बेनाम एहसास
कुछ लफ्ज़ हैं जो कहे नहीं जाते,
कुछ दर्द हैं जो सहे नहीं जाते।
ये ज़िंदगी भी अजीब मोड़ पर खड़ी है,
कुछ रिश्ते हैं जो निभाए नहीं जाते।
कभी खुशी का झोंका, कभी ग़म की बारिश,
दिल में दबी हुई एक अधूरी सी ख्वाहिश।
हर किसी को दिखता नहीं ये मंज़र मेरा,
बस एक 'एहसास' है, जो करता है मेरी नुमाइश।
ना कोई वजह है, ना कोई ठिकाना,
बस यादों का है एक पुराना फ़साना।
पलकों पर रुके हैं जो मोती बन कर,
उन्हीं अश्कों में छुपा है मेरा ज़माना।