मैं और मेरे अह्सास
तुम ही मेरे अपने हो
पूरी कायनात में तुम ही मेरे अपने हो ये जान लो l
तेरे सिवा कोई नहीं है मेरा अच्छी तरह मान लो ll
दिलों दिमाग को आज ही से तैयार कर लेना कि l
जो भी करना है तुम्हें करना पड़ेगा तो ठानलो ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह