"जो मिट्टी के लिए जीया, वो इतिहास बना। जो स्वाभिमान के लिए लड़ा, वो प्रताप बना।" अरावली की पहाड़ियों में आज भी जब सूरज उगता है, तो उसकी पहली किरण हल्दीघाटी की उस भूमि को चूमती है, जहाँ प्रताप का संकल्प आज भी मिट्टी के हर कण में धड़कता है। यह गाथा किसी राजा की नहीं, उस विचार की है – जो कहता है, "मैं मिट सकता हूँ, पर झुक नहीं सकता।"
महाराणा प्रताप - अध्याय 1
****************** महाराणा प्रताप ****************** "जो मिट्टी के लिए जीया, वो इतिहास बना। जो स्वाभिमान के लिए लड़ा, वो प्रताप अरावली की पहाड़ियों में आज भी जब सूरज उगता है, तो उसकी पहली किरण हल्दीघाटी की उस भूमि को चूमती है, जहाँ प्रताप का संकल्प आज भी मिट्टी के हर कण में धड़कता है। यह गाथा किसी राजा की नहीं, उस विचार की है – जो कहता है, "मैं मिट सकता हूँ, पर झुक नहीं सकता।" ------------------------------------------------------ लेखक: नारायण लाल मेनारिया ------------------------------------------------------ ************** समर्पण यह पुस्तक समर्पित है मेरे आराध्य महाराणा प्रताप को - जिन्होंने हमें सिखाया कि स्वाभिमान ...Read More