप को - जिन्होंने हमें सिखाया कि स्वाभिमान ...Read More

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महाराणा प्रताप - अध्याय 2

अध्याय 2: हल्दीघाटी का रण सूरज की पहली किरण के साथ ही हल्दीघाटी की धरती स्वर्णिम आभा से चमक लेकिन यह आभा शीघ्र ही रक्त से रंगी जाने वाली थी। आज का दिन केवल एक युद्ध नहीं था, यह स्वाभिमान की परीक्षा थी। यह मातृभूमि के सम्मान की रक्षा का प्रण था। रणभूमि की तैयारी रात्रि के अंधकार में भी मेवाड़ की सेना जाग्रत थी। महाराणा प्रताप अपने शिविर में गहन चिंतन में डूबे थे। उनके सामने मेवाड़ की आन, बान और शान की छवि थी। "क्या हम तैयार हैं?" - उन्होंने धीमे स्वर में पूछा। झाला मान ...Read More

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महाराणा प्रताप - अध्याय 3

अध्याय 3: रक्तरंजित हल्दीघाटी सूरज अब सिर पर था। हल्दीघाटी की पथरीली धरती पर रक्त बह रहा था, और में तलवारों की टकराहट, घोड़ों की हिनहिनाहट और घायल सैनिकों की चीखें गूंज रही थीं। यह सिर्फ एक युद्ध नहीं था - यह मेवाड़ की आन-बान-शान की अंतिम परीक्षा थी! रणभूमि में हाहाकार राजपूतों की तलवारें लगातार शत्रु के खून से लाल हो रही थीं। मुग़ल सेना संख्या में कहीं अधिक थी, लेकिन प्रताप के वीर योद्धाओं ने हल्दीघाटी को उनके लिए नर्क बना दिया था। "जय एकलिंग!" "जय मेवाड़!" इस गर्जना के साथ प्रताप के घुड़सवार दुश्मनों के ...Read More