मैं और मेरे अह्सास
ऋतुराज
होली के रंगों से रंग दे पिया मोहे
होली के रंगों से रंग दे पिया मोहे
म्हारी चुनरिया कोरी ना रह जाये
ऐसे ही म्हारी होली ना बह जाये
प्यार के रंगों से रंग दे पिया मोहे
सखी साहियर के रंगो से नहीं रंगना
तेरी ही राह तकता म्हारा ही अंगना
साथ के रंगों से रंग दे पिया मोहे
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह