ज़िन्दगी एक साये सी राह है,
हर कदम पर सवालों का मेला।
दिल पूछे, ये सफ़र कहाँ ले जाएगा?
कहीं खो न जाएँ हम, अपनी ही पहचान में।कभी हँसी के फूल बिखरते हैं रास्ते पर,
कभी आँसुओं का सैलाब उमड़ आता है।
फिर भी चलते रहो, बिना रुके, बिना थके,
क्योंकि यही तो है, इंसान का असली इम्तिहान।
- kajal jha