संध्याकाल संध्या वंदन रविवार इतवार संडे ➖ ब्रह्मदत्त
➖ कल सोमवार है भगवान शिव महादेव का शुभ दिन आओ स्तुति करें भगवान शिव महामृत्युंजय मंत्र की➖ॐ त्रयंबकम यजामहे सुगंधिम् पुष्टि वर्धनम उर्वारुकमिव बंधनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्-ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
सभी सूर्य देव भक्तों को संध्या वंदन रविवार इतवार संडे की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों की तरफ से आओ स्तुति करें भगवान श्री सूर्य देव की..... श्री सूर्य स्तुति-
Shri Surya Stuti-
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन ।।
त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।
दु:खहारी, सुखकारी, मानस-मल-हारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सुर-मुनि-भूसुर-वन्दित, विमल विभवशाली।
अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सकल-सुकर्म-प्रसविता, सविता शुभकारी।
विश्व-विलोचन मोचन, भव-बन्धन भारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
कमल-समूह विकासक, नाशक त्रय तापा।
सेवत साहज हरत अति मनसिज-संतापा॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
नेत्र-व्याधि हर सुरवर, भू-पीड़ा-हारी।
वृष्टि विमोचन संतत, परहित व्रतधारी॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।।
सूर्यदेव करुणाकर, अब करुणा कीजै।
हर अज्ञान-मोह सब, तत्वज्ञान दीजै॥
जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।। ➖ प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़