दीवाने की दिवानियत

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एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोट दरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर की दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर सरकारी कायदे-कानून को मानने वाले इंसान थे, जबकि भानु प्रताप ठाकुर के लिए उनका शब्द ही कानून था। उस दिन हवेली के बगीचे में 8 साल का पृथ्वी और 5 साल की सनाया खेल रहे थे। "पृथ्वी! दम है तो पकड़ के दिखाओ!" सनाया अपनी फ्रॉक संभालते हुए तेजी से भागी। पृथ्वी उसके पीछे दौड़ रहा था और बार-बार चिल्ला रहा था, "सनाया, रुक जा! गिर जाएगी तो चोट लगेगी, फिर मत रोना।" लेकिन सनाया कहाँ सुनने वाली थी? वो बस भागती रही और अचानक उसका पैर एक ईंट से टकराया। वो धड़ाम से गिरी और उसके घुटने से खून निकलने लगा।

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दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 1

एक ही शहर, दो दुश्मन और वो पुरानी चोटदरभंगा की तपती दुपहरी में राजवीर राठौर और भानु प्रताप ठाकुर दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। दोनों का रसूख ऐसा कि परिंदा भी पर न मारे। राजवीर सरकारी कायदे-कानून को मानने वाले इंसान थे, जबकि भानु प्रताप ठाकुर के लिए उनका शब्द ही कानून था।उस दिन हवेली के बगीचे में 8 साल का पृथ्वी और 5 साल की सनाया खेल रहे थे।"पृथ्वी! दम है तो पकड़ के दिखाओ!" सनाया अपनी फ्रॉक संभालते हुए तेजी से भागी।पृथ्वी उसके पीछे दौड़ रहा था और बार-बार चिल्ला रहा था, "सनाया, रुक जा! गिर ...Read More

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दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 2

नफरत का सामना और पुरानी यादेंदरभंगा की सड़कों पर आज अजीब सा सन्नाटा था। खबर फैल चुकी थी कि में एक नया कड़क ऑफिसर आया है जिसने ज्वाइन करते ही ठाकुर साहब के दो खास गुर्गों को हवालात में डाल दिया है। ये खबर जब ठाकुर हवेली पहुँची, तो वहां का माहौल गरम हो गया।सनाया का दबदबाहवेली के बरामदे में 30 साल की सनाया ठाकुर बैठी थी। वो अब वो 5 साल की बच्ची नहीं थी जो गिरकर रोने लगती थी। आँखों में काजल, गले में सोने की पतली चैन और चेहरे पर एक ऐसी कड़वाहट जो बरसों की ...Read More